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मुख्यमंत्री ने किए शिवराज पाटिल चाकूरकर के पार्थिव के अंतिम दर्शन

राजकारण के ‘राजयोगी’ और सुसंस्कृत नेता का निधन : मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस

लातूर, 
दिसंबर (हड़पसर एक्सप्रेस न्यूज नेटवर्क)
लोकसभा के पूर्व अध्यक्ष शिवराज पाटिल चाकूरकर के निधन से लगभग छह दशकों तक राजनीति में सक्रिय सेवा देने वाले एक राजयोगी, सुसंस्कृत और अजातशत्रु व्यक्तित्व का देश ने वियोग सहा है। जाति, धर्म, भाषा और पार्टी की सीमाओं से ऊपर उठकर उन्होंने सभी दलों के नेताओं से आत्मीय संबंध स्थापित किए थे। उनके निधन से राज्य और राष्ट्रीय राजनीति में बड़ी रिक्तता उत्पन्न हुई है, इन शब्दो में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
लातूर स्थित देवघर निवास पर मुख्यमंत्री फडणवीस ने शिवराज पाटिल चाकूरकर के पार्थिव का अंतिम दर्शन किया। इस दौरान उन्होंने उनके पुत्र शैलेश पाटिल चाकूरकर, पुत्रवधू डॉ. अर्चना पाटिल चाकूरकर तथा अन्य परिवारजनों को सांत्वना दी। विधायक संभाजी पाटिल निलंगेकर, पूर्व विधायक बसवराज पाटिल, पूर्व विधायक शिवाजीराव पाटील कव्हेकर, जिलाधिकारी वर्षा ठाकुर-घुगे तथा पुलिस अधीक्षक अमोल तांबे भी इस समय उपस्थित थे।
अपने राजनीतिक जीवन में शिवराज पाटिल चाकूरकर ने लातूर नगराध्यक्ष से लेकर केंद्रीय गृह मंत्री, पंजाब के राज्यपाल और लोकसभा अध्यक्ष तक की कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारिया निभाईं। स्वच्छ चरित्र वाले इस नेता ने लोकसभा अध्यक्ष के रूप में कार्य करते हुए एक नया मानक स्थापित किया। राजनीति की संस्कृति कैसी होनी चाहिए और एक सुसंस्कृत नेता कैसा होना चाहिए, इसकी प्रेरणा शिवराज पाटिल चाकूरकर से मिलती है, ऐसा मुख्यमंत्री ने मीडिया से संवाद करते हुए कहा।
मुख्यमंत्री फडणवीस ने बताया कि महायुती सरकार ने जिन भी महत्वपूर्ण निर्णयों को लागू किया, उन पर शिवराज पाटिल चाकूरकर अक्सर स्वयं फोन कर प्रशंसा करते थे। जलयुक्त शिवार अभियान लागू करने के बाद उनसे हुई प्रत्यक्ष भेंट और चर्चा की स्मृति को भी उन्होंने इस अवसर पर याद किया।

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