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देश को अभिमान होगा ऐसे खेल विश्वविद्यालय की स्थापना की जाएगी : खेलमंत्री सुनील केदार

पुणे, अक्टूबर (जिमाका)

दुनिया में सबसे अच्छे पाठ्यक्रम के साथ एक अंतरराष्ट्रीय खेल विश्वविद्यालय की स्थापना की जाएगी, जिस पर देश को गर्व होगा। यह जानकारी राज्य के खेल और युवक कल्याण मंत्री सुनील केदार ने दी।
वे महालुंगे-बालेवाड़ी स्थित होटल आर्किड में खेल एवं युवा सेवा निदेशालय द्वारा आयोजित महाराष्ट्र के अंतर्राष्ट्रीय खेल विश्वविद्यालय के संचालन परिषद सदस्यों की पहली बैठक में बोल रहे थे। यहां स्कूल शिक्षा व खेल विभाग की अपर मुख्य सचिव वंदना कृष्णा, खेल व युवा सेवा निदेशालय के आयुक्त ओम प्रकाश बकोरिया उपस्थित थे।
श्री केदार ने कहा कि नियामक परिषद के सभी सदस्य अपने क्षेत्र के विशेषज्ञ हैं, उनके अनुभव का खेल विश्वविद्यालय को फायदा होगा। हम एक ऐसा खेल विश्वविद्यलय बनाना चाहते हैं, जिसे दुनिया सराहेगी और महाराष्ट्र की ख्याति में इजाफा करेगी। यह खिलाड़ियों के लिए बेहतरीन कोर्स शुरू करने की कोशिश है। इस पर यूजीसी के वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा की जाएगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि राज्य विश्वविद्यालय के नाम पर खड़े होने के हर संभव प्रयास किए जाएंगे, सभी समस्याओं को दूर किया जाएगा। खेल के क्षेत्र में रोजगार के कई अवसर हैं। उन्होंने खेल विश्वविद्यालय के माध्यम से सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों के साथ अच्छे सलाहकार रखने का दृढ़ संकल्प व्यक्त किया।
श्रीमती कृष्णा ने कहा कि युवाओं को खेल के क्षेत्र में रोजगार के अवसर की जानकारी दी जानी चाहिए। खेल विश्वविद्यालय के पाठ्यक्रम और सुविधाओं की जानकारी भी आसानी से दी जानी चाहिए।
अंतर्राष्ट्रीय खेल विश्वविद्यालय स्थापित करने का महाराष्ट्र सरकार का निर्णय सराहनीय है, यह विचार नियामक परिषद के सदस्यों द्वारा व्यक्त किया गया। उन्हें अगले 5 वर्षों में विश्व स्तरीय विश्वविद्यालय बनने की उम्मीद है।
बैठक में भारतीय संघ के पूर्व गोलकीपर व तांत्रिक समिति के उपाध्यक्ष हेन्री मेनेझिस, अंतरराष्ट्रीय रग्बी खिलाड़ी राहुल बोस, सिम्बॉयसिस के प्र.कुलगुरू विद्या येरवडेकर, प्रा.रत्नाकर शेट्टी, आंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खिलाड़ी निलेश कुलकर्णी, प्राचार्य डॉ. अंजली ठाकरे, सहसंचालक चंद्रकांत कांबले आदि उपस्थित थे।

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