निगडी प्राधिकरण, सितंबर (हड़पसर एक्सप्रेस न्यूज नेटवर्क)
गत शनिवार, सितंबर को ग्वालियर, मध्य प्रदेश में ज्येष्ठ साहित्यिक श्री रामचंद्र किल्लेदार द्वारा संपादित ‘मराठी कविताएं हिन्दी में’ मराठी कविताओं का हिंदी अनुवादित प्रातिनिधिक संग्रह का विमोचन किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता साप्ताहिक चैती समाचार पत्र की संपादिका डॉ. उमा कंपूवाले ने की। विशेष अतिथि के रूप में जानेमाने हिंदी साहित्यकार श्री माता प्रसाद शुक्ल, गजलकार श्री राम अवध विश्वकर्मा, ज्येष्ठ कवि श्री शिवाजी सांगले मंच पर उपस्थित थे। अपने विचार सभी ने श्रोताओं के समक्ष रखे।
पुणे, पिंपरी-चिंचवड के काव्यानंद प्रतिष्ठान के सदस्य मा.संध्या केलकर, यशवंत देव, तुकाराम पाटिल, मकरंद घाणेकर, विश्वनाथ शिरढोणकर, जागृति निखारे की कविताएं अंतर्भूत की गयी हैं। ज्येष्ठ साहित्यिक श्री वि. ग. सातपुते की प्रस्तावना है। मुखपृष्ठ श्री शिवाजी सांगले ने तैयार किया है।
गत शनिवार, सितंबर को ग्वालियर, मध्य प्रदेश में ज्येष्ठ साहित्यिक श्री रामचंद्र किल्लेदार द्वारा संपादित ‘मराठी कविताएं हिन्दी में’ मराठी कविताओं का हिंदी अनुवादित प्रातिनिधिक संग्रह का विमोचन किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता साप्ताहिक चैती समाचार पत्र की संपादिका डॉ. उमा कंपूवाले ने की। विशेष अतिथि के रूप में जानेमाने हिंदी साहित्यकार श्री माता प्रसाद शुक्ल, गजलकार श्री राम अवध विश्वकर्मा, ज्येष्ठ कवि श्री शिवाजी सांगले मंच पर उपस्थित थे। अपने विचार सभी ने श्रोताओं के समक्ष रखे।
पुणे, पिंपरी-चिंचवड के काव्यानंद प्रतिष्ठान के सदस्य मा.संध्या केलकर, यशवंत देव, तुकाराम पाटिल, मकरंद घाणेकर, विश्वनाथ शिरढोणकर, जागृति निखारे की कविताएं अंतर्भूत की गयी हैं। ज्येष्ठ साहित्यिक श्री वि. ग. सातपुते की प्रस्तावना है। मुखपृष्ठ श्री शिवाजी सांगले ने तैयार किया है।
यह जानकारी कवि बाबू डिसोजा कुमठेकर द्वारा दी गई है।

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