विकलांग कल्याण विभाग ‘दिव्यांगों के द्वार’ कार्यक्रम में दिव्यांगों को लाभान्वित करने के लिए विभिन्न योजनाएं
पुणे, अगस्त (जिमाका)
दिव्यांगजनों के जीवन के दुख-दर्द को दूर करने के लिए प्रशासन को पहल करने की जरूरत है। विकलांग कल्याण विभाग, ‘दिव्यांग के द्वार अभियान’ के अध्यक्ष एवं मुख्य मार्गदर्शक विधायक ओमप्रकाश उर्फ बच्चू कडू ने अधिकारियों से अपील की कि वे संवेदनशील होकर सहयोग करने के लिए आगे आएं और यह सुनिश्चित करें कि दिव्यांगों का सर्वेक्षण ठीक से हो। उन्होंने आश्वासन दिया कि दिव्यांग भाइयों के कल्याण के लिए जल्द ही एक व्यापक नीति लाई जाएगी।चिंचवड़ स्थित प्रो. रामकृष्ण मोरे सभागार में ’दिव्यांग कल्याण विभाग दिव्यांगों के द्वार’ अभियान के तहत आयोजित कार्यक्रम में वे बोल रहे थे। पिंपरी चिंचवड़ नगर निगम के आयुक्त शेखर सिंह, पुणे नगर निगम के अतिरिक्त आयुक्त डॉ. कुणाल खेमनार, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रमेश चव्हाण, अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी चंद्रकांत वाघमारे, जिला ग्रामीण विकास प्रणाली परियोजना निदेशक शालिनी कडू, पिंपरी चिंचवड़ नगर पालिका के अतिरिक्त आयुक्त प्रदीप जंभाले पाटिल, उपविभागीय अधिकारी स्नेहा किसवे-देवकाते आदि उपस्थित थे।
मुख्य मार्गदर्शक श्री कडू ने कहा कि दिव्यांगों का सर्वे अच्छे से हो इसका ध्यान रखना चाहिए तथा सर्वे के लिए अच्छी गुणवत्ता के सॉफ्टवेयर का उपयोग करने पर जोर देना चाहिए। यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाना चाहिए कि सभी दिव्यांग व्यक्तियों को यूडीआईडी पहचान पत्र और आधार पहचान पत्र मिले। नगर निगमों को बहु-विकलांगता वाले व्यक्तियों के लिए नीति लागू करनी चाहिए और देश के लिए एक मार्गदर्शक के रूप में कार्य करना चाहिए। स्कूलों पर विशेष ध्यान देते हुए वंचित बच्चों की उच्च शिक्षा की सुविधा उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाना चाहिए। उनमें गुणवत्ता को प्रोत्साहित करना होगा। उन्होंने इसके लिए सॉफ्टवेयर बनाने की अपील की।
दिव्यांगों के लिए मंत्रालय शुरू करने का सरकार का फैसला अहम है। ये फैसला दिल को छू लेने वाला है। दिव्यांगजनों की अनेक समस्याएं हैं, जिनके समाधान के लिए सभी विभागों को मिलकर प्रयास करने की जरूरत है। दिव्यांगों की शिकायतें दूर करना ही प्रशासन की सफलता है और उनकी समस्या का समाधान होने पर मिलने वाली हार्दिक दुआएं भी लाखों के बराबर होती हैं। यदि माह में केवल एक दिन दिव्यांग भाइयों के लिए दिया जाए तो उनकी समस्याएं हल हो सकती हैं।
दिव्यांगों के लिए मंत्रालय शुरू करने का सरकार का फैसला अहम है। ये फैसला दिल को छू लेने वाला है। दिव्यांगजनों की अनेक समस्याएं हैं, जिनके समाधान के लिए सभी विभागों को मिलकर प्रयास करने की जरूरत है। दिव्यांगों की शिकायतें दूर करना ही प्रशासन की सफलता है और उनकी समस्या का समाधान होने पर मिलने वाली हार्दिक दुआएं भी लाखों के बराबर होती हैं। यदि माह में केवल एक दिन दिव्यांग भाइयों के लिए दिया जाए तो उनकी समस्याएं हल हो सकती हैं।
विकलांग लोगों में अपनी शारीरिक सीमाओं के बावजूद बहुत आत्मविश्वास होता है। अगर आप उनका साथ देंगे तो वे बड़ी सफलता हासिल कर सकते हैं। इस संबंध में शासन स्तर पर प्रयास किये जा रहे हैं। दिव्यांगों के लिए 82 सरकारी फैसले जारी किये गये हैं। दिव्यांगों के लिए 5 प्रतिशत राशि खर्च करने वाला महाराष्ट्र देश का पहला राज्य है। श्री कडू ने यह भी कहा कि वह बैंक खाते में वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए एक प्रणाली बनाने पर विचार कर रहे हैं ताकि विकलांगों को दी जाने वाली वित्तीय सहायता हर महीने समय पर प्राप्त हो सके। उन्होंने पिंपरी चिंचवड़ मनपा द्वारा दिव्यांग भवन के लिए की गई पहल को लेकर मनपा प्रशासन को बधाई दी।
कमिश्नर श्री शेखर सिंह ने कहा कि दिव्यांग बंधुओं की समस्याओं के समाधान के लिए विभिन्न स्तरों पर प्रयास किये जा रहे हैं। दिव्यांग कल्याण विभाग के माध्यम से हर जिले में दिव्यांगों को लाभ वितरित किया जा रहा है। यह गतिविधि देश के लिए मार्गदर्शक बनेगी। पिंपरी चिंचवड़ नगर निगम ने 16 प्रकार की विकलांगता कल्याण योजनाएं लागू की हैं। सभी 21 प्रकार की विकलांगताओं के लिए ‘वन स्टॉप सेंटर’ सुविधाओं और उपचार विधियों के साथ दिव्यांग भवन स्थापित करने वाला यह राज्य का पहला नगर निगम होगा। इस स्थान पर विकलांग व्यक्तियों के लिए पुनर्वास एवं उपचार संबंधी सभी सेवाएँ उपलब्ध होंगी। इस बिल्डिंग के अंतिम चरण का काम शुरू हो चुका है।
