भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन-इसरो ने देश के पहले सौर मिशन आदित्य-एल-1 को पृथ्वी की कक्षा में सफलतापूर्वक स्थापित कर दिया है। इसरो ने एक ट्वीट में कहा कि अब इस यान की पृथ्वी से न्यूनतम दूरी 245 किलोमीटर और अधिकतम दूरी 22 हजार 459 किलोमीटर है। इसरो ने कहा है कि यह उपग्रह अच्छी स्थिति में है और सामान्य काम कर रहा है।
आदित्य एल-1 की ऊंचाई पांच सितम्बर को दोपहर तीन बजे के आसपास एक बार फिर बढाई जाएगी। पृथ्वी की कक्षा में इस उपग्रह की ऊंचाई चार बार बढाई जानी है। इसके बाद 125 दिन में इस उपग्रह के 15 लाख किलोमीटर दूर एल-1 प्वाइंट पहुंचने की संभावना है। आदित्य एल-1 मिशन से सूर्य की बाहरी परत-कोरोना और सौर पवन के संबंध में जानकारी मिल सकेगी। इसे कल सफलतापूर्वक प्रक्षेपित किया गया था।
आदित्य एल-1 की ऊंचाई पांच सितम्बर को दोपहर तीन बजे के आसपास एक बार फिर बढाई जाएगी। पृथ्वी की कक्षा में इस उपग्रह की ऊंचाई चार बार बढाई जानी है। इसके बाद 125 दिन में इस उपग्रह के 15 लाख किलोमीटर दूर एल-1 प्वाइंट पहुंचने की संभावना है। आदित्य एल-1 मिशन से सूर्य की बाहरी परत-कोरोना और सौर पवन के संबंध में जानकारी मिल सकेगी। इसे कल सफलतापूर्वक प्रक्षेपित किया गया था।

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