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संयम, अनुशासन का पालन करते हुये देश और राज्य को कोरोनामुक्त करने का संकल्प करें : मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे का आवाहन

अनेकों के बलिदान और समर्पण से मिली इस आजादी को संभालकर, आजादी के मूल्यों का संवर्धन करें
मुंबई, अगस्त (महासंवाद)

कोरोना को हराकर हमें कोरोनामुक्त होना है। हम सभी मिलकर निश्चित ही इस संकट पर मात कर सकते हैं। मैं मेरा देश और मेरा राज्य कोरोना से मुक्त करूंगा और अगला स्वतंत्रता दिन कोरोनामुक्त वातावरण में ही मनाऊँगा, हम सभी मिलकर यह संकल्प करते हुये इसके लिए संयम एवं अनुशासन का पालन करने का आवाहन मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने किया। वे स्वतंत्रता के 74 वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य पर मंत्रालय प्रांगण में आयोजित राष्ट्र ध्वजारोहण समारोह में बोल रहे थे। मुख्यमंत्री ने भारतीय स्वतंत्रता दिन और स्वतंत्रता के अमृत महोत्सव वर्ष के उपलक्ष्य पर सभी को शुभकामनाएं दीं और आजादी के लिए अपनी जान कुर्बान करनेवाले सभी शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की।  
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री ठाकरे के हाथों ध्वजारोहण किया गया। कोरोना विषयक नियमों का पालन करते हुये सीमित उपस्थिति में यह कार्यक्रम मनाया गया। कार्यक्रम में मुंबई उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश दिपांकर दत्ता, राज्य के गृह मंत्री  दिलीप  वलसे पाटिल,  मुंबई की महापौर किशोरी पेडणेकर,  मुख्यमंत्री की पत्नी रश्मि ठाकरे, राज्य के मुख्य सचिव सीताराम  कुंटे, राजशिष्टाचार विभाग की प्रधान सचिव तथा मुख्य राजशिष्टाचार अधिकारी मनीषा म्हैसकर, राज्य के पुलिस महासंचालक संजय पांडे, मुंबई के पुलिस  आयुक्त हेमंत नगराले आदि  मान्यवर  उपस्थित थे।
ध्वजारोहण के बाद मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में उपस्थित कोविड योद्धाओं से मुलाक़ात की और उनसे बातचीत करते हुये उनके द्वारा किए जा रहे कामकाज की जानकारी ली। इसके बाद मुख्यमंत्री समेत उपस्थित मान्यवरों ने  मंत्रालय में स्थित छत्रपति शिवाजी महाराज, डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर और राजमाता जिजाऊ की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें अभिवादन किया।  
राज्य के राष्ट्रपति पदक प्राप्त पुलिस और अन्य पुरस्कार विजेताओं का नामोल्लेख कर मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में उनका अभिनंदन किया और उनके कार्य का गौरव किया।  
मुख्यमंत्री श्री ठाकरे ने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज ने विदेशी हमलावरों का सामना किया और सही मायने में स्वतंत्रता के बीज बोये। विदेशी हमलावरों के खिलाफ लड़कर हम जीत सकते हैं, उनके हमले का मुक़ाबला कर सकते हैं, यह छत्रपति शिवाजी महाराज ने हमें सिर्फ दिखाया ही नहीं बल्कि यह विश्वास और प्रेरणा भी हमें दी है।
राजर्षि शाहू महाराज, महात्मा जोतिबा फुले, डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर ने समाज की बुरी प्रथा, विषमता के खिलाफ आवाज उठाई।  विषमता के खिलाफ लड़ाई लड़ते हुये आजादी, समता क्या है? इसका सही मायने में अर्थ हमें बताया, इसका महत्व हमें समझाया।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि सिर्फ आजादी के इतिहास को आंखों के सामने रखकर स्वतंत्रता दिन मनाने का ही महत्त्व नहीं है,  यह स्वतंत्रता हासिल करने के लिए अनेकों ने अपनी जान की कुर्बानी दी, इसमें अनेक शहीद हुये। इन सभी ने अपने समर्पण से दिये इस आजादी को संभालना हमारा कर्तव्य है। इस आजादी के मूल्यों का संवर्धन करना हम सभी की ज़िम्मेदारी है। 
कोरोना की वजह से एक नई गुलामी (पारतंत्र्य) का हम पिछले डेढ़ साल से अनुभव ले रहे हैं। अब हमने अधिकतर प्रतिबंध शिथिल किए हैं, लेकिन कोरोना का संकट अभी भी बना हुआ है। विदेश में कुछ जगहों पर इसकी नए से शुरुआत भी दिखाई देती है। हमारी ओर इस संकट का नया रूप न आए, इसके लिए सभी को ध्यान रखना जरूरी है। पिछले साल और इस साल दूसरी लहर में हमने कोरोना के कहर का अनुभव लिया है, अब यह संक्रमण भले ही कम दिखाई दे रहा हो फिर भी हमें इसका पूरा ध्यान रखने की जरूरत है। ऑक्सीजन की मात्रा को ध्यान में रखकर हम प्रतिबंधों में शिथिलता ला रहे हैं। फिर भी हमें ध्यान रखना बहुत ही जरूरी है। ऑक्सीजन क्षमता को ध्यान में रखकर और मरीजों की संख्या बढ़ने लगी तो फिर से न चाहते हुये भी हमें लॉकडाऊन करना पड़ेगा। इसलिए कोरोना प्रतिबंधक नियमों का कड़े रूप से पालन करने का आवाहन मुख्यमंत्री श्री ठाकरे ने इस दौरान किया।  
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना संकट का सामना करने के लिए अनेक कोरोना योद्धाओं ने दिन-रात संघर्ष किया है। इस बीच अनेकों को कोरोना की बाधा भी हुई, जिसमें कुछ ठीक हुये तो दुर्भाग्य से कुछ की इसमें मृत्यु हुई। इन कोरोनावीरों को मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर श्रद्धांजलि अर्पित की।
उन्होंने बताया कि राज्य में टीकाकरण अब तेजी से हो रहा है। गत शनिवार, 14 अगस्त को ही साढ़े 9 लाख नागरिकों का टीकाकरण कर हमनें देश में उच्चांक हासिल किया है।

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