पुणे, दिसंबर (जिमाका)
उपमुख्यमंत्री एवं जिला पालकमंत्री अजीत पवार की अध्यक्षता में विधान भवन में आयोजित जिला योजना समिति की बैठक में सामान्य जिला वार्षिक योजना 2022-23 के तहत पुणे जिले के लिए 619.10 करोड़ रुपये, अनुसूचित जाति योजना के तहत 128 करोड़ 93 लाख और आदिवासी उपाय योजना के अंतर्गत 45 करोड़ 83 लाख रुपये, कुल 793 करोड़ 86 लाख रुपये की प्रारूप योजना को मंजूरी दी गई।
बैठक में गृह मंत्री दिलीप वलसे पाटिल, राज्य मंत्री दत्तात्रेय भरणे, विधान परिषद की उपाध्यक्ष डॉ. नीलम गोर्हे, जिला परिषद अध्यक्ष निर्मला पानसरे, पिंपरी चिंचवड़ की मेयर उषा ढोरे, सांसद श्रीरंग बारणे, विभागीय आयुक्त सौरभ राव, जिला कलेक्टर डॉ. राजेश देशमुख, मुख्य कार्यकारी अधिकारी आयुष प्रसाद, जिला योजना अधिकारी संजय मरकले आदि उपस्थित थे।
सामान्य योजना के तहत कृषि और संबद्ध सेवाओं के लिए 54.18 करोड़, ग्रामीण विकास के लिए 80 करोड़, सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण के लिए 33.06 करोड़, ऊर्जा विकास के लिए 51.19 करोड़, उद्योग और खनन के लिए 1.17 करोड़, परिवहन के लिए 113 करोड़, सामान्य वित्तीय सेवाओं के लिए 16.28 करोड़, सामाजिक सामूहिक सेवाओं के लिए 210.56 करोड़ रुपये, सामान्य सेवाओं के लिए 28.69 करोड़ रुपये और नवीन योजनाओं के लिए 30.95 करोड़ रुपये का परिव्यय प्रस्तावित किया गया है।
अनुसूचित जाति योजना के तहत कृषि एवं संबद्ध सेवाओं के लिए 4 करोड़ 40 लाख रुपये, ऊर्जा विकास के लिए 7 करोड़ रुपये, उद्योग और खनन के लिए 34 लाख रुपये, परिवहन के लिए 30 करोड़ रुपये, सामाजिक सामूहिक सेवा के लिए 83 करोड़ 31 लाख रुपये और नवीन योजनाओं के लिए 3 करोड़ 86 लाख रुपये का परिव्यय प्रस्तावित किया गया है।
आदिवासी उपयोजना के तहत कृषि एवं संबद्ध सेवाओं के लिए 6 करोड़ 27 लाख, ग्रामीण विकास के लिए 4 करोड़ 85 लाख, सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण के लिए 3 करोड़ 40 लाख, ऊर्जा विकास के लिए 2 करोड़ 96 लाख, उद्योग और खनन के लिए 3 लाख, परिवहन के लिए 6 करोड़ 42 लाख, सामाजिक सेवाओं के लिए 20 करोड़ 75 लाख और नवीन योजना के लिए 1 करोड़ 15 लाख रुपये का परिव्यय प्रस्तावित किया गया है।
सामान्य योजना के तहत 2021-22 वर्ष में 286 करोड़ 8 लाख (41.16 फीसदी), अनुसूचित जाति योजना के तहत 25 करोड़ 89 लाख (20.08 फीसदी) और आदिवासी उपाय योजना के तहत 6 करोड़ 93 लाख (15.61 फीसदी) खर्च किए गए हैं। जिला कलेक्टर डॉ. देशमुख ने बताया कि मार्च के अंत तक शत-प्रतिशत राशि खर्च करने की योजना है।
बैठक में पहाड़ी विकास कार्यक्रम के तहत जिले के 9 तालुकाओं के प्रस्तावित कार्यों को मंजूरी दी गई है। बैठक में विधायक महादेव जानकर, दिलीप मोहिते पाटिल, अशोक पवार, संग्राम थोपटे, भीमराव तपकीर, राहुल कूल, माधुरी मिसाल, संजय जगताप, सुनील शेल्के, चेतन तुपे, सिद्धार्थ शिरोले, अतुल बेनके, जिला नियोजना समिति के सदस्य और विभिन्न एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
जलजीवन मिशन के काम में तेजी लाएं : अजीत पवार
उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ने जिले में जल जीवन कार्यों के सर्वेक्षण में तेजी लाने के निर्देश दिए। श्री पवार ने कहा कि पर्यटन विकास के तहत राज्य स्तर पर अष्टविनायक पर्यटन के विकास के लिए प्रयास किए जा रहे हैं और उम्मीद है कि पर्यटकों को सुविधा और आकर्षित करने के लिए काम किया जाएगा। उन्होंने शहरी क्षेत्रों में नालों पर अनधिकृत निर्माण के खिलाफ कार्रवाई करने और पाणंद रोड के लिए राशि बढ़ाने के निर्देश दिए।
गृह मंत्री वलसे पाटिल ने सुझाव दिया कि आदिवासी उपयोजना के तहत स्वीकृत प्रावधानों के अनुसार जिला कलेक्टर स्तर पर खर्च की समीक्षा की जाए और इसी कोष से अच्छे कार्यों की योजना बनाई जाए। उन्होंने कहा कि आदिवासी क्षेत्रों में हो रहे विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए उन क्षेत्रों के जनप्रतिनिधियों को भी सूचित किया जाए।
डॉ. नीलम गोर्हे ने कहा कि राज्य सरकार के निर्देशानुसार एक फीसदी राशि सतत विकास पर खर्च की जाए, इसके लिए जरूरी प्लानिंग की जाए।
इस समय आदिवासी क्षेत