पुणे, सितंबर (जिमाका)
शहीद जवान दिलीप बालासाहेब ओझरकर का आज राजकीय सम्मान के साथ पुणे छावनी श्मशानभूमि (धोबीघाट) में अंतिम संस्कार किया गया। इस मौके पर भारतीय सेना के जवानों की एक टुकड़ी ने हवा में बंदूक की गोलियां दागकर और अंतिम बिगुल बजाकर शहीद जवान को सलामी दी।
इस अवसर पर विभागीय आयुक्त सौरभ राव ने शहीद जवान दिलीप ओझरकर को पुष्प चक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। शहीद दिलीप ओझरकर के पिता बालासाहेब ओझरकर और उनके छोटे बेटे ने पार्थिव शरीर को मुखाग्नि देकर अंतिम संस्कार किया।
इस अवसर पर विधायक रवींद्र धंगेकर, सुनील कांबले, जिलाधिकारी डॉ. राजेश देशमुख, सैनिक कल्याण विभाग के संचालक ब्रिगेडियर राजेश गायकवाड (नि.), उपसंचालक लेफ्टिनेंट कर्नल आर. आर. जाधव (नि.), जिला सैनिक कल्याण अधिकारी लेफ्टिनेंट कर्नल एस. डी. हंगे (नि.), सेना के विविध पूर्व, वर्तमान अधिकारी, विविध विभागों के अधिकारी और नागरिक उपस्थित थे।
जवान दिलीप ओझरकर 3 सितंबर को कारगिल में देश की सेवा करते हुए शहीद हो गए थे।
शहीद जवान दिलीप बालासाहेब ओझरकर का आज राजकीय सम्मान के साथ पुणे छावनी श्मशानभूमि (धोबीघाट) में अंतिम संस्कार किया गया। इस मौके पर भारतीय सेना के जवानों की एक टुकड़ी ने हवा में बंदूक की गोलियां दागकर और अंतिम बिगुल बजाकर शहीद जवान को सलामी दी।
इस अवसर पर विभागीय आयुक्त सौरभ राव ने शहीद जवान दिलीप ओझरकर को पुष्प चक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। शहीद दिलीप ओझरकर के पिता बालासाहेब ओझरकर और उनके छोटे बेटे ने पार्थिव शरीर को मुखाग्नि देकर अंतिम संस्कार किया।
इस अवसर पर विधायक रवींद्र धंगेकर, सुनील कांबले, जिलाधिकारी डॉ. राजेश देशमुख, सैनिक कल्याण विभाग के संचालक ब्रिगेडियर राजेश गायकवाड (नि.), उपसंचालक लेफ्टिनेंट कर्नल आर. आर. जाधव (नि.), जिला सैनिक कल्याण अधिकारी लेफ्टिनेंट कर्नल एस. डी. हंगे (नि.), सेना के विविध पूर्व, वर्तमान अधिकारी, विविध विभागों के अधिकारी और नागरिक उपस्थित थे।
जवान दिलीप ओझरकर 3 सितंबर को कारगिल में देश की सेवा करते हुए शहीद हो गए थे।


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