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अगले साल जून से मराठी भाषा विश्वविद्यालय शुरू करने की योजना : उच्च और तकनीकी शिक्षा मंत्री चंद्रकांत पाटिल

मुंबई, नवंबर (महासंवाद)
रिद्धपुर (जिला अमरावती) में एक मराठी भाषा विश्वविद्यालय के लिए विधानमंडल के आगामी शीतकालीन सत्र में एक विधेयक को मंजूरी देकर अगले साल जून से एक मराठी भाषा विश्वविद्यालय शुरू करने की योजना बनाई जाएगी। यह जानकारी उच्च और तकनीकी शिक्षा, कपड़ा उद्योग, संसदीय कार्य मंत्री चंद्रकांत पाटिल ने दी है।
रिद्धपुर (जिला अमरावती) में मराठी भाषा विश्वविद्यालय की स्थापना हेतु गठित समिति ने मंत्री श्री पाटिल को सभागृह में मराठी भाषा विश्वविद्यालय की स्थापना पर एक रिपोर्ट प्रस्तुत की। वह उस समय बात कर रहे थे। इस समय समिति के अध्यक्ष डॉ. सदानंद मोरे, सदस्य प्राचार्य डॉ. दिलीप धोंडगे, डॉ. रमेश वरखेड़े, डॉ. अविनाश आवलगांवकर, श्री कारंजेकर, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव विकासचंद्र रस्तोगी, उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. शैलेश देवालणकर सहित अन्य उपस्थित थे।
मंत्री श्री पाटिल ने कहा कि कई वर्षों से मराठी भाषा विश्वविद्यालय शुरू करने की मांग की जा रही थी। इस मांग के महत्व को देखते हुए सरकार ने समिति का गठन किया था। कमेटी ने दो महीने में अपनी रिपोर्ट पूरी कर ली है। यह रिपोर्ट कैबिनेट बैठक में पेश की जाएगी। उन्होंने मराठी भाषा विश्वविद्यालय की स्थापना के ऐतिहासिक कार्य का मार्ग प्रशस्त करने के लिए समिति के सदस्यों को धन्यवाद दिया। साथ ही इस प्रारूप समिति को मराठी भाषा विश्वविद्यालय की सलाहकार समिति में परिवर्तित किया जाना चाहिए।
मंत्री श्री ने विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि समिति मराठी भाषा विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए सहयोग जारी रखेगी। पाटिल ने कहा कि रिद्धपुर लीला चरित्र लिखने के साथ-साथ मराठी भाषा में पुस्तकों के निर्माण का भी केंद्र रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि विश्वविद्यालय के माध्यम से मराठी भाषा का संरक्षण और प्रचार-प्रसार किया जाएगा।
समिति के अध्यक्ष डॉ. मोरे ने बताया कि मराठी भाषा विश्वविद्यालय में ज्ञान की विभिन्न शाखाओं, पाठ्यचर्या और पाठ्यक्रमों का संचालन करते हुए छात्र रोजगारपरक बनेंगे, इस पर भी विचार किया गया है। मराठी भाषा विश्वविद्यालय पारंपरिक विश्वविद्यालयों से अलग महाराष्ट्र की संस्कृति और परंपराओं को ध्यान में रखते हुए पाठ्यक्रमों के माध्यम से संस्कृति का संवर्धन और जतन किया जाएगा।

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