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कैम्ब्रिज ने किया MIT-ADT के अंग्रेजी शिक्षा मॉडल का अध्ययन

 चार वर्षों में 10 हजार से अधिक विद्यार्थियों को प्रशिक्षण; इस वर्ष 378 विद्यार्थियों ने हासिल किया C1-C2 स्तर

लोनी कालभोर, सितंबर (हड़पसर एक्सप्रेस न्यूज़ नेटवर्क):

अंग्रेजी भाषा में दक्षता बढ़ाने के लिए पिछले चार वर्षों में 10 हजार से अधिक विद्यार्थियों को प्रशिक्षण देकर कैम्ब्रिज लिंग्वास्किल प्रमाणपत्र दिलाने की पहल के लिए एमआईटी आर्ट, डिजाइन एंड टेक्नोलॉजी (MIT-ADT) विश्वविद्यालय के कार्यों पर आधारित चार वर्षों का प्रभाव अध्ययन (इम्पैक्ट स्टडी) कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी, यूके द्वारा प्रकाशित किया गया है। इस अध्ययन के प्रकाशन के अवसर पर मंगलवार को विश्वविद्यालय के प्रयाग सभागार में लिंग्वास्किल प्रमाणपत्र वितरण समारोह आयोजित किया गया।

कार्यक्रम में कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय के प्रोडक्ट मैनेजर इयान कॉवली मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. डॉ. राजेश एस., प्रोवोस्ट प्रो. डॉ. सायली गणकर, कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी के साउथ एशिया विभाग की प्रमुख डॉ. संगीता मेहता, कैम्ब्रिज परीक्षा केंद्र के प्रबंधक डॉ. अतुल पाटिल तथा विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक डॉ. ज्ञानदेव नीलवर्ण मंच पर उपस्थित रहे।

प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों के लिए अंग्रेजी प्रशिक्षण

एमआईटी-एडीटी विश्वविद्यालय के अधिकृत कैम्ब्रिज सेंटर के माध्यम से प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों के लिए अंग्रेजी भाषा का प्रशिक्षण और मूल्यांकन अनिवार्य किया गया है। इसी पहल के अंतर्गत **‘कैम्ब्रिज इंग्लिश असेसमेंट के माध्यम से रोजगारपरक संचार कौशल को मजबूत करना’** शीर्षक से विश्वविद्यालय द्वारा अंग्रेजी भाषा संबंधी कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। कैम्ब्रिज की ओर से इस पहल का अध्ययन और मूल्यांकन किया गया।

10 हजार से अधिक विद्यार्थियों ने लिया प्रशिक्षण

एमआईटी-एडीटी कैम्ब्रिज सेंटर के माध्यम से पिछले चार शैक्षणिक वर्षों में 10 हजार से अधिक विद्यार्थियों ने अंग्रेजी भाषा दक्षता का प्रशिक्षण प्राप्त कर प्रमाणपत्र हासिल किया है। पिछले शैक्षणिक वर्ष में लिंग्वास्किल परीक्षा में कुल 3,461 विद्यार्थी शामिल हुए। इनमें से 378 विद्यार्थियों ने C1 और C2 स्तर की उच्च अंग्रेजी भाषा दक्षता हासिल की।

विश्वविद्यालय के अनुसार, इन विद्यार्थियों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर के संचार कौशल से संबंधित निर्धारित मानकों को हासिल किया है। इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों में बेहतर अंग्रेजी संचार क्षमता के साथ-साथ आत्मविश्वास और रोजगार के लिए आवश्यक भाषा कौशल विकसित करना है।

वैश्विक रोजगार के लिए संचार कौशल पर जोर

एमआईटी-एडीटी विश्वविद्यालय के कार्यकारी अध्यक्ष प्रो. डॉ. मंगेश कराड की पहल से विद्यार्थियों में वैश्विक रोजगार के लिए आवश्यक संचार कौशल, आत्मविश्वास और भाषाई क्षमता विकसित करने की दिशा में यह कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है।

कैम्ब्रिज द्वारा प्रकाशित प्रभाव अध्ययन में इस पहल को राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के कौशल-आधारित और रोजगारोन्मुखी शिक्षा के उद्देश्यों से जोड़ने का भी उल्लेख किया गया है।

 ‘अंग्रेजी भाषा से दोस्ती करें’ : इयान कॉवली

कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय के प्रोडक्ट मैनेजर इयान कॉवली ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि अंग्रेजी या किसी भी अन्य भाषा को केवल नौकरी पाने का साधन या एक कौशल के रूप में नहीं देखना चाहिए। भाषा से दोस्ती करनी चाहिए। इसके बाद वह कोई भी भाषा हो, उसे सीखना और उसमें दक्षता हासिल करना आसान हो जाता है।

उन्होंने कहा कि अंग्रेजी भाषा से दोस्ती करने के कारण ही उन्हें दुनिया के विभिन्न हिस्सों में जाने और लोगों से संवाद करने का अवसर मिला। उन्होंने विद्यार्थियों से कैम्ब्रिज और MIT-ADT विश्वविद्यालय के बीच बने इस शैक्षणिक संबंध का लाभ उठाने तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर के संचार कौशल विकसित कर अपने सपनों को पूरा करने का आह्वान किया।

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