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स्व. प्रा. हरि नरके को हड़पसरवासियों ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि

हड़पसर, अगस्त (हड़पसर एक्सप्रेस न्यूज़ नेटवर्क)
वरिष्ठ लेखक, शोधकर्ता, प्रगतिशील विचारक स्वर्गीय प्रा. हरि नरके को उनकी कर्मभूमि हड़पसर में भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई। हड़पसर के विविध सामाजिक संघटनों की ओर से कन्यादान मंगल कार्याल, हड़पसर में शोकसभा का आयोजन किया गया था। 
शोकसभा में प्रा.सुभाष वारे, पुणे जिला बैंक के पूर्व अध्यक्ष प्रा. दिगंबर दुर्गाडे, विधायक चेतन तुपे, पूर्व राज्यमंत्री बालासाहेब शिवरकर, पूर्व विधायक महादेव बाबर, योगेश टिलेकर, पूर्व उपमहापौर निलेश मगर पूर्व नगरसेवक योगेश ससाणे, सुनील बनकर, संतोष शिंदे, तान्हाजी ससाणे, शिवराम जांभुलकर, प्रमोद सातव, नितिन आरू, बालासाहेब हिंगणे, सचिन आल्हाट, अजीत ससाणे, मंगेश ससाणे, मच्छिंद्र वाडकर, नितिन होले, प्रशांत सुरसे, जीवन जाधव, हड़पसर पाथरी पंचायत के मोहन चिंचकर, धनगर समाज उन्नति मंडल के अनिल धायगुडे, जनगर्जना मंच के विट्ठल सातव, सिद्धार्थ बुद्ध विहार के सचिन आल्हाट, रुपेश आल्हाट, सतीश आल्हाट, मनीषा आल्हाट, समता परिषद के पंढरीनाथ बनकर, माली महासंघ के पांडुरंग माटे, महात्मा फुले समिति के गणेश फुलारे, निलेश ससाणे, चंद्रकांत ताजने, बालू ससाणे, बाबा गोंधले, विशाल तोडकर, विशाल बोरावके, संगीता बोराटे, दिपाली माटे, वैष्णवी सातव, गणेश वाडकर, मंगेश नरके, उज्ज्वला टिलेकर, सुनीता भगत, मनीषा राऊत, वृषाली वाडकर, ईश्वर नरके, सुदाम नरके, तुषार हिंगणे आदि उपस्थित थे। 
मनुवादी विचारधारा के विरुद्ध अपनी लेखनी के माध्यम से रचनात्मक विचार प्रस्तुत करनेवाले प्रा. हरि नरके के विचारों को फैलाना हमारी जिम्मेदारी है। यह विचार प्रा.सुभाष वारे ने व्यक्त किए। 
प्रा. हरि नरके की मृत्यु के बाद समाज में जो उन्मादी, जानबूझ कर ज़हरीली प्रतिक्रियाएँ फैला रहे हैं, उनका सामना उतनी ही शक्ति से करना होगा। यह मत पुणे जिला बैंक के पूर्व अध्यक्ष प्रा. दिगंबर दुर्गाडे ने व्यक्त किए। 
प्रा. हरि नरके द्वारा लिखित महात्मा फुले समग्र वाड्यमय को घर-घर पहुंचाया जाना चाहिए। यह विचार पूर्व राज्यमंत्री बालासाहेब शिवरकर ने व्यक्त किए। 
पूर्व विधायक योगेश टिलेकर ने कहा कि प्रा. हरि नरके ओबीसी आंदोलन की मजबूत नींव थी जो खो गई है, उनके जाने से कभी भी अपूरणीय क्षति हुई है।
पूर्व विधायक महादेव बाबर ने कहा कि प्रा. हरि नरके ने महात्मा फुले समग्र वाड्यमय के लिए उन्होंने अपनी जान नौछावर की। 
विद्यमान विधायक चेतन तुपे ने कहा कि प्रा. हरि नरके ने मराठी भाषा को विशिष्ट दर्जा दिलाने के लिए जीवन भर संघर्ष किया।
श्रद्धांजलि सभा में उपस्थित अन्य गणमान्यों ने भी अपनी भावनाएं व्यक्त कीं। 
सभा का प्रास्ताविक महेंद्र बनकर ने किया। सूत्र संचालन अनिल व्हावल और आभार प्रदर्शन मुकेश वाडकर ने किया।

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