पिंपरी चिंचवड़ शहर में विभिन्न विकास कार्यों की उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ने की समीक्षा
पुणे, अगस्त (जिमाका)
पिंपरी-चिंचवड़ शहर में बढ़ता शहरीकरण साथ ही शहर के भविष्य के हित को ध्यान में रखते हुए यहां के नागरिकों के लिए स्वच्छ जल, मजबूत आवास, शिक्षा, अच्छी स्वास्थ्य सेवा, गुणवत्तापूर्ण सड़कें, स्वच्छता, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, अपशिष्ट जल पर प्रक्रिया करके जल का पुन: उपयोग, परिवहन प्रणाली आदि जैसे बुनियादी ढांचे का विकास किया जाए। बुनियादी ढांचे का विकास करते समय स्थानीय प्रतिनिधियों को विश्वास में लें। बदलते समय के अनुसार इसमें अद्यतन तकनीक का उपयोग करने का उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ने निर्देश दिया।
पिंपरी-चिंचवड महानगरपालिका में शहर के विभिन्न विकास कार्यों को लेकर आयोजित समीक्षा बैठक में वे बोल रहे थे। इस अवसर पर यहां विधायक आण्णा बनसोडे, महानगरपालिका आयुक्त शेखर सिंह, अतिरिक्त आयुक्त प्रदीप जांभले पाटिल, उल्हास जगताप, पूर्व विधायक विलास लांडे, पूर्व महापौर योगेश बहल, संजोग वाघेरे, वैशाली घोडेकर आदि प्रमुख रूप से उपस्थित थे।
श्री पवार ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना जैसी विभिन्न जन कल्याणकारी योजनाएं लागू की जा रही हैं और अधिकारियों को अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचाने के लिए तत्परता से कार्य करना चाहिए। शहर के समग्र विकास के लिए विकासात्मक दृष्टिकोण को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार द्वारा बड़ी मात्रा में निधि उपलब्ध करायी जा रही है। शहर में विकास कार्य करते समय नगर विकास के नियमों के अनुरूप कार्य कराये जायें। कार्य करते समय त्रुटियों को कम करते हुए गुणवत्ता पर बल दिया जाए। केंद्र व राज्य स्तर पर लंबित मुद्दों को सुलझाने का प्रयास किया जाएगा। राज्य सरकार शहर के विकास के लिए प्रतिबद्ध है।
बेहतर स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराने पर जोर
श्री पवार ने कहा कि राज्य सरकार ने नागरिकों को 5 लाख रुपये तक की निःशुल्क स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री सहायता कोष से मरीजों की काफी मदद की जा रही है। प्रत्येक जिले में एक मेडिकल कॉलेज शुरू किया जाएगा। शहर के नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने के लिए विशेष रूप से गहन चिकित्सा विभाग में अनुभवी डॉक्टरों की भर्ती करें। निकट भविष्य में शहर में कैंसर अस्पताल स्थापित करने पर विचार किया जा रहा है।
गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने पर ध्यान दें
विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले, इसके लिए सर्वसुविधायुक्त भवन, शौचालय, ई-क्लासरूम आदि बुनियादी ढांचे पर जोर दिया जाना चाहिए। मनपा प्राथमिक विद्यालय में ई-कक्षा करते समय वाईफाई, एचडी कैमरे, एलईडी डिस्प्ले जैसी नवीनतम तकनीक का उपयोग किया जाना चाहिए। इसके लिए सामाजिक उत्तरदायित्व निधि का उपयोग करें। रोजगार सृजन के अनुरूप आईटीआई में पाठ्यक्रम प्रारंभ करें। नए स्कूल का निर्माण करते समय गरीब विद्यार्थियों को अंग्रेजी माध्यम की शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए मराठी माध्यम के साथ-साथ अंग्रेजी माध्यम के स्कूल भी शुरू करने का प्रयास किया जाना चाहिए।
प्रदूषण मुक्त और झुग्गी-झोपड़ी मुक्त शहर करने पर जोर
प्रदूषण को कम करने के लिए इलेक्ट्रिक नीति के अनुसार इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग की कार्यवाही की जानी चाहिए। कूड़ा-कचरा बहुत सारे प्रदूषण और स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बनता है, इसलिए शहर में कचरे को छांटने और उससे बिजली बनाने पर ध्यान दें। इससे कचरे की समस्या का समाधान करने में मदद मिलेगी। उस क्षेत्र की जनसंख्या के अनुपात में उस क्षेत्र में शमशान भूमि और कब्रिस्तान बनाया जाना चाहिए। बेघर लोगों को पक्का आवास उपलब्ध कराने के लिए कदम उठाएं।
