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अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति अधिनियम के अनुसार पीड़ितों को धनराशि वितरित

मुंबई, नवंबर (महासंवाद)
अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) संशोधन अधिनियम, 2015 एवं संशोधित नियम, 2016 के तहत वित्तीय वर्ष 2023-24 के दौरान पीड़ितों को 31 करोड़ 88 लाख 50 हजार रुपये की धनराशि उपलब्ध कराई गई है। सामाजिक न्याय विभाग ने जानकारी दी है कि इस संबंध में क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा कार्रवाई जारी है।
नागरिक अधिकार संरक्षण अधिनियम, 1995 के तहत अस्पृश्यता का पालन करना और इसके अभ्यास को बढ़ावा देना एक अपराध है जिसके लिए इस अधिनियम में सजा का प्रावधान किया गया है। अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 अनुसूचित जाति/जनजाति के खिलाफ अत्याचार को नियंत्रित करने के लिए अधिनियमित किया गया है। उस अधिनियम को 1995 में केंद्र सरकार द्वारा संशोधित किया गया है। उक्त संशोधन महाराष्ट्र राज्य में लागू कर दिया गया है। सामाजिक न्याय विभाग द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, मुआवजा अत्याचार के प्रकार या अपराध के प्रकार और उसके लिए निर्धारित संशोधित दरों के अनुसार दिया जाता है।

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