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कोविड-19 इलाज के लिए एन.आई.सी.ई. द्वारा बनाए गए नियमों के संबंध में मीडिया समाचारों का खंडन


नेटवर्क ऑफ इन्फल्युएन्जा केयर एक्सपर्ट द्वारा विकसित किए गए नियमों को आयुष्य मंत्रालय की मान्यता नहीं 
राष्ट्रीय प्राकृतिक चिकित्सा संस्थान, पुणे से प्रत्युत्तर/प्रकटीकरण

मुंबई, जुलाई (ह.ए. प्रतिनिधि) 

राष्ट्रीय प्राकृतिक चिकित्सा संस्था (एन. आय.एन.), पुणे, (आयुष मंत्रालय, भारत सरकार) संस्था ने नेटवर्क ऑफ इन्फ्लूएंजा केयर एक्सपर्ट (एन.आई.सी.ई.) ने विकसित शिष्टाचार को मान्यता दी नहीं गई है। एन. आई. एन. कोविड-19 के लिए प्राकृतिक चिकित्सा सर्वोत्तम प्रथाओं का प्रलेखन (दस्त ऐवजीकरण) करता है। इसके अनुसार एन. आई.एन. ने एन.आई.सी.ई. (केंद्र अहमदनगर) में  प्रारंभिक विधि का प्रलेखन (दस्त ऐवजीकरण) करने के लिए पूर्वसूचक अवलोकन अध्ययन आयोजित किया गया है। पूर्वसूचक अवलोकन अध्ययन के अनुसार एन. आई. सी.ई. (केंद्र अहमदनगर) में शुरू पद्धति पूर्णरूप से शैक्षणिक गतिविधि का हिस्सा है और वे किसी भी तरह से समर्थन नहीं माना जाता है। 23 जुलाई 2021 को एन.आई.सी.ई. ने प्रेस कांफ्रेंस में बयान दिया और पीपीई किट, मास्क व सोशल डिस्टन्सिंग रखने की जरूरत नहीं है, ऐसा वीडियो सोशल मीडिया में प्रसारित किया गया। राष्ट्रीय प्राकृतिक चिकित्सा संस्था, कोविड इस महामारी के दौरान सोशल डिस्टन्सिंग, मास्क परिधान करना ऐसी योग्य मार्गदर्शक सूचनाओं का कड़ाई से पालन कर रहा है साथ ही एन. आई.एन. मार्गदर्शक सूचनाओं का कोविड 19 के प्रतिबंध व संरक्षण के लिए आवश्यक समझता है। राष्ट्रीय प्राकृतिक चिकित्सा संस्था तकनीकी टीम द्वारा तैयार की गई रिपोर्ट एन.आई.सी.ई. टीम और मरीजों के साथ साक्षात्कार और चर्चा के आधार पर प्रारंभिक अवलोकन का हिस्सा है। साथ यह भी निष्कर्ष निकाला गया कि इसका पुनरुत्पादन शैक्षणिक गतिविधियों का एक हिस्सा है। तथापि, एन. आई.एन. एन. आई. सी.ई. के प्रोटोकॉल को मंजूरी नहीं देती है या उनके दावों को स्वीकार नहीं करता है। इस तरह के निष्कर्षों को पूरी तरह से वैज्ञानिक जांच के बाद ही स्वीकार किया जा सकता है।
आखिर एन.आई.सी.ई. ने राष्ट्रीय प्राकृतिक चिकित्सा संस्था, आयुष मंत्रालय नाम का इस्तेमाल कर आयुष उपचार विधियों को मान्यता देते समय किसी भी तरह की अनुमति नहीं ली गई और प्रेस कॉन्फ्रेंस में एन.आई.एन. आयुष का नाम और राष्ट्रीय प्रतीक का अनधिकृत रूप से उपयोग किया गया है। 
राष्ट्रीय प्राकृतिक चिकित्सा संस्था, आयुष मंत्रालय संस्था एन. आई. सी. ई. को ऐसे वीडियो और उस संदर्भ के उनके विधान, निष्कर्ष वापस लेने के लिए कह रहा है व यह भविष्य में ऐसा नहीं करने को भी सूचित करता है। यह जानकारी पुणे रक्षा विभाग के जनसंपर्क अधिकारी श्री महेश अय्यंगार द्वारा दी गई है।

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