पानी का संयमित प्रयोग करें
वर्तमान मानसून की स्थिति को देखते हुए पानी की कमी की समस्या हर जगह महसूस की जा रही है। शहर में पवना, आंध्र डैम से पानी की आपूर्ति की जा रही है। भविष्य की स्थिति को देखते हुए पानी के किफायती उपयोग की योजना बनाई जानी चाहिए।
बढ़ती आबादी को देखते हुए शहर में सड़क चौड़ीकरण की योजना बनायी जानी चाहिए। यह सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान दें कि सड़कों का विकास गुणवत्तापूर्ण, टिकाऊ तरीके से हो। सुगम यातायात के लिए सड़क से अतिक्रमण हटाया जाए। ऐसे निर्देश भी श्री पवार द्वारा दिये गये।
महानगरपालिका आयुक्त शेखर सिंह ने शहर में विकास कार्यों की जानकारी दी। छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, नागरिकों के लिए बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं, सड़क विकास, प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्के मकान, यातायात नियंत्रण आदि सुविधाएं महानगरपालिका के माध्यम से उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है। बढ़ती जनसंख्या को ध्यान में रखते हुए मोशी में एक नया अस्पताल प्रस्तावित है। महिला सशक्तिकरण के लिए महिला बचत समूहों के लिए एक मॉल स्थापित किया जाएगा। दिव्यांग नागरिकों के लिए विभिन्न गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। नागरिकों को घर बैठे प्रमाणपत्र पहुंचाने की कार्यवाही की जायेगी। पर्यावरण के अनुकूल तरीके से उद्यान विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है।
बैठक में पवना, इंद्रायणी एवं मुला नदी पुनरुद्धार परियोजना, पवना बंद पाइप लाइन, भामा आसखेड परियोजना, 24ु7 जल आपूर्ति योजना, जल भंडारण क्षमता, स्मार्ट सिटी परियोजना, पुनवला का कचरा डिपो, नासिक फाटा-चाकण फाटा, आलंदी से लोहगांव रोड, बायोगैस और सौर ऊर्जा संयंत्र, कचरा प्रश्न, अण्णासाहेब मगर खेल का मैदान, मल जल उपचार संयंत्र, मनपा का नया प्रशासनिक भवन सहित अन्य विषयों पर चर्चा हुई।
पिंपरी-चिंचवड़ शहर में बढ़ता शहरीकरण साथ ही शहर के भविष्य के हित को ध्यान में रखते हुए यहां के नागरिकों के लिए स्वच्छ जल, मजबूत आवास, शिक्षा, अच्छी स्वास्थ्य सेवा, गुणवत्तापूर्ण सड़कें, स्वच्छता, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, अपशिष्ट जल पर प्रक्रिया करके जल का पुन: उपयोग, परिवहन प्रणाली आदि जैसे बुनियादी ढांचे का विकास किया जाए। बुनियादी ढांचे का विकास करते समय स्थानीय प्रतिनिधियों को विश्वास में लें। बदलते समय के अनुसार इसमें अद्यतन तकनीक का उपयोग करने का उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ने निर्देश दिया।
पिंपरी-चिंचवड महानगरपालिका में शहर के विभिन्न विकास कार्यों को लेकर आयोजित समीक्षा बैठक में वे बोल रहे थे। इस अवसर पर यहां विधायक आण्णा बनसोडे, महानगरपालिका आयुक्त शेखर सिंह, अतिरिक्त आयुक्त प्रदीप जांभले पाटिल, उल्हास जगताप, पूर्व विधायक विलास लांडे, पूर्व महापौर योगेश बहल, संजोग वाघेरे, वैशाली घोडेकर आदि प्रमुख रूप से उपस्थित थे।
श्री पवार ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना जैसी विभिन्न जन कल्याणकारी योजनाएं लागू की जा रही हैं और अधिकारियों को अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचाने के लिए तत्परता से कार्य करना चाहिए। शहर के समग्र विकास के लिए विकासात्मक दृष्टिकोण को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार द्वारा बड़ी मात्रा में निधि उपलब्ध करायी जा रही है। शहर में विकास कार्य करते समय नगर विकास के नियमों के अनुरूप कार्य कराये जायें। कार्य करते समय त्रुटियों को कम करते हुए गुणवत्ता पर बल दिया जाए। केंद्र व राज्य स्तर पर लंबित मुद्दों को सुलझाने का प्रयास किया जाएगा। राज्य सरकार शहर के विकास के लिए प्रतिबद्ध है।
बेहतर स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराने पर जोर
