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उपमुख्यमंत्री अजीत पवार की अध्यक्षता में हुई बैठक में प्रतिष्ठित अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में धनगर छात्रों के लिए प्रवेश की संख्या बढ़ाने का लिया गया निर्णय


-अन्य पिछड़े वर्गों, विमुक्त जातियों, घुमंतू जनजातियों, विशेष पिछड़े वर्गों के छात्रों को भी अब प्रतिष्ठित अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों में मिलेगा प्रवेश
उपमुख्यमंत्री अजीत पवार का कैबिनेट के समक्ष प्रस्ताव लाने का निर्देश
-छात्रों को आवास, भोजन, शैक्षिक रियायतें प्रदान करनेवाली आधार योजना को अन्य पिछड़े वर्ग के छात्रों के लिए भी विस्तारित करने का प्रस्ताव लाया जाए : उपमुख्यमंत्री अजीत पवार का निर्देश

मुंबई, सितंबर (महासंवाद)

धनगर समुदाय के छात्रों के लिए प्रतिष्ठित अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में प्रवेश की संख्या बढ़ाने का निर्णय मंत्रालय में उपमुख्यमंत्री अजीत पवार की अध्यक्षता में हुई बैठक में लिया गया। प्रतिष्ठित अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में शिक्षा के लिए रहनेवाली यह योजना अन्य पिछड़ा वर्ग, विमुक्त जाति, घुमंतू जनजाति और विशेष पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों के लिए को लागू करने का प्रस्ताव कैबिनेट के समक्ष लाने का भी निर्देश उपमुख्यमंत्री ने दिया। अन्य पिछड़ा वर्ग के छात्रों के लिए आवास, भोजन और अन्य शैक्षणिक रियायतें प्रदान करनेवाली आधार योजना का कार्यान्वयन, ओबीसी छात्रों के लिए राज्य में 72 छात्रावासों के लिए सामग्री की खरीद और वित्त व विकास निगम की प्रत्यक्ष ऋण योजना के नियमों और शर्तों में छूट प्रदान करने के बारे में प्रस्ताव पेश करने के निर्देश भी उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ने मंत्रालय में हुई बैठक में दिए। 
उपमुख्यमंत्री अजीत पवार की अध्यक्षता में मंत्रालय में अन्य पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की मांगों और लंबित मुद्दों को लेकर बैठक हुई। बैठक में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री छगन भुजबल, अन्य पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री अतुल सावे, वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव नितिन करीर, नियोजन विभाग के प्रधान सचिव सौरभ विजय, अन्य पिछड़ा एवं बहुजन कल्याण विभाग के सचिव अंशू सिन्हा एवं अन्य उपस्थित थे। 
छात्रों के लिए छात्रावास की सुविधा एक बहुत ही महत्वपूर्ण मुद्दा है। इस संबंध में मार्गदर्शन करते हुए उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ने कहा कि अन्य पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों को भी महानगरों, शहरों एवं जिले के स्थानों में अध्ययन करने की सुविधा मिलनी चाहिए। इसके लिए उन्हें आदिवासी विकास विभाग की ‘स्वयम्’  योजना और सामाजिक न्याय विभाग की स्वाधार” योजना की तर्ज पर ‘आधार’ योजना लागू करनी चाहिए। 
इस योजना के तहत छात्रों को भोजन, आवास और अन्य शैक्षणिक सुविधाओं के लिए उनके आधार से जुड़े बैंक खाते में भत्ता राशि सीधे स्थानांतरित की जाएगी। इस योजना के लिए विद्यार्थियों की संख्या निर्धारित कर विभाग को विस्तृत प्रस्ताव प्रस्तुत करने का भी निर्देश उन्होंने दिया। 
राज्य में अन्य पिछड़ा वर्ग, विमुक्त जाति, घुमंतू जनजाति और विशेष पिछड़ा वर्ग के पोस्ट-मैट्रिक व्यावसायिक शिक्षा ले रहे छात्रों के लिए जिले में 100 छात्रों की क्षमतावाले लड़कों के लिए एक और लड़कियों के लिए एक ऐसे 72 छात्रावास किराए पर लिए जाएंगे। इन छात्रावासों के लिए आवश्यक फर्नीचर और अन्य सामग्रियों की खरीद के लिए एक प्रस्ताव कैबिनेट के समक्ष लाने को भी उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ने मंजूरी दी।
अंग्रेजी माध्यम आवासीय विद्यालयों में प्रवेश के मुद्दे पर उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ने कहा कि वर्तमान में, धनगर समुदाय के लगभग 5,500 छात्रों को शहरों में अंग्रेजी माध्यम के आवासीय विद्यालयों में प्रवेश दिया जाता है।
हालांकि इस योजना के लाभ के लिए आनेवाले आवेदनों की संख्या को देखते हुए इसे बढ़ाया जाएगा। अंग्रेजी माध्यम के आवासीय विद्यालयों में प्रवेश की योजना अन्य पिछड़ा वर्ग, विमुक्त जाति घुमंतू जनजाति, विशेष पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों पर लागू होगी। इस संबंध में प्रतिष्ठित स्कूल का चयन, छात्रों के चयन के मानदंड, नीति बनाई जाएगी। उपमुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिया कि जिन छात्रों को शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत प्रवेश नहीं मिलेगा, ऐसे विद्यार्थियों का इसके लिए प्राथमिकता से विचार किया जाना चाहिए। 
राज्य के अन्य पिछड़ा वर्ग के गरीबी रेखा से नीचे के लाभार्थियों को स्वरोजगार के अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से महाराष्ट्र राज्य अन्य पिछड़ा वर्ग वित्त और विकास निगम की ओर से प्रत्यक्ष ऋण योजना लागू की गई है। इस निगम के माध्यम से एक लाख रुपये तक का ऋण दिया जाता है। हालाँकि, इस योजना के मौजूदा नियम और शर्तों के कारण ऋण वितरण बहुत सीमित है, इसलिए उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ने अण्णासाहेब पाटिल आर्थिक पिछड़ा विकास निगम की तर्ज पर नियम और शर्तों में ढील देने के भी निर्देश दिए।
अन्य पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों एवं युवाओं को शिक्षा एवं रोजगार की सुविधा उपलब्ध कराने हेतु अन्य पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग शीघ्र प्रस्ताव प्रस्तुत करें। आगामी दिसंबर के शीतकालीन सत्र में अनुपूरक मांगों के माध्यम से इसके लिए धनराशि उपलब्ध कराई जाएगी।

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