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आधुनिक साहित्य के दृष्टिकोण से कृष्ण चरित्र का विश्लेषण — एमआईटी स्कूल ऑफ ड्रामा में 'हिंदोत्सव 2026'

आधुनिक साहित्य के दृष्टिकोण से कृष्ण चरित्र का विश्लेषण
एमआईटी स्कूल ऑफ ड्रामा में 'हिंदोत्सव 2026' के तहत साहित्यिक चर्चा और नाट्य प्रस्तुति


लोनी कालभोर, सितंबर (हड़पसर एक्सप्रेस न्यूज़ नेटवर्क)

महाराष्ट्र राज्य हिंदी साहित्य अकादमी, सहज कलात्मक फाउंडेशन और एमआईटी स्कूल ऑफ ड्रामा, एमआईटी आर्ट, डिज़ाइन एंड टेक्नोलॉजी (एडीटी) विश्वविद्यालय, पुणे के संयुक्त तत्वावधान में 'हिंदोत्सव 2026' के अंतर्गत 'आधुनिक साहित्य में कृष्ण' विषय पर साहित्यिक चर्चा एवं नाट्य प्रस्तुति का आयोजन किया गया।

विश्वविद्यालय के राज कपूर सभागृह में आयोजित इस कार्यक्रम में सहज कलात्मक फाउंडेशन के अध्यक्ष अरुण शेखर, महाराष्ट्र राज्य हिंदी साहित्य अकादमी के सहसंचालक सचिन निंबालकर, एमआईटी एडीटी विश्वविद्यालय के प्र-कुलगुरु डॉ. नचिकेत ठाकुर तथा एमआईटी स्कूल ऑफ ड्रामा के विभागाध्यक्ष डॉ. अमोल देशमुख सहित साहित्य, कला और रंगमंच क्षेत्र की अनेक गणमान्य हस्तियाँ उपस्थित थीं। कार्यक्रम का आयोजन महाराष्ट्र शासन के सांस्कृतिक कार्य विभाग के सहयोग से किया गया।

'आधुनिक साहित्य में कृष्ण' विषय पर हुई गहन चर्चा

इस अवसर पर 'आधुनिक साहित्य में कृष्ण' विषय पर डॉ. सुनील देवधर और समीक्षा तेलंग ने अपने विचार व्यक्त किए। चर्चा के दौरान आधुनिक साहित्य में भगवान कृष्ण के व्यक्तित्व के विभिन्न आयामों, समकालीन संदर्भों में उनकी प्रासंगिकता और साहित्यिक अभिव्यक्ति के विविध रूपों पर विचार-विमर्श किया गया।

'सुनो कन्हैया' नाट्य प्रस्तुति ने मोहा मन

इसके बाद अरुण शेखर द्वारा लिखित, एन.के. पंत द्वारा निर्देशित और मिलिंद त्रिवेदी के संगीत से सजी नाट्य प्रस्तुति 'सुनो कन्हैया' का मंचन किया गया, जिसे दर्शकों ने भरपूर सराहा।

महाराष्ट्र के सांस्कृतिक कार्य मंत्री एडवोकेट आशीष शेलार तथा एमआईटी एडीटी विश्वविद्यालय के कार्याध्यक्ष प्रो. डॉ. मंगेश कराड के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम के माध्यम से हिंदी साहित्य, रंगमंच और भारतीय सांस्कृतिक परंपरा में कृष्ण-विचार का समकालीन दृष्टिकोण से अध्ययन प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम में प्रवेश निःशुल्क रखा गया था।

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