श्री पवार ने कहा कि राज्य सरकार ने नागरिकों को 5 लाख रुपये तक की निःशुल्क स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री सहायता कोष से मरीजों की काफी मदद की जा रही है। प्रत्येक जिले में एक मेडिकल कॉलेज शुरू किया जाएगा। शहर के नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने के लिए विशेष रूप से गहन चिकित्सा विभाग में अनुभवी डॉक्टरों की भर्ती करें। निकट भविष्य में शहर में कैंसर अस्पताल स्थापित करने पर विचार किया जा रहा है।
गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने पर ध्यान दें
विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले, इसके लिए सर्वसुविधायुक्त भवन, शौचालय, ई-क्लासरूम आदि बुनियादी ढांचे पर जोर दिया जाना चाहिए। मनपा प्राथमिक विद्यालय में ई-कक्षा करते समय वाईफाई, एचडी कैमरे, एलईडी डिस्प्ले जैसी नवीनतम तकनीक का उपयोग किया जाना चाहिए। इसके लिए सामाजिक उत्तरदायित्व निधि का उपयोग करें। रोजगार सृजन के अनुरूप आईटीआई में पाठ्यक्रम प्रारंभ करें। नए स्कूल का निर्माण करते समय गरीब विद्यार्थियों को अंग्रेजी माध्यम की शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए मराठी माध्यम के साथ-साथ अंग्रेजी माध्यम के स्कूल भी शुरू करने का प्रयास किया जाना चाहिए।
प्रदूषण मुक्त और झुग्गी-झोपड़ी मुक्त शहर करने पर जोर
प्रदूषण को कम करने के लिए इलेक्ट्रिक नीति के अनुसार इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग की कार्यवाही की जानी चाहिए। कूड़ा-कचरा बहुत सारे प्रदूषण और स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बनता है, इसलिए शहर में कचरे को छांटने और उससे बिजली बनाने पर ध्यान दें। इससे कचरे की समस्या का समाधान करने में मदद मिलेगी। उस क्षेत्र की जनसंख्या के अनुपात में उस क्षेत्र में शमशान भूमि और कब्रिस्तान बनाया जाना चाहिए। बेघर लोगों को पक्का आवास उपलब्ध कराने के लिए कदम उठाएं।
पानी का संयमित प्रयोग करें
वर्तमान मानसून की स्थिति को देखते हुए पानी की कमी की समस्या हर जगह महसूस की जा रही है। शहर में पवना, आंध्र डैम से पानी की आपूर्ति की जा रही है। भविष्य की स्थिति को देखते हुए पानी के किफायती उपयोग की योजना बनाई जानी चाहिए।
बढ़ती आबादी को देखते हुए शहर में सड़क चौड़ीकरण की योजना बनायी जानी चाहिए। यह सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान दें कि सड़कों का विकास गुणवत्तापूर्ण, टिकाऊ तरीके से हो। सुगम यातायात के लिए सड़क से अतिक्रमण हटाया जाए। ऐसे निर्देश भी श्री पवार द्वारा दिये गये।
महानगरपालिका आयुक्त शेखर सिंह ने शहर में विकास कार्यों की जानकारी दी। छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, नागरिकों के लिए बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं, सड़क विकास, प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्के मकान, यातायात नियंत्रण आदि सुविधाएं महानगरपालिका के माध्यम से उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है। बढ़ती जनसंख्या को ध्यान में रखते हुए मोशी में एक नया अस्पताल प्रस्तावित है। महिला सशक्तिकरण के लिए महिला बचत समूहों के लिए एक मॉल स्थापित किया जाएगा। दिव्यांग नागरिकों के लिए विभिन्न गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। नागरिकों को घर बैठे प्रमाणपत्र पहुंचाने की कार्यवाही की जायेगी। पर्यावरण के अनुकूल तरीके से उद्यान विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है।
बैठक में पवना, इंद्रायणी एवं मुला नदी पुनरुद्धार परियोजना, पवना बंद पाइप लाइन, भामा आसखेड परियोजना, 24ु7 जल आपूर्ति योजना, जल भंडारण क्षमता, स्मार्ट सिटी परियोजना, पुनवला का कचरा डिपो, नासिक फाटा-चाकण फाटा, आलंदी से लोहगांव रोड, बायोगैस और सौर ऊर्जा संयंत्र, कचरा प्रश्न, अण्णासाहेब मगर खेल का मैदान, मल जल उपचार संयंत्र, मनपा का नया प्रशासनिक भवन सहित अन्य विषयों पर चर्चा हुई।

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