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दक्षिणी विभाग के थल सेना प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल जे. एस. नैन ने पुणे में राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर कारगिल युद्ध में शहीद हुए वीर जवानों को दी श्रद्धांजलि

कारगिल युद्ध के दिग्गज देश के लिए प्रेरणा स्रोत हैं : जे. एस. नैन
पुणे, जुलाई (ह.ए. प्रतिनिधि) 

सेना के दक्षिणी कमान मुख्यालय ने आज 1999 में कारगिल में पाकिस्तान पर भारतीय सशस्त्र बलों की जीत के उपलक्ष्य में कारगिल विजय दिवस मनाया। 
हर साल 26 जुलाई को देश भर में उन भारतीय सैनिकों की याद में कारगिल विजय दिवस मनाया जाता है, जिन्होंने अत्यधिक बर्फ (ऊंचे ग्लेशियरों) में बहादुरी से लड़ाई लड़ी और दुश्मन को हराया।
पुणे में राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में दक्षिणी कमान के जीओसी-ईएन-सी लेफ्टिनेंट जनरल जे. एस. नैन ने देश की क्षेत्रीय अखंडता को बनाए रखने के लिए सर्वोच्च बलिदान की मिसाल पेश करते हुए कारगिल युद्ध में शहीद हुए जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की। पुणे में सबसे वरिष्ठ सेनानी, मेजर जनरल हुक्कुर ए.के. (सेवानिवृत्त) ने भी पुष्पचक्र अर्पित कर कारगिल युद्ध में शहीद हुए वीर जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की। सेना के दक्षिणी कमान के सभी सैन्य ठिकानों पर पूरे सप्ताह कई कार्यक्रम आयोजित किए गए। विभिन्न समारोहों में वीरता पुरस्कार विजेताओं, सेना के पूर्व अधिकारियों और वीर महिलाओं को सम्मानित किया गया।
आर्मी कमांडर ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि कारगिल युद्ध के अनुभवी सेनानी हम सभी के लिए रक्षा बलों के साथ-साथ पूरे देश के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। देश के लिए उनके सर्वोच्च बलिदान और देश सेवा को कभी नहीं भुलाया जा सकेगा।
राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर उपस्थित सभी सेवानिवृत्त सेनानियों को सम्मानित किया गया। भारतीय सेना उन सभी के बताए रास्ते पर सही दिशा में बड़ी प्रगति कर रही है और भारतीय सेना देश की सेवा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है साथ ही किसी भी संभावित घटना का सामना करने के लिए तैयार है।
यह कार्यक्रम कोविड नियमों का कड़ाई से पालन कर सीमित उपस्थितों की उपस्थिति में मनाया गया। यह जानकारी पुणे रक्षा विभाग के जनसंपर्क अधिकारी श्री महेश अय्यंगार द्वारा दी गई है।

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