पुणे, सितंबर (जिमाका)
किन्नरों के हक्क संरक्षण अधिनियम 2019 के अंतर्गत जिलास्तरीय समिति द्वारा किन्नरों (तृतीयपंथी) को पहचान प्रमाणपत्र व पहचानपत्र देने की योजना है, जिसके अंतर्गत पुणे जिले में राष्ट्रीय किन्नर पोर्टल पर ऑनलाइन प्राप्त 22 आवेदनों में से 12 किन्नरों को जिला प्रशासन व सहायक आयुक्त समाज कल्याण पुणे के प्रयत्न से दिनांक 21 सितंबर को पहचानपत्र दिए गए। जिलाधिकारी के हस्ताक्षर के पहचानपत्र व पहचान प्रमाणपत्र जिलाधिकारी डॉ. राजेश देशमुख के शुभ हाथों प्रदान किए गए। राज्य में पुणे जिला अग्रणी है।
जिलाधिकारी कार्यालय में हुए कार्यक्रम में सहायक आयुक्त संगीता डावखर, समाज कल्याण निरीक्षक नेत्राली येवले, बिंदू क्वीर राइट्स फाउंडेशन के अध्यक्ष बिंदुमाधव खिरे व किन्नर (तृतीयपंथीय) उपस्थित थे।
जिलाधिकारी डॉ. राजेश देशमुख ने कहा कि किन्नरों को पहचानपत्र देने तक ही मर्यादित न रहते हुए उन्हें समाज की मुख्यधारा में लाने के लिए व उन्हें रोजगार का अवसर एवं शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ कैसे दिया जाए, इस बारे में प्रमुखता से विचार कर शासन द्वारा सर्वोतपरि मदद की जाएगी। इसके साथ ही जिलाधिकारी ने किन्नरों से अपील की कि वे पहचानपत्र प्राप्त करने के लिए ऑनलाइन आवेदन अधिक से अधिक करें।
समाज कल्याण विभाग की श्रीमती संगीता डावखर ने कहा कि किन्नरों को पहचानपत्र व पहचान प्रमाणपत्र देने में पुणे जिला राज्य में अग्रणी है। आने वाले समय में अधिक से अधिक किन्नरों को पहचानपत्र व पहचान प्रमाणपत्र दिए जाएंगे।
किन्नरों के हक्क संरक्षण अधिनियम 2019 के अंतर्गत जिलास्तरीय समिति द्वारा किन्नरों (तृतीयपंथी) को पहचान प्रमाणपत्र व पहचानपत्र देने की योजना है, जिसके अंतर्गत पुणे जिले में राष्ट्रीय किन्नर पोर्टल पर ऑनलाइन प्राप्त 22 आवेदनों में से 12 किन्नरों को जिला प्रशासन व सहायक आयुक्त समाज कल्याण पुणे के प्रयत्न से दिनांक 21 सितंबर को पहचानपत्र दिए गए। जिलाधिकारी के हस्ताक्षर के पहचानपत्र व पहचान प्रमाणपत्र जिलाधिकारी डॉ. राजेश देशमुख के शुभ हाथों प्रदान किए गए। राज्य में पुणे जिला अग्रणी है।
जिलाधिकारी कार्यालय में हुए कार्यक्रम में सहायक आयुक्त संगीता डावखर, समाज कल्याण निरीक्षक नेत्राली येवले, बिंदू क्वीर राइट्स फाउंडेशन के अध्यक्ष बिंदुमाधव खिरे व किन्नर (तृतीयपंथीय) उपस्थित थे।
जिलाधिकारी डॉ. राजेश देशमुख ने कहा कि किन्नरों को पहचानपत्र देने तक ही मर्यादित न रहते हुए उन्हें समाज की मुख्यधारा में लाने के लिए व उन्हें रोजगार का अवसर एवं शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ कैसे दिया जाए, इस बारे में प्रमुखता से विचार कर शासन द्वारा सर्वोतपरि मदद की जाएगी। इसके साथ ही जिलाधिकारी ने किन्नरों से अपील की कि वे पहचानपत्र प्राप्त करने के लिए ऑनलाइन आवेदन अधिक से अधिक करें।
समाज कल्याण विभाग की श्रीमती संगीता डावखर ने कहा कि किन्नरों को पहचानपत्र व पहचान प्रमाणपत्र देने में पुणे जिला राज्य में अग्रणी है। आने वाले समय में अधिक से अधिक किन्नरों को पहचानपत्र व पहचान प्रमाणपत्र दिए जाएंगे।


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