पुणे, नवंबर (जिमाका)
मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम में महिला, दिव्यांग, बेघर घुमंतुओं एवं विमुक्त जनजातियों के व्यक्तियों, तृतीयपंथीय व्यक्ति, औद्योगिक क्षेत्र के श्रमिकों, युवा मतदाताओं के मतदाता पंजीकरण हेतु समन्वय अधिकारी सावधानीपूर्वक योजना बनाकर अधिक से अधिक संख्या में मतदाताओं का पंजीकरण कराया जाएं। यह निर्देश जिलाधिकारी तथा जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. राजेश देशमुख ने दिए हैं।
वंचित घटक के मतदाता पंजीकरण बढ़ाने के लिए समन्वय अधिकारियों के साथ-साथ मतदाता पंजीकरण अधिकारियों की बैठक में वे बोल रहे थे। इस अवसर पर यहां उप जिला निर्वाचन अधिकारी मीनल कलसकर, स्वीप नोडल अधिकारी तथा उपजिलाधिकारी अर्चना तांबे, हड़पसर विधानसभा मतदार संघ के मतदाता पंजीकरण अधिकारी विवेक जाधव, पुणे कैंटोन्मेंट विधानसभा मतदार संघ के मतदाता पंजीकरण अधिकारी सिद्धार्थ भंडारे, जिला ग्रामीण विकास यंत्रणा परियोजना संचालक शालिनी कडू, समाजकल्याण विभाग के सहायक आयुक्त विशाल लोंढे आदि उपस्थित थे।
डॉ. देशमुख ने कहा कि कुछ वंचित घटकों के मतदाताओं का पंजीकरण कम है, इसलिए प्रशासन द्वारा उनके मतदाता पंजीकरण के लिए समन्वय अधिकारियों की नियुक्ति करके विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। महिलाओं का पंजीकरण बहुत कम वाले कुछ निर्वाचन क्षेत्र भी हैं। ग्रामवार सूची तैयार कर मंडल एवं तालुका स्थानों पर शिविर लगाए जाएं। बचत गुट, स्वयं सहायता गुट और विभिन्न संगठनों से समन्वय स्थापित कर महिलाओं का पंजीकरण बढ़ाया जाए।
सामाजिक संगठनों के माध्यम से तृतीयपंथीय व्यक्तियों को ढूंढकर उन्हें शिविर में मतदाता के रूप में पंजीकृत करने का प्रयास किया जाना चाहिए। तृतीयपंथीय मतदाताओं के पंजीकरण के लिए उन स्थानों का चयन किया जाना चाहिए जहां तृतीयपंथों की आबादी सबसे अधिक है। उनका आवेदन पत्र 6 भी वहीं भरा जाए। कम से कम 5 हजार तृतीयपंथीय व्यक्तियों के पंजीकरण के लक्ष्य को प्राप्त करने का प्रयास किया जाना चाहिए।
विकलांग निधि की सूची में से साथ ही विकलांग निधि से लाभान्वित विकलांग व्यक्तियों की ग्रामवार सूची तैयार की जाए। तद्नुसार मतदाता पंजीकरण आवेदन भरे जाने चाहिए। जिले में कम से कम 3 लाख दिव्यांगों को मतदाता के रूप में पंजीकृत किया जाना चाहिए। वेश्यावृत्ति में लिप्त महिला मतदाताओं के नाम दर्ज कराने के लिए काम करनेवाली जिले की संस्था से समन्वय कर प्रयास किए जाएं।
पुणे जिले में निजी औद्योगिक क्षेत्र में 25 लाख से अधिक श्रमिक काम कर रहे हैं। जिन कंपनियों में श्रमिक अधिक हैं, वहां शिविर लगाकर नए मतदाताओं का पंजीकरण कराने का प्रयास किया जाए। युवा मतदाताओं के लिए ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों के महाविद्यालयों के अंतर्गत राष्ट्रीय सेवा समन्वयक के समन्वय से नए मतदाताओं के पंजीकरण के संबंध में कार्यवाही की जाए। युवा मतदाताओं के लिए प्रतिदिन शिविर आयोजित किए जाएं। ऐसा करते समय प्रचार-प्रसार पर भी जोर दिया जाए। मतदान जागरूकता हेतु घंटागाडी पर प्रचार-प्रसार किया जाए। गांव में दवंडी का आयोजन होना चाहिए। प्रत्येक सप्ताह राजनीतिक प्रतिनिधियों की बैठक आयोजित की जाए।
आगामी शनिवार एवं रविवार को विशेष शिविर का आयोजन
जिले के सभी मतदाता पंजीकरण अधिकारी 4 व 5 नवंबर (शनिवार व रविवार) तथा 25 व 26 नवंबर (शनिवार व रविवार) को छुट्टी के दिन अपने निर्वाचन क्षेत्र में विशेष अभियान चलाएं। इस दिन प्रत्येक मतदान केंद्र पर एक मतदान केंद्र स्तरीय अधिकारी (बीएलओ) उपस्थित रहकर मतदाता पंजीकरण, अपवर्जन आदि कार्य व्यवस्थित ढंग से हो इसका ध्यान रखा जाए। इस अवसर पर उन्होंने यह निर्देश दिए।
बैठक में महिला व बालकल्याण अधिकारी मोनिका रंधवे, जिला एड्स प्रतिबंध व नियंत्रण विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी सुधीर सरवदे, जिला समाज कल्याण अधिकारी प्रविण कोरगंटीवार, जि.प. माध्यमिक शिक्षणाधिकारी सुनंदा वाखारे, औद्यागिक विकास महामंडल के क्षेत्रीय व्यवस्थापक शिवाजी राठोड, श्रीकांत जाधव, सहायक निर्वाचन अधिकारी आदि उपस्थित थे।
मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम में महिला, दिव्यांग, बेघर घुमंतुओं एवं विमुक्त जनजातियों के व्यक्तियों, तृतीयपंथीय व्यक्ति, औद्योगिक क्षेत्र के श्रमिकों, युवा मतदाताओं के मतदाता पंजीकरण हेतु समन्वय अधिकारी सावधानीपूर्वक योजना बनाकर अधिक से अधिक संख्या में मतदाताओं का पंजीकरण कराया जाएं। यह निर्देश जिलाधिकारी तथा जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. राजेश देशमुख ने दिए हैं।
वंचित घटक के मतदाता पंजीकरण बढ़ाने के लिए समन्वय अधिकारियों के साथ-साथ मतदाता पंजीकरण अधिकारियों की बैठक में वे बोल रहे थे। इस अवसर पर यहां उप जिला निर्वाचन अधिकारी मीनल कलसकर, स्वीप नोडल अधिकारी तथा उपजिलाधिकारी अर्चना तांबे, हड़पसर विधानसभा मतदार संघ के मतदाता पंजीकरण अधिकारी विवेक जाधव, पुणे कैंटोन्मेंट विधानसभा मतदार संघ के मतदाता पंजीकरण अधिकारी सिद्धार्थ भंडारे, जिला ग्रामीण विकास यंत्रणा परियोजना संचालक शालिनी कडू, समाजकल्याण विभाग के सहायक आयुक्त विशाल लोंढे आदि उपस्थित थे।
डॉ. देशमुख ने कहा कि कुछ वंचित घटकों के मतदाताओं का पंजीकरण कम है, इसलिए प्रशासन द्वारा उनके मतदाता पंजीकरण के लिए समन्वय अधिकारियों की नियुक्ति करके विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। महिलाओं का पंजीकरण बहुत कम वाले कुछ निर्वाचन क्षेत्र भी हैं। ग्रामवार सूची तैयार कर मंडल एवं तालुका स्थानों पर शिविर लगाए जाएं। बचत गुट, स्वयं सहायता गुट और विभिन्न संगठनों से समन्वय स्थापित कर महिलाओं का पंजीकरण बढ़ाया जाए।
सामाजिक संगठनों के माध्यम से तृतीयपंथीय व्यक्तियों को ढूंढकर उन्हें शिविर में मतदाता के रूप में पंजीकृत करने का प्रयास किया जाना चाहिए। तृतीयपंथीय मतदाताओं के पंजीकरण के लिए उन स्थानों का चयन किया जाना चाहिए जहां तृतीयपंथों की आबादी सबसे अधिक है। उनका आवेदन पत्र 6 भी वहीं भरा जाए। कम से कम 5 हजार तृतीयपंथीय व्यक्तियों के पंजीकरण के लक्ष्य को प्राप्त करने का प्रयास किया जाना चाहिए।
विकलांग निधि की सूची में से साथ ही विकलांग निधि से लाभान्वित विकलांग व्यक्तियों की ग्रामवार सूची तैयार की जाए। तद्नुसार मतदाता पंजीकरण आवेदन भरे जाने चाहिए। जिले में कम से कम 3 लाख दिव्यांगों को मतदाता के रूप में पंजीकृत किया जाना चाहिए। वेश्यावृत्ति में लिप्त महिला मतदाताओं के नाम दर्ज कराने के लिए काम करनेवाली जिले की संस्था से समन्वय कर प्रयास किए जाएं।
पुणे जिले में निजी औद्योगिक क्षेत्र में 25 लाख से अधिक श्रमिक काम कर रहे हैं। जिन कंपनियों में श्रमिक अधिक हैं, वहां शिविर लगाकर नए मतदाताओं का पंजीकरण कराने का प्रयास किया जाए। युवा मतदाताओं के लिए ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों के महाविद्यालयों के अंतर्गत राष्ट्रीय सेवा समन्वयक के समन्वय से नए मतदाताओं के पंजीकरण के संबंध में कार्यवाही की जाए। युवा मतदाताओं के लिए प्रतिदिन शिविर आयोजित किए जाएं। ऐसा करते समय प्रचार-प्रसार पर भी जोर दिया जाए। मतदान जागरूकता हेतु घंटागाडी पर प्रचार-प्रसार किया जाए। गांव में दवंडी का आयोजन होना चाहिए। प्रत्येक सप्ताह राजनीतिक प्रतिनिधियों की बैठक आयोजित की जाए।
आगामी शनिवार एवं रविवार को विशेष शिविर का आयोजन
जिले के सभी मतदाता पंजीकरण अधिकारी 4 व 5 नवंबर (शनिवार व रविवार) तथा 25 व 26 नवंबर (शनिवार व रविवार) को छुट्टी के दिन अपने निर्वाचन क्षेत्र में विशेष अभियान चलाएं। इस दिन प्रत्येक मतदान केंद्र पर एक मतदान केंद्र स्तरीय अधिकारी (बीएलओ) उपस्थित रहकर मतदाता पंजीकरण, अपवर्जन आदि कार्य व्यवस्थित ढंग से हो इसका ध्यान रखा जाए। इस अवसर पर उन्होंने यह निर्देश दिए।
बैठक में महिला व बालकल्याण अधिकारी मोनिका रंधवे, जिला एड्स प्रतिबंध व नियंत्रण विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी सुधीर सरवदे, जिला समाज कल्याण अधिकारी प्रविण कोरगंटीवार, जि.प. माध्यमिक शिक्षणाधिकारी सुनंदा वाखारे, औद्यागिक विकास महामंडल के क्षेत्रीय व्यवस्थापक शिवाजी राठोड, श्रीकांत जाधव, सहायक निर्वाचन अधिकारी आदि उपस्थित थे।

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