मांजरी, सितंबर (हड़पसर एक्सप्रेस न्यूज़ नेटवर्क)
मांजराई देवी वृद्धाश्रम में गायत्री मुसा बिलूर की कन्या अरियाना मुसा बिलूर के जन्मदिन के अवसर पर मांजराई देवी वृद्धाश्रम में दादा-दादी को उपहार देकर मनाकर एक आदर्श समाज के सामने रखा है। निराश्रितों के साथ आनंद मनाना सरहानीय है, उनके साथ खुशी के चंद लम्हों का बिताना उनके लिए सुखद एहसास होता है, हर किसी ने इसका जीवन में अवश्य एक बार अनुभव लेना चाहिए। यह अनुरोध मांजराई देवी वृद्धाश्रम की संस्थापिका रत्नमाला ताई घुले ने किया है।
इस अवसर पर यहां पुणे शहर पुलिस उपनिरीक्षक राजाराम चव्हाण, दिलीप आप्पा घावटे, तानाजी शेलके, मुसा बिलूर व अन्य अतिथिगण प्रमुख रूप से उपस्थित थे। अरियाना मुसा बिलूर ने अपना जन्मदिन वृद्धाश्रम में दादा-दादी के साथ मनाते हुए केक काटकर आनंद किया।
आगे बोलते हुए रत्नमाला ताई घुले ने कहा कि आज इंसानियत का एक सुनहरा अवसर सृजित हुआ है कि इस नन्हीं बिटिया ने वृद्धाश्रम में दादा-दादी की खुशियाली पूछकर उनके साथ बातचीत करके सबको एक अलग ही खुशी दी। किसी सच्चे भूखे व्यक्ति को दान देना एक तरह से भगवान की सेवा है।
मांजराई देवी वृद्धाश्रम में गायत्री मुसा बिलूर की कन्या अरियाना मुसा बिलूर के जन्मदिन के अवसर पर मांजराई देवी वृद्धाश्रम में दादा-दादी को उपहार देकर मनाकर एक आदर्श समाज के सामने रखा है। निराश्रितों के साथ आनंद मनाना सरहानीय है, उनके साथ खुशी के चंद लम्हों का बिताना उनके लिए सुखद एहसास होता है, हर किसी ने इसका जीवन में अवश्य एक बार अनुभव लेना चाहिए। यह अनुरोध मांजराई देवी वृद्धाश्रम की संस्थापिका रत्नमाला ताई घुले ने किया है।
इस अवसर पर यहां पुणे शहर पुलिस उपनिरीक्षक राजाराम चव्हाण, दिलीप आप्पा घावटे, तानाजी शेलके, मुसा बिलूर व अन्य अतिथिगण प्रमुख रूप से उपस्थित थे। अरियाना मुसा बिलूर ने अपना जन्मदिन वृद्धाश्रम में दादा-दादी के साथ मनाते हुए केक काटकर आनंद किया।
आगे बोलते हुए रत्नमाला ताई घुले ने कहा कि आज इंसानियत का एक सुनहरा अवसर सृजित हुआ है कि इस नन्हीं बिटिया ने वृद्धाश्रम में दादा-दादी की खुशियाली पूछकर उनके साथ बातचीत करके सबको एक अलग ही खुशी दी। किसी सच्चे भूखे व्यक्ति को दान देना एक तरह से भगवान की सेवा है।

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