पुणे, सितंबर (हड़पसर एक्सप्रेस न्यूज नेटवर्क)
यशवन्तराव चव्हाण विकास प्रशासन प्रबोधिनी ‘यशादा’, मीडिया एवं प्रकाशन केन्द्र के प्रभारी अधिकारी डॉ. बबन जोगदंड को मराठवाड़ा समन्वय समिति पुणे द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए इस वर्ष का ‘मराठवाड़ा भूषण पुरस्कार’ देने की घोषणा की गई है।
मराठा समन्वय समिति की ओर से पुणे में हर साल 17 सितंबर को मराठवाड़ा मुक्ति दिवस महोत्सव मनाया जाता है। इस अवसर पर हर वर्ष विभिन्न क्षेत्रों के पांच से छह गणमान्य व्यक्तियों को ‘मराठवाड़ा भूषण’ पुरस्कार दिया जाता है।
इस वर्ष डॉ. बबन जोगदंड को शिक्षा के क्षेत्र में उनके विशेष योगदान के लिए ‘मराठवाड़ा भूषण पुरस्कार’ से सम्मानित किया जाएगा। पुरस्कार का वितरण 17 सितंबर को शाम 6 बजे बालगंधर्व रंगमंदिर, पुणे में मराठवाड़ा मुक्ति दिवस महोत्सव कार्यक्रम में किया जाएगा।
डॉ. बबन जोगदंड नांदेड़ जिले के मूल निवासी हैं और पिछले बीस वर्षों से यशदा में काम कर रहे हैं। इससे पहले वह दस साल तक पत्रकारिता में काम कर चुके हैं। खासतौर पर उन्होंने 25 विषयों में डिग्रियां हासिल की हैं और ये डिग्रियां इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज हो चुकी हैं। वह एक अच्छे वक्ता, विद्वान, विचारक और लेखक हैं। सामाजिक क्षेत्र में भी उनका बहुत बड़ा योगदान है। मराठवाड़ा समन्वय समिति के अध्यक्ष राजकुमार धुरगुड़े पाटिल और सचिव दत्ताजी म्हेत्रे ने जानकारी दी है कि शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान को देखते हुए उन्हें इस पुरस्कार के लिए चुना गया है।
यशवन्तराव चव्हाण विकास प्रशासन प्रबोधिनी ‘यशादा’, मीडिया एवं प्रकाशन केन्द्र के प्रभारी अधिकारी डॉ. बबन जोगदंड को मराठवाड़ा समन्वय समिति पुणे द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए इस वर्ष का ‘मराठवाड़ा भूषण पुरस्कार’ देने की घोषणा की गई है।
मराठा समन्वय समिति की ओर से पुणे में हर साल 17 सितंबर को मराठवाड़ा मुक्ति दिवस महोत्सव मनाया जाता है। इस अवसर पर हर वर्ष विभिन्न क्षेत्रों के पांच से छह गणमान्य व्यक्तियों को ‘मराठवाड़ा भूषण’ पुरस्कार दिया जाता है।
इस वर्ष डॉ. बबन जोगदंड को शिक्षा के क्षेत्र में उनके विशेष योगदान के लिए ‘मराठवाड़ा भूषण पुरस्कार’ से सम्मानित किया जाएगा। पुरस्कार का वितरण 17 सितंबर को शाम 6 बजे बालगंधर्व रंगमंदिर, पुणे में मराठवाड़ा मुक्ति दिवस महोत्सव कार्यक्रम में किया जाएगा।
डॉ. बबन जोगदंड नांदेड़ जिले के मूल निवासी हैं और पिछले बीस वर्षों से यशदा में काम कर रहे हैं। इससे पहले वह दस साल तक पत्रकारिता में काम कर चुके हैं। खासतौर पर उन्होंने 25 विषयों में डिग्रियां हासिल की हैं और ये डिग्रियां इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज हो चुकी हैं। वह एक अच्छे वक्ता, विद्वान, विचारक और लेखक हैं। सामाजिक क्षेत्र में भी उनका बहुत बड़ा योगदान है। मराठवाड़ा समन्वय समिति के अध्यक्ष राजकुमार धुरगुड़े पाटिल और सचिव दत्ताजी म्हेत्रे ने जानकारी दी है कि शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान को देखते हुए उन्हें इस पुरस्कार के लिए चुना गया है।

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