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हड़पसर की सब्जी मंडी बरसात के पानी से लबालब पानी का निकास नहीं; सब्जी विक्रेता परेशान

समस्या से अवगत कराया फिर भी प्रशासन रहा लापरवाह : मयूर फडतरे
हड़पसर की सब्जी मंडी  में बरसात के पानी में सब्जी बेचती हुई विक्रेता।
हड़पसर, जून (ह.ए. प्रतिनिधि)

हड़पसर की सब्जी मंडी डूब गई बरसात के पानी में, सब्जी कैसे बेचें, यह बड़ा सवाल सब्जी विक्रेताओं के सामने है। सब्जी मंडी के शासकीय अधिकारियों द्वारा की गई लापरवाही व अनदेखेपन का यह नतीजा है, जिसका खामियाजा सब्जी विक्रेताओं को भुगतना पड़ रहा है। बरसात के पानी का निकास न होने के कारण सब्जी मंडी में पानी ही पानी हो गया है, जिसका सीधा असर सब्जी विक्रेताओं के माल पर हो रहा है और उन्हें नुकसान सहन करना पड़ रहा है। अगर सही समय पर ही प्रशासन की ओर से कदम उठाया गया होता तो आज सब्जी मंडी के हालात ऐसे न होते। आज की पूरी स्थिति के लिए प्रशासन पूरी तरह से जिम्मेदार है? यह सवाल शिवसैनिक मयूर फड़तरे ने किया है।
उन्होंने आगे कहा कि सब्जी मंडी में गरीब सब्जी विक्रेताओं के रोजी-रोटी का प्रश्न उत्पन्न हो गया है। बड़ी मेहनत करके वे अपना सब्जी बेचने का व्यवसाय यहां करते हैं, लेकिन उनके सब्जी बेचने के व्यवसाय पर पानी ही फिर गया है। सब्जी विक्रेताओं ने सब्जी मंडी की पूरी स्थिति से शासकीय अधिकारियों को अवगत कराया था, जिस पर उन्होंने ध्यान नहीं दिया है? किसी भी तरह न काम किया गया न ही कुछ उपाययोजना! यहां सब्जी मंडी के अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं। उनकी लापरवाही का यह परिणाम है कि चेंबर साफ न होने के चलते बारिश के पानी का निकास नहीं हो पा रहा है। चेंबर लाइन की साफ सफाई न होने के कारण वह पूरी तरह से भरा हुआ है और इसकी सफाई भी नहीं  होती है।
अंत में मयूर फड़तरे ने कहा कि सब्जी विक्रेताओं ने जब सब्जी मंडी के अधिकारियों को मंडी के बारे में अवगत कराया था, तब अधिकारियों द्वारा कदम उठाए गए होते तो आज सब्जी मंडी की यह परिस्थिति न होती। अब तो प्रशासन की आंखें खुलनी चाहिए और मंडी की जो स्थिति हो गई है, उसे बदलने के लिए पहल करनी चाहिए और सब्जी विक्रेताओं को राहत देनी चाहिए।

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