कमिश्नर श्री शेखर सिंह ने कहा कि दिव्यांग बंधुओं की समस्याओं के समाधान के लिए विभिन्न स्तरों पर प्रयास किये जा रहे हैं। दिव्यांग कल्याण विभाग के माध्यम से हर जिले में दिव्यांगों को लाभ वितरित किया जा रहा है। यह गतिविधि देश के लिए मार्गदर्शक बनेगी। पिंपरी चिंचवड़ नगर निगम ने 16 प्रकार की विकलांगता कल्याण योजनाएं लागू की हैं। सभी 21 प्रकार की विकलांगताओं के लिए ‘वन स्टॉप सेंटर’ सुविधाओं और उपचार विधियों के साथ दिव्यांग भवन स्थापित करने वाला यह राज्य का पहला नगर निगम होगा। इस स्थान पर विकलांग व्यक्तियों के लिए पुनर्वास एवं उपचार संबंधी सभी सेवाएँ उपलब्ध होंगी। इस बिल्डिंग के अंतिम चरण का काम शुरू हो चुका है।
चूंकि शहर में विकलांग लोगों के रिकॉर्ड कम हैं, इसलिए उनका सर्वेक्षण किया जा रहा है। कम उम्र में विकलांगता के निदान और उपचार के लिए 210 बालबाड़ियों में एक सर्वेक्षण आयोजित किया जाएगा और प्रत्येक 18 बालबाड़ियों के पीछे एक उपचार केंद्र शुरू किया जाएगा। पिंपरी चिंचवड़ निरामय आरोग्य बीमा योजना का प्रीमियम भुगतान करने वाला पहला नगर निगम है। इस वर्ष से 2 हजार 300 व्यक्तियों को योजना का लाभ दिया गया है। दिव्यांगता सर्वे के बाद यह संख्या बढ़ेगी। दिव्यांगों को जीवन का प्रमाणपत्र घर-घर पहुंचाने की व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने बताया कि इस वर्ष से मशीन चालित एवं बैटरी चालित व्हीलचेयर उपलब्ध कराने की सुविधा प्रदान की जायेगी।
डॉ. खेमनार ने कहा कि दिव्यांगों के लिए सरकार के विभिन्न विभाग एक छतरी के नीचे आ गए हैं। सरकार दिव्यांगों को विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित करने का प्रयास कर रही है, लेकिन दस्तावेजों की समस्या को दूर करने के लिए शिविर का आयोजन किया गया है। पुणे नगर निगम विकलांग लोगों के लिए 12 योजनाएं लागू करता है। पीएमपीएल बसों में दिव्यांगों के लिए मुफ्त पास योजना है। आने वाले समय में और भी योजनाएं प्रस्तावित की गई हैं। इसमें गंभीर बीमारी के लिए 1 लाख रुपये और खेल उपकरण की खरीद के लिए 30,000 रुपये तक की वित्तीय सहायता का प्रस्ताव किया गया है। जल्द ही मोबाइल एप के माध्यम से दिव्यांगों का सर्वे शुरू किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि ‘स्किल इंडिया’ के तहत दिव्यांगों को उनके घर के पास ही प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा।
मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री चव्हाण ने कहा कि दिव्यांगों के लिए विभिन्न सरकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। सरकार की योजनाओं को दिव्यांगों तक पहुंचाने के लिए क्षेत्रीय स्तर पर किए जा रहे कानून के क्रियान्वयन में तेजी लाने के लिए विधायक बच्चू कडू के मार्गदर्शन में यह कार्यक्रम आयोजित किया गया। सरकार के विभिन्न 40 विभागों के माध्यम से 26 हजार लाभार्थियों को सामान के रूप में वित्तीय सहायता और लाभ दिया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में सभी दिव्यांगों को योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए दिव्यांगता सर्वेक्षण कराया जायेगा।
विधायक श्री कडू ने प्रतिनिधि रूप से दिव्यांग बंधुओं को शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ दिया। दत्ता भोसले, धमेंद्र सातव और अभय पवार को उनके सामाजिक कार्यों के लिए गणमान्य व्यक्तियों द्वारा सम्मानित किया गया। कार्यक्रम से पहले विधायक बच्चू कडू ने शिविर के विभिन्न कमरों का दौरा कर जानकारी ली। कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं बड़ी संख्या में दिव्यांगजन उपस्थित थे।
विधायक श्री कडू ने प्रतिनिधि रूप से दिव्यांग बंधुओं को शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ दिया। दत्ता भोसले, धमेंद्र सातव और अभय पवार को उनके सामाजिक कार्यों के लिए गणमान्य व्यक्तियों द्वारा सम्मानित किया गया। कार्यक्रम से पहले विधायक बच्चू कडू ने शिविर के विभिन्न कमरों का दौरा कर जानकारी ली। कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं बड़ी संख्या में दिव्यांगजन उपस्थित थे।






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