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पाठशाला के छात्र बड़ी होशियारी से निभा सकते हैं शौचालय इस्तेमाल करने के महत्त्व की जिम्मेदारी : सतीश कोंढालकर

पी.एम. फाउंडेशन द्वारा 19 नवंबर ‘विश्व शौचालय दिवस’ के अवसर पर आयोजित किए गए कार्यक्रम
पुणे, नवंबर (ह.ए. प्रतिनिधि)

हडप्पा और मोहनजोदाडो सभ्यता के बारे में जानकारी हासिल करने के बाद हमें यह पता चालता है कि हमारे पूर्वज शौचालय का इस्तेमाल करते थे। बाद में लोगों ने खुले में शौच करना शुरू कर दिया। ऐसा करने से सेहत को हानि पहुंचती है। इसे रोकने के लिये लोगों में शौचालय इस्तेमाल करने का महत्त्व समझाना जरुरी है और यह जिम्मेदारी पाठशाला के छात्र बड़ी होशियारी से निभा सकते हैं। यह विचार फ्लेयर नेटवर्क सिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड के अध्यक्ष श्री सतीश कोंढालकर ने व्यक्त किये। उन्होंने पी. एम. शहा फाउंडेशन द्वारा आयोजित विश्व शौचालय दिवस कार्यक्रम में छात्रों को संबोधित किया। 
विश्व शौचालय दिवस के अवसर पर पी.एम. शहा फाउंडेशन और फ्लेयर नेटवर्क सिस्टम प्रा. लिमिटेड द्वारा संयुक्त संयोजन से न्यू इंग्लिश स्कूल ससाणेनगर, हड़पसर और चंद्रकांत दारोड़े प्राइमरी स्कूल, शिवाजीनगर में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने लघु नाटिका और शौचालय का इस्तेमाल करने के बारे में जागरूकता गीत प्रस्तुत किए। दोनों स्कूलों में शौचालयों की प्रतिकृति बनाकर जागरूकता रैली का भी आयोजन किया गया। छात्रों ने अपने स्कूल के शौचालयों को कागज की पताकाओं और रंगोली से सजाया था।
स्वास्थ्य की दृष्टि से एक उपेक्षित लेकिन महत्वपूर्ण मुद्दे पर पी.एम. शहा फाउंडेशन के माध्यम से पुणे शहर और पिंपरी-चिंचवड़ नगर निगम की विभिन्न पाठशालओं में संस्था पिछले दस वर्षों से स्वच्छ शौचालय एवं शुद्ध पेयजल पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर रही है। पूरे साल चलनेवाली इस पहल को स्कूलों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रहा है। यह जानकारी संस्था के निदेशक एड्. चेतन गांधी ने दी है। इस अवसर पर न्यू इंग्लिश स्कूल ससाणेनगर की प्रधानाध्यापिका शोभा विजयकुमार नायर ने कहा कि इस पहल से छात्रों में अच्छी स्वास्थ्य आदतें पैदा हुई हैं और स्वच्छता कर्मचारियों पर पड़ने वाला काम का बोझ भी कम हुआ है। चंद्रकांत दारोड़े प्राइमरी स्कूल शिवाजीनगर की प्रधानाध्यापिका संगीता अंत्रे के मुताबिक इस पहल से स्कूल में पानी की बचत हुई है। शौचालय, मूत्रालय और बेसिन के इस्तेमाल के बारे में भी छात्रों में एक प्रभावी जागरूकता का निर्माण हुई है। 
संस्था के निदेशक अ‍ॅड. चेतन गांधी के मार्गदर्शन में इस कार्यक्रम का आयोजन प्रा. ए. एल. फड़तरे, रूपाली नायडू, सरस्वती मेहता और रवींद्र कावरे ने किया और इस आयोजन को सफल बनाने के लिए स्कूल अध्यापिका नीता गायकवाड़, संजीवनी मानेगांवकर, लता जगताप, स्वाति बढ़े, ज्योति भुजबल और सुवर्णा बागल ने कड़ी मेहनत की।

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