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जब तक आप अपना गुस्सा मतपेटी के माध्यम से व्यक्त नहीं करेंगे, तब तक ये गड्ढे दूर नहीं होंगे : जनता से राज ठाकरे ने की अपील

 शहर गड्ढों से त्रस्त, शहरों की दुर्दशा की किसी को परवाह नहीं, मतदाता बढ़ोतरी और मतदान अपनी जेब में डालने में सरकार व्यस्त : महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना प्रमुख राज ठाकरे की सरकार पर आलोचना
मनसे हड़पसर मतदार संघ की महिला अध्यक्षा इंद्रायणी अजय न्हावले का जनसंपर्क कार्यालय उद्घाटित
महानगरपालिका चुनाव में मनसे विधानसभा महिला आघाड़ी अध्यक्ष इंद्रायणी अजय न्हावले के जनसंपर्क कार्यालय के पास एक प्रचार सभा राज साहब ने लेने का वादा किया। राज साहब ने संतोष व्यक्त करते हुए इंद्रायणी और अजय न्हावले दंपत्ति द्वारा जारी सामाजिक कार्यों की सराहना की। कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए वैभव चव्हाण, प्रवीण तोटे, करण पाटिल, सागर पगारे, मयुरेश गवले, यशवंतसिंह कलानी, सूरज सालवे, प्रकाश वनपारखे, काका तूरकुंडे, प्रवीण रणवरे, तुषार बुधवंत, काका पाटोले आदि सहयोगी, स्तुति न्हावले फाउंडेशन और अजय न्हावले मित्र परिवार ने अथक परिश्रम किया।
हड़पसर, अगस्त (हड़पसर एक्सप्रेस न्यूज़ नेटवर्क)
पुणे शहर सहित राज्य के सभी शहरों में अनियंत्रित वृद्धि हो रही है। शहरों की दुर्दशा की किसी को परवाह नहीं है, वर्तमान समय में शहर गड्ढों से त्रस्त हैं। इसके खिलाफ पूरे राज्य में हमारा विरोध प्रदर्शन चल रहा है। सरकार को इसकी परवाह नहीं है, मतदाता बढ़ोतरी और मतदान अपनी जेब में डालना, बाकी सब गए तेल लगाने, ऐसी उनकी मानसिकता है। इन शब्दों में महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना प्रमुख राज ठाकरे ने सरकार की आलोचना की। 
महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना हड़पसर विधानसभा मतदार संघ की महिला अध्यक्षा इंद्रायणी अजय न्हावले के कालेबोराटेनगर में स्थित जनसंपर्क कार्यालय और जनसंपर्क कार्यालय की अब तक की प्रगति और विभिन्न सेवाओं व सुविधाओं के बारे में तैयार की गई वेबसाइट का उद्घाटन महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना प्रमुख राज ठाकरे के शुभहाथों किया गया किया, तब पत्रकारों से संवाद करते हुए वे बोल रहे थे। इस अवसर पर यहां महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के नेता अनिल शिदोरे, अविनाश अभ्यंकर, मनसे पुणे शहर के अध्यक्ष साईनाथ बाबर, पूर्व नगरसेवक राजेंद्र वागसकर, मनसे महासचिव किशोर शिंदे, एडवोकेट गणेश सातपुते, हेमंत संभुस, मनसे महिला अघाड़ी नेता सुरेखा होले, मनसे पुणे शहर सचिव प्रतीक वाघे, निकिता चाकणकर, राणी कानडे, मनसे हड़पसर विधानसभा अध्यक्ष अमोल शिरस, गोरख इंगले, वैभव चव्हाण, समीर शिंदे, रूपेश बाबर, अजय जाधव, आबा धारवाडकर, कुलदीप यादव, दादा साठे, खंडू चांदणे, सतीश गायकवाड, आदि के साथ अन्य पदाधिकारीगण व मनसे सैनिक प्रमुख रूप से उपस्थित थे। इस अवसर पर राजसाहब का स्वागत शीला ज्ञानोबा उर्फ अप्पा न्हावले और इंद्रायणी अजय    न्हावले ने महाराष्ट्र की कृषि संस्कृति की प्रतीक बैलगाड़ी, संत तुकाराम महाराज पगड़ी, शॉल,  गुलदस्ता देकर किया।
मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने आगे बोलते हुए कहा कि जिन जन प्रतिनिधियों को आप चुनते हैं, वे ही इन गड्ढों के मुद्दे उठाते हैं और नए सिरे से वोट मांगते हैं। लोग उनकी समस्याओं को नजरअंदाज करते हैं और उन्हें दोबारा चुनते हैं। ये पहली बार नहीं है कि ये गड्ढे हुए हैं, पिछले कई वर्षों से हो रहे हैं और लोग इसमें से ही यात्रा कर रहे हैं, मैं इससे आश्चर्यचकित हूं। जब तक आप अपना गुस्सा मतपेटी के माध्यम से व्यक्त नहीं करेंगे, ये गड्ढे दूर नहीं होंगे। मनसे ने अब तक कई मुद्दों पर विरोध आंदोलन किए हैं, लेकिन क्या हासिल हुआ? फिर भी हमारा आंदोलन पुणे के साथ-साथ मुंबई-गोवा, मुंबई-नासिक रोड पर भी चल रहा है। उम्मीद है कि इसे देखकर सरकार की आंखें खुलेंगी। जनसंख्या के अनुसार से कितने अस्पताल और कितने मकान हों, इसकी प्लानिंग रहती है। मुंबई में ब्रिटिश काल की प्लानिंग अच्छी थी। पैदा हुए हैं इसलिए जी रहे हैं। ऐसी निराशाजनक प्रतिक्रिया राज ठाकरे ने दी। 
आंदोलन के रूप में गुस्सा व्यक्त करते समय कार्यकर्ताओं द्वारा की गई बर्बरता पर ठाकरे ने कहा कि आंदोलन में हर बार तोड़फोड़ की जरूरत नहीं होती। लोगों को परेशानी न हो इसका ध्यान रखा जाए। कार्यकर्ताओं को इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि जिनके लिए हम आंदोलन कर रहे हैं, उन्हें परेशानी न हो।

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