पुणे, अप्रैल (जिमाका)
केंद्र शासन के ‘एक देश एक राशनकार्ड’ योजना के अन्तर्गत संबंधित उचित मूल्य (रास्तभाव) की दुकान से आधार प्रमाणीकरण करके लाभार्थी को पोर्टेबिलिटी के द्वारा देश के किसी भी राज्य में किसी भी उचित मूल्य की दुकान से, साथ ही राज्य के किसी भी जिले से अनाज देने की सुविधा प्रदान की गई है। सामान्य रूप में राज्य में हर महीना 7 लाख राशनकार्डों पर जिले के अंतर्गत पोर्टेबिलिटी का उपयोग करते हुए अनाज दिया गया है। अप्रैल 2020 से मार्च 2021 कालावधि में 94.56 लाख राशनकार्डधारकों ने जिले के अंतर्गत पोर्टेबिलिटी सुविधा द्वारा अनाज का लाभ लिया है। ‘एक देश एक राशनकार्ड’ योजना की शुरुवात 2018 में इंटिग्रेटेड मैनेजमेंट ऑफ पब्लिक डिस्ट्रिब्युशन सिस्टिम (आईएम- पीडीएस) के रूप में की गई है। अगस्त 2019 में 2 क्लस्टर्स के रूप में महाराष्ट्र, गुजरात, आंध्र प्रदेश व तेलंगणा चार राज्यों में ‘एक देश एक राशनकार्ड’ का कार्यान्वयन प्रयोगात्मक स्वरूप में किया गया है। इन दो क्लस्टर्स में सेे एक क्लस्टर में महाराष्ट्र के साथ गुजरात राज्य था। जनवरी 2020 से ‘एक देश एक राशनकार्ड’ का कार्यान्वयन 12 राज्यों में (महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान, मध्यप्रदेश, तेलंगणा, आंध्रप्रदेश, केरल, कर्नाटक, झारखंड, हरियाणा, त्रिपुरा व गोवा) किया गया। दिसंबर 2020 से कुल 32 राज्य/केंद्र शासित प्रदेशों में यह योजना शुरू की गई है। इन राज्यों व केंद्र शासित प्रदेश में से कोई भी एनएफएसए कार्डधारक बायोमैट्रिक आधार प्रमाणित करके किसी भी राज्य में से अनाज ले सकता है। इस योजना के अंतर्गत 15 अप्रैल 2021 तक महाराष्ट्र के 6320 राशनकार्डों पर लाभार्थियों ने बाहर के राज्यों में अनाज उठाया और साथ ही अन्य राज्य के 3521 राशनकार्डधारकों ने महाराष्ट्र राज्य से अनाज लिया है। राज्य के उचित मूल्य की दुकान से प्रवासी मजदूर (स्थानांतरित मजदूर), गन्ना मजदूर, आदिवासी आदि स्थानांतरण करनेवाले लाभार्थियों को उनके स्थानांतरण की जगह पर कोई भी उचित मूल्य की दुकान में अनाज प्राप्त करने की सुविधा पोर्टेबिलिटी के द्वारा ई-पॉस उपकरण पर उपलब्ध करवाकर दी गई है। इस हेतु लाभार्थियों को वर्तमान स्थिति वाले राशनकार्ड पर 12 अंक क्रमांक का उपयोग करते हुए आधार प्रमाणीकरण के द्वारा अनाज वितरण की आपूर्ति की गई है।
केंद्र शासन के ‘एक देश एक राशनकार्ड’ योजना के अन्तर्गत संबंधित उचित मूल्य (रास्तभाव) की दुकान से आधार प्रमाणीकरण करके लाभार्थी को पोर्टेबिलिटी के द्वारा देश के किसी भी राज्य में किसी भी उचित मूल्य की दुकान से, साथ ही राज्य के किसी भी जिले से अनाज देने की सुविधा प्रदान की गई है। सामान्य रूप में राज्य में हर महीना 7 लाख राशनकार्डों पर जिले के अंतर्गत पोर्टेबिलिटी का उपयोग करते हुए अनाज दिया गया है। अप्रैल 2020 से मार्च 2021 कालावधि में 94.56 लाख राशनकार्डधारकों ने जिले के अंतर्गत पोर्टेबिलिटी सुविधा द्वारा अनाज का लाभ लिया है। ‘एक देश एक राशनकार्ड’ योजना की शुरुवात 2018 में इंटिग्रेटेड मैनेजमेंट ऑफ पब्लिक डिस्ट्रिब्युशन सिस्टिम (आईएम- पीडीएस) के रूप में की गई है। अगस्त 2019 में 2 क्लस्टर्स के रूप में महाराष्ट्र, गुजरात, आंध्र प्रदेश व तेलंगणा चार राज्यों में ‘एक देश एक राशनकार्ड’ का कार्यान्वयन प्रयोगात्मक स्वरूप में किया गया है। इन दो क्लस्टर्स में सेे एक क्लस्टर में महाराष्ट्र के साथ गुजरात राज्य था। जनवरी 2020 से ‘एक देश एक राशनकार्ड’ का कार्यान्वयन 12 राज्यों में (महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान, मध्यप्रदेश, तेलंगणा, आंध्रप्रदेश, केरल, कर्नाटक, झारखंड, हरियाणा, त्रिपुरा व गोवा) किया गया। दिसंबर 2020 से कुल 32 राज्य/केंद्र शासित प्रदेशों में यह योजना शुरू की गई है। इन राज्यों व केंद्र शासित प्रदेश में से कोई भी एनएफएसए कार्डधारक बायोमैट्रिक आधार प्रमाणित करके किसी भी राज्य में से अनाज ले सकता है। इस योजना के अंतर्गत 15 अप्रैल 2021 तक महाराष्ट्र के 6320 राशनकार्डों पर लाभार्थियों ने बाहर के राज्यों में अनाज उठाया और साथ ही अन्य राज्य के 3521 राशनकार्डधारकों ने महाराष्ट्र राज्य से अनाज लिया है। राज्य के उचित मूल्य की दुकान से प्रवासी मजदूर (स्थानांतरित मजदूर), गन्ना मजदूर, आदिवासी आदि स्थानांतरण करनेवाले लाभार्थियों को उनके स्थानांतरण की जगह पर कोई भी उचित मूल्य की दुकान में अनाज प्राप्त करने की सुविधा पोर्टेबिलिटी के द्वारा ई-पॉस उपकरण पर उपलब्ध करवाकर दी गई है। इस हेतु लाभार्थियों को वर्तमान स्थिति वाले राशनकार्ड पर 12 अंक क्रमांक का उपयोग करते हुए आधार प्रमाणीकरण के द्वारा अनाज वितरण की आपूर्ति की गई है।
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