अरुणदादा बेल्हेकर युवा राष्ट्रनिर्माण संस्था की ओर से मांजरी क्षेत्र के जरूरतमंद बैंड पथक कलाकारों के परिजनों को अनाज के किट वितरित किए गए।
मांजरी, जुलाई (ह.ए. प्रतिनिधि)
आज भी इंसानियत जिंदा है, जी हां इसका जीता जागता उदाहरण समाजसेवक शैलेंद्र बेल्हेकर ने समाज के सामने रखा है। कोरोना संक्रमण के कारण सभी देशवासियों पर गहरा प्रभाव पड़ा है। इसमें आम जनता की भूख मिटाने के लिए उन्होंने एक बहुत ही विधायक कदम उठाया है। जरूरतमंद परिवारों को अनाज आपूर्ति करके उन्हें दो वक़्त का खाना मिल सके इस हेतु अहम योगदान दिया है। समाज को इन जैसे हीरों की बहुत आवश्यकता है। यह विचार मांजरी ग्रामपंचायत के सरपंच शिवराज घुले ने व्यक्त किए।
अरुणदादा बेल्हेकर युवा राष्ट्रनिर्माण संस्था संलग्न नेहरू युवा केंद्र की ओर से मांजरी क्षेत्र के जरूरतमंद बैंड पथक कलाकारों के परिजनों को अनाज के किट सरपंच शिवराज घुले के शुभ हाथों वितरित गए तब आयोजित कार्यक्रम में वे बोल रहे थे। यहां मांजरी बुद्रुक तंटामुक्ति समिति के अध्यक्ष व पहल के आयोजक अरुणदादा बेल्हेकर युवा राष्ट्रनिर्माण संस्था के अध्यक्ष शैलेंद्र बेल्हेकर, ग्रामपंचायत सदस्य समीर घुले, मांजराईदेवी दिंडी के उपाध्यक्ष पांडुरंग घुले, एकात्मिक बालविकास प्रकल्प पर्यवेक्षिका मीरा टेकावडे, डॉ.मनीषा देशपांडे, योग शिक्षिका राजश्री घुले, पांडुरंग घुले, बालासाहब घुले, मुख्याध्यापक विट्ठल पवार आदि उपस्थित थे।
सरपंच शिवराज घुले ने आगे कहा कि हर क्षेत्र कोरोना संक्रमण की चपेट में आ गया है, हर क्षेत्र पर बहुत गहरा प्रभाव पड़ा है, उससे बैंड पथक कलाकार भी नहीं बच पाए हैं। उनकी परिस्थिति को देखते हुए एक सराहनीय कदम संस्था ने उठाया है।
पहल के आयोजक अरुणदादा बेल्हेकर युवा राष्ट्रनिर्माण संस्था के अध्यक्ष शैलेंद्र बेल्हेकर ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि कोरोना संक्रमण के पंद्रह महीने के संकट के दौरान बैंड पथक के कलाकारों का परिवार बेरोजगारी के कारण भुखमरी के दौर से गुजर रहे है। अपनी कला से सबके मंगल कार्य को सजानेवाला यह कलाकार भूखे नहीं रहने चाहिए, इसलिए सामाजिक संस्थाओं को मदद के लिए आगे आना चाहिए।
कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन अतुल रासकर, मसा जाधव, सुनील बनसोडे व अरुणदादा बेल्हेकर युवा राष्ट्रनिर्माण संस्था के सदस्यों द्वारा सफलतापूर्वक किया गया।
मांजरी, जुलाई (ह.ए. प्रतिनिधि)
आज भी इंसानियत जिंदा है, जी हां इसका जीता जागता उदाहरण समाजसेवक शैलेंद्र बेल्हेकर ने समाज के सामने रखा है। कोरोना संक्रमण के कारण सभी देशवासियों पर गहरा प्रभाव पड़ा है। इसमें आम जनता की भूख मिटाने के लिए उन्होंने एक बहुत ही विधायक कदम उठाया है। जरूरतमंद परिवारों को अनाज आपूर्ति करके उन्हें दो वक़्त का खाना मिल सके इस हेतु अहम योगदान दिया है। समाज को इन जैसे हीरों की बहुत आवश्यकता है। यह विचार मांजरी ग्रामपंचायत के सरपंच शिवराज घुले ने व्यक्त किए।
अरुणदादा बेल्हेकर युवा राष्ट्रनिर्माण संस्था संलग्न नेहरू युवा केंद्र की ओर से मांजरी क्षेत्र के जरूरतमंद बैंड पथक कलाकारों के परिजनों को अनाज के किट सरपंच शिवराज घुले के शुभ हाथों वितरित गए तब आयोजित कार्यक्रम में वे बोल रहे थे। यहां मांजरी बुद्रुक तंटामुक्ति समिति के अध्यक्ष व पहल के आयोजक अरुणदादा बेल्हेकर युवा राष्ट्रनिर्माण संस्था के अध्यक्ष शैलेंद्र बेल्हेकर, ग्रामपंचायत सदस्य समीर घुले, मांजराईदेवी दिंडी के उपाध्यक्ष पांडुरंग घुले, एकात्मिक बालविकास प्रकल्प पर्यवेक्षिका मीरा टेकावडे, डॉ.मनीषा देशपांडे, योग शिक्षिका राजश्री घुले, पांडुरंग घुले, बालासाहब घुले, मुख्याध्यापक विट्ठल पवार आदि उपस्थित थे।
सरपंच शिवराज घुले ने आगे कहा कि हर क्षेत्र कोरोना संक्रमण की चपेट में आ गया है, हर क्षेत्र पर बहुत गहरा प्रभाव पड़ा है, उससे बैंड पथक कलाकार भी नहीं बच पाए हैं। उनकी परिस्थिति को देखते हुए एक सराहनीय कदम संस्था ने उठाया है।
पहल के आयोजक अरुणदादा बेल्हेकर युवा राष्ट्रनिर्माण संस्था के अध्यक्ष शैलेंद्र बेल्हेकर ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि कोरोना संक्रमण के पंद्रह महीने के संकट के दौरान बैंड पथक के कलाकारों का परिवार बेरोजगारी के कारण भुखमरी के दौर से गुजर रहे है। अपनी कला से सबके मंगल कार्य को सजानेवाला यह कलाकार भूखे नहीं रहने चाहिए, इसलिए सामाजिक संस्थाओं को मदद के लिए आगे आना चाहिए।
कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन अतुल रासकर, मसा जाधव, सुनील बनसोडे व अरुणदादा बेल्हेकर युवा राष्ट्रनिर्माण संस्था के सदस्यों द्वारा सफलतापूर्वक किया गया।

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