नई दिल्ली, नवंबर (पसूका)
उपराष्ट्रपति ने संसद भवन में राजस्थान के लक्ष्मणगढ़ स्थित मोदी विज्ञान एवं तकनीकी विश्वविद्यालय से आई छात्राओं को संबोधित किया। अपने संबोधन के दौरान हाल ही में हुई पेपर लीक की घटनाओं का जिक्र करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि पेपर लीक और चीटिंग बहुत घातक बीमारी है। जो भी पेपर लीक में सहयोग करते हैं, पेपर लीक से आर्थिक लाभ कमाते हैं, पेपर को बेचकर पैसा कमाते हैं, वह सबसे पहले आपकी योग्यता पर कुठाराघात करते हैं, वह आपकी मेहनत पर पानी फेर देते हैं, वह आपकी कड़ी मेहनत पर पानी फेर देते हैं, ऐसा किसी व्यवस्था में नहीं होना चाहिए।
श्री धनखड़ ने कहा हम ऐसे समय में रह रहे हैं जब हम चाहते हैं कि हमारे बच्चे और बच्चियां समानता का अधिकार लें, प्रतियोगिता करें, योग्यता के आधार पर उनको स्थान मिले, और ज्यों ही किसी के हाथ में पेपर आ गया वह उनसे आगे निकल जाएगा जिन्होंने अपना खून पसीना एक कर कड़ी मेहनत कर कक्षाओं में उपस्थित होकर, गुरुजनों से ज्ञान लेकर, पूरी तैयारी के साथ परीक्षा दी है। और एक वह है जिसको पेपर मिल गया वह उसी के हिसाब से तैयारी करके गया गया और वह आगे निकल जाएगा।
उपराष्ट्रपति ने जोर देते हुए कहा यह बहुत बड़ी बीमारी है, इस बीमारी का अंत होना बहुत जरूरी है यह हमारी प्रतिभा जो बच्चे बच्चियों में है उसे पर एक तरीके से डाका है। और जो लोग इस घिनौनी हरकत में पड़ते हैं - पैसे के लाभ के लिए - वह समाज की व्यवस्था पर डकैती डालते हैं। वह प्रतिभा पर कुठाराघात करते हैं, ऐसा कभी नहीं होना चाहिए। और जो भी ऐसा दुष्कर्म करते हैं उनको कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए, उन्हें कानून और समाज दोनों से कड़ी सजा मिलनी चाहिए।
नई संसद भवन का जिक्र करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा यह शानदार भवन जो आपने अभी देखा है यह सिर्फ ढाई साल में बन कर तैयार हुआ है। आज आपने दुनिया की सबसे बड़ी पंचायत को आज देखा है, दुनिया में इससे बड़ी पंचायत कहीं नहीं है और यह पंचायत कुछ महीने पहले इतिहास की साक्षी बनी है। इसी पंचायत ने 20 सितंबर को गणेश चतुर्थी के दिन लोकसभा में और 21 सितंबर को राज्यसभा में महिला आरक्षण विधेयक पास किया है। यह बहुत बड़ा डेवलपमेंट है यह आने वाले कई दशकों तक भारत मां का मान बढ़ाएगा।
उपराष्ट्रपति ने संसद भवन में राजस्थान के लक्ष्मणगढ़ स्थित मोदी विज्ञान एवं तकनीकी विश्वविद्यालय से आई छात्राओं को संबोधित किया। अपने संबोधन के दौरान हाल ही में हुई पेपर लीक की घटनाओं का जिक्र करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि पेपर लीक और चीटिंग बहुत घातक बीमारी है। जो भी पेपर लीक में सहयोग करते हैं, पेपर लीक से आर्थिक लाभ कमाते हैं, पेपर को बेचकर पैसा कमाते हैं, वह सबसे पहले आपकी योग्यता पर कुठाराघात करते हैं, वह आपकी मेहनत पर पानी फेर देते हैं, वह आपकी कड़ी मेहनत पर पानी फेर देते हैं, ऐसा किसी व्यवस्था में नहीं होना चाहिए।
श्री धनखड़ ने कहा हम ऐसे समय में रह रहे हैं जब हम चाहते हैं कि हमारे बच्चे और बच्चियां समानता का अधिकार लें, प्रतियोगिता करें, योग्यता के आधार पर उनको स्थान मिले, और ज्यों ही किसी के हाथ में पेपर आ गया वह उनसे आगे निकल जाएगा जिन्होंने अपना खून पसीना एक कर कड़ी मेहनत कर कक्षाओं में उपस्थित होकर, गुरुजनों से ज्ञान लेकर, पूरी तैयारी के साथ परीक्षा दी है। और एक वह है जिसको पेपर मिल गया वह उसी के हिसाब से तैयारी करके गया गया और वह आगे निकल जाएगा।
उपराष्ट्रपति ने जोर देते हुए कहा यह बहुत बड़ी बीमारी है, इस बीमारी का अंत होना बहुत जरूरी है यह हमारी प्रतिभा जो बच्चे बच्चियों में है उसे पर एक तरीके से डाका है। और जो लोग इस घिनौनी हरकत में पड़ते हैं - पैसे के लाभ के लिए - वह समाज की व्यवस्था पर डकैती डालते हैं। वह प्रतिभा पर कुठाराघात करते हैं, ऐसा कभी नहीं होना चाहिए। और जो भी ऐसा दुष्कर्म करते हैं उनको कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए, उन्हें कानून और समाज दोनों से कड़ी सजा मिलनी चाहिए।
नई संसद भवन का जिक्र करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा यह शानदार भवन जो आपने अभी देखा है यह सिर्फ ढाई साल में बन कर तैयार हुआ है। आज आपने दुनिया की सबसे बड़ी पंचायत को आज देखा है, दुनिया में इससे बड़ी पंचायत कहीं नहीं है और यह पंचायत कुछ महीने पहले इतिहास की साक्षी बनी है। इसी पंचायत ने 20 सितंबर को गणेश चतुर्थी के दिन लोकसभा में और 21 सितंबर को राज्यसभा में महिला आरक्षण विधेयक पास किया है। यह बहुत बड़ा डेवलपमेंट है यह आने वाले कई दशकों तक भारत मां का मान बढ़ाएगा।

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