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भारत की समुद्री ताकत हमारे आर्थिक और रणनीतिक उत्थान के लिए सर्वोत्कृष्ट : उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़

    उपराष्ट्रपति श्री जगदीप धनखड़ ने इस बात पर जोर दिया कि भारत की आर्थिक वृद्धि और वैश्विक प्रभुत्व के लिए देश के समुद्री हितों की रक्षा करने और विशेष रूप से हिंद महासागर क्षेत्र में प्रचलित वर्तमान भू-राजनीतिक और सुरक्षा स्थिति में अतिरिक्त जिम्मेदारियां संभालने के लिए एक आधुनिक नौसेना की आवश्यकता है। भारत के नौसैनिक बल की बढ़ी हुई क्षमता को मान्यता देते हुएउन्होंने भारत-प्रशांत क्षेत्र में नेट सुरक्षा प्रदाता के रूप में देश की भूमिका पर जोर दिया और भारत को "शांतिपूर्णनियम-आधारित समुद्री व्यवस्था को सुरक्षित और सुनिश्चित करने के लिए एक महत्वपूर्ण वैश्विक दिग्गज" के रूप में भी वर्णित किया, जिसे इस समय कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।
    मुंबई में प्रोजेक्ट 17ए के तहत नीलगिरि श्रेणी के स्टील्थ फ्रिगेट के सात युद्धपोतों में से आखिरीमहेंद्रगिरि के जलावतरण के बाद एक सभा को संबोधित करते हुएश्री धनखड़ ने इसे "हमारे देश द्वारा आत्मनिर्भर नौसैनिक बल के निर्माण में की गई अविश्वसनीय प्रगति का एक उपयुक्त प्रमाण" बताया।
    आत्मनिर्भरता के प्रति नौसेना की दृढ़ प्रतिबद्धता की सराहना करते हुए उपराष्ट्रपति ने इस युद्धपोत के निर्माण में हमारे सूक्ष्मलघु और मध्यम उद्यमों की महत्वपूर्ण भूमिका की भी सराहना की। उन्होंने सराहना करते हुए कहा, "नीलगिरि वर्ग के उपकरणों और प्रणालियों के लिए 75 प्रतिशत ऑर्डर स्वदेशी कंपनियों को दिए गए हैं।" उन्होंने लगभग 15 महीनों में एक ही श्रेणी के पांच युद्धपोतों के जलावतरण की भी सराहना की और इसे एक उपलब्धि कहा, जो हम सभी को गौरवान्वित करती है।"
    उपराष्ट्रपति ने इस बात पर जोर दिया कि भारत हमेशा से एक समुद्री यात्रा वाला देश रहा हैजहां लोथल जैसी दुनिया की सबसे पुरानी गोदियां थीं। उन्होंने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि "मात्रा के अनुसार भारत का 90 प्रतिशत से अधिक व्यापार और मूल्य के हिसाब से 68 प्रतिशत से अधिक व्यापारवर्तमान में समुद्री मार्गों से होता है।" उन्होंने कहा कि 2047 तकभारत निश्चित रूप से एक वैश्विक अग्रणी और एक स्थिर शक्ति के रूप में उभरेगा।
    रक्षा बलों में आज महिलाओं द्वारा निभाई गई भूमिका को एक महत्वपूर्ण मोड़ बताते हुएउपराष्ट्रपति ने कहा कि 1992 में लघु सेवा आयोग की स्थापना से लेकर जून 2023 तकभारत ने सभी शाखाओंसंवर्गों और विशेषज्ञताओं में महिलाओं के रक्षा बलों के साथ जुड़ाव को देखा है। उन्होंने कहा,  महिलाएं जिस तरह का कार्यभार संभाल रही हैंउससे हम दुनिया के लिए एक उदाहरण हैं।
    हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री डकैतीनशीले पदार्थों की तस्करीमानव तस्करीअवैध प्रवास और प्राकृतिक आपदाओं जैसी विभिन्न चुनौतियों के बीचउपराष्ट्रपति ने भारतीय नौसेना के साहसक्षमता और प्रतिबद्धता को "एक सच्चे बल को बढ़ावा देने वाला" बताया, जिसने अनुकरणीय तरीके से चुनौतियों का सामना कियासाथ ही सागर (क्षेत्र में सभी के लिए सुरक्षा और विकास) पहल के तहत क्षेत्र में आर्थिक विकास और सुरक्षा सुनिश्चित करने वाले कई भागीदारों के साथ सहयोग भी किया।
    प्राकृतिक आपदाओं के दौरान भारतीय नौसेना की भूमिका को "संकट के दौरान शांति और सद्भावना के वाहक" के रूप में प्रस्तुत करते हुएउपराष्ट्रपति ने कहा कि चुनौतीपूर्ण समय के दौरान उनके लगातार प्रयासों के कारण प्राकृतिक आपदाओं के दौरान जीवन और संपत्ति की क्षति काफी कम हो गई है।
    सिर्फ एक साल पहले जलावतरण किए गए देश के पहले स्वदेशी विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रांत का जिक्र करते हुएश्री धनखड़ ने कहा कि "विक्रांत स्वदेशी क्षमतास्वदेशी कौशल और ऊंची उपलब्धि पाने की हमारी महत्वाकांक्षाओं का प्रतीक है।"
    वित्त वर्ष 2022-23 में मील के पत्थर को पार करते हुए स्वदेशी रक्षा उत्पादन में एक लाख करोड़ रुपए तक उछाल होने के बारे में बात करते हुएउपराष्ट्रपति ने जोर देकर कहा कि "भारत की समुद्री ताकत हमारे आर्थिक और रणनीतिक उत्थान के लिए सर्वोत्कृष्ट है।" स्टार्ट-अप को शामिल करने और स्वदेशीकरण निदेशालय की स्थापना के लिए इनोवेशन फॉर डिफेंस एक्सीलेंस (आई-डेक्सयोजना जैसी सरकार की पहल की सराहना करते हुएउन्होंने उन्हें "सही दिशा में प्रभावशाली कदम" बताया।
    चंद्रयान-चंद्रमा मिशन की हालिया सफलता का हवाला देते हुएजहां शिव-शक्ति बिंदु पर त्रिकोण की मुहर लगाई गई हैउपराष्ट्रपति ने आशा व्यक्त करते हुए कहा कि "महेंद्रगिरिएक बार जलावतरण होने के बादभारत की समुद्री शक्ति के दूत के रूप में गर्व से महासागरों में तिरंगे को फहराएंगे।"
    महाराष्ट्र के राज्यपाल श्री रमेश बैसमहाराष्ट्र के मुख्यमंत्री श्री एकनाथ शिंदेमहाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री श्री देवेन्द्र फड़णवीस,  उप मुख्यमंत्री श्री अजीत पवारनौसेना प्रमुख एडमिरल आर. हरि कुमारएमडीएल के सीएमडी श्री संजीव सिंघल और अन्य प्रतिष्ठित गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

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