मुख्य समाचार

6/recent/ticker-posts

‘मुख्यमंत्री महास्वास्थ्य कौशल विकास कार्यक्रम’ स्वास्थ्यमय, निरोगीमय महाराष्ट्र के लक्ष्य का कदम : मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे

हेल्थकेयर, नर्सिंग, पैरामेडिकल का 20 हजार युवाओं को मिलेगा प्रशिक्षण
मुंबई, जुलाई (महासंवाद)

कोरोना के हालातों में जरूरी हेल्थकेयर, नर्सिंग, पैरामेडिकल जैसे क्षेत्रों में विभिन्न 36 पाठ्यक्रमों से आगामी तीन महीने में 20 हजार प्रशिक्षित मानव संसाधन उपलब्ध कराये जाएंगे, इसके लिए ‘मुख्यमंत्री महास्वास्थ्य कौशल विकास कार्यक्रम’ का मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के हाथों और उपमुख्यमंत्री अजीत पवार की प्रमुख उपस्थिति में शुभारंभ किया गया है। कोरोना संक्रमण के मद्देनज़र स्वास्थ्य क्षेत्र का महत्व रेखांकित हुआ है। इस क्षेत्र को अधिक पैमाने पर मानव संसाधन उपलब्ध कराने के लिए सरकार कटिबद्ध है। शुरू किए गए योजना से स्वास्थ्य क्षेत्र को कुशल मानव संसाधन उपलब्ध होगा। यह स्वास्थ्यमय, निरोगी महाराष्ट्र के लक्ष्य की ओर बढ़ने के लिए महत्वपूर्ण कदम साबित होगा, यह विश्वास मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने व्यक्त किया।
मुख्यमंत्री श्री ठाकरे ने कहा कि समय की जरूरत को पहचानते हुये हम यह प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू कर रहे हैं। हाल ही में हुए अधिवेशन में परिशिष्ट मांगों के द्वारा स्वास्थ्य विभाग को सर्वाधिक निधि उपलब्ध कराई गई है। कोरोना संकट के दिनों में हमने स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए सुविधाओं का बड़े पैमाने पर निर्माण किया है, लेकिन अगर यह सुविधाएं संभालने के लिए प्रशिक्षित मानव संसाधन नहीं होगा, तब इन सुविधाओं का उपयोग नहीं होगा। श्री ठाकरे ने कहा कि कौशल विकास विभाग द्वारा शुरू किए गए उपक्रम से मानव संसाधन तैयार होने के साथ-साथ राज्य के  बेरोजगार युवक-युवतियों को रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। राज्य में यह योजना प्रभावपूर्ण तरीके से चलाई जाएगी।
इस दौरान उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ने कहा कि योजना के लिए साधारणत:  35 से 40 करोड़ रुपये का खर्च अपेक्षित है। अभी 20 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। योजना के महत्व को ध्यान में रखते हुए शेष निधि भी उपलब्ध कराई जाएगी। वर्तमान में जिन युवाओं में कौशल है, वह कभी भी भूखा नहीं रहता, इसलिए कौशल विकास विभाग के इस कार्यक्रम की बेरोजगारी निर्मूलन में महत्वपूर्ण भूमिका होने की बात भी श्री पवार ने इस दौरान कही।
कौशल विकास मंत्री नवाब मलिक ने कहा कि यह योजना घोषित करने के बाद केंद्र ने भी ऐसी योजना शुरू की है। वर्तमान में राज्य में इस योजना से 20 हजार युवाओं के प्रशिक्षण देने का लक्ष्य भी रखा गया है।  विभाग ने रोजगार निर्माण के लिए चलाये गए विभिन्न उपक्रम से जून 2021 में 15 हजार 366 बेरोजगारों को रोजगार उपलब्ध हुआ है। विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत कुशल उम्मीदवारों को प्रमाणित करने के लिए विभाग ने आरपीएल का कार्यक्रम घोषित किया है। इससे 1 लाख कुशल उम्मीदवारों को प्रमाणित किया जाएगा। श्री मलिक ने कहा कि युवाओं को सिर्फ प्रशिक्षण ही नहीं बल्कि उसके बाद रोजगार देने के लिए विभाग ने महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।

ऑन जॉब ट्रेनिंग पद्धति से होगा प्रशिक्षण
सभी के लिए स्वास्थ्य नीति को गति देने के लिए स्वास्थ्य क्षेत्र में कुशल मानव संसाधन उपलब्ध हो सके, इसके लिए कौशल विकास, रोजगार व उद्यमिता विभाग के महाराष्ट्र राज्य कौशल विकास सोसाइटी की ओर से यह प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाया जाएगा। सार्वजनिक स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा विभाग के संयुक्त तत्वावधान में यह अभियान चलाया जाएगा। स्वास्थ्य क्षेत्र के प्रशिक्षित मानव संसाधन अधिक प्रमाण में उपलब्ध होने के लिए स्वास्थ्य क्षेत्र में काम करने के लिए इच्छुक उम्मीदवारों को पैरामेडिकल क्षेत्र के कौशल विकास प्रदान कर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए यह योजना बनाई गई है। राज्य के 348 चिकित्सा महाविद्यालय, सरकारी अस्पताल और उत्कृष्ट निजी अस्पतालों को प्रशिक्षण केंद्र के रूप में पंजीकृत किया गया है और इस माध्यम से प्रशिक्षण समेत ऑन जॉब ट्रेनिंग पद्धति से प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके लिए कुल 500 प्रशिक्षण केंद्र कार्यान्वित किए जाएंगे। इन केन्द्रों से 20 हजार उम्मीदवारों को प्रशिक्षण देने का लक्ष्य है। इसमें से 5 हजार उम्मीदवारों को पहले चरण में प्रशिक्षण दिया जाएगा। उत्तम बुनियादी सुविधायुक्त अस्पतालों में उम्मीदवारों को प्रशिक्षण स्थानीयस्तर पर ही उपलब्ध होगा। प्रशिक्षण का लाभ लेने के लिए राज्य के युवक, युवतियां कौशल विकास विभाग के https://www.mahaswayam.gov.in पोर्टल पर पंजीकरण करें।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