हड़पसर, सितंबर (हड़पसर एक्सप्रेस न्यूज़ नेटवर्क)
भारतीय संस्कृति में गुरु-शिष्य परंपरा का अद्वितीय महत्व है। शिक्षक शिष्यों को मार्गदर्शन करके सही मार्ग पर लेकर जाते हैं। एक सामान्य व्यक्ति से सफल व्यक्ति तक के सफर में शिक्षकों का स्थान बहुत महत्वपूर्ण होता है। माता-पिता के बाद स्कूल के शिक्षक ही प्रथम गुरु होते हैं जो जीवन को आकार देते हैं। यह विचार साधना विद्यालय व आर. आर. शिंदे जूनियर कॉलेज के प्राचार्य दत्तात्रय जाधव ने व्यक्त किये। साधना विद्यालय व आर. आर. शिंदे जूनियर कॉलेज हड़पसर में शिक्षक दिन के अवसर पर आयोजित किए गए कार्यक्रम में वे बोल रहे थे। सबसे पहले प्रतिमा का पूजन किया गया। विद्यालय की उप शिक्षिका चित्रा हेंद्रे ने गुरु की महत्ता पर गीत प्रस्तुत किया। छात्र पीयूष कोरडे और वीर गोरे ने शिक्षक दिवस पर अपने विचार व्यक्त किए। कामिनी केदारे ने शिक्षक दिवस मनाने का उद्देश्य और शिक्षकों के महत्व को समझाया। शिक्षक दिवस के अवसर पर विद्यालय के सभी शिक्षकों एवं शिक्षकेतर कर्मचारियों को सम्मानित किया गया। विद्यालय के विद्यार्थियों ने छात्र शिक्षक दिवस मनाकर शिक्षकों की भूमिका को समझा। इस अवसर पर यहां विद्यालय के प्राचार्य दत्तात्रय जाधव, उपमुख्याध्यापिका योजना निकम, पर्यवेक्षक शिवाजी मोहिते, माधुरी राऊत, सेवक अनिल मेमाणे, जूनियर कॉलेज विभाग प्रमुख विजय सोनवणे, पांडूरंग गाडेकर, धनाजी सावंत आदि प्रमुख रूप से उपस्थित थे।
कार्यक्रम का प्रास्ताविक सविता पाषाणकर ने किया। सूत्र-संचालन अनिल वाव्हल और आभार प्रदर्शन वैशाली उफाड ने किया।
कार्यक्रम का प्रास्ताविक सविता पाषाणकर ने किया। सूत्र-संचालन अनिल वाव्हल और आभार प्रदर्शन वैशाली उफाड ने किया।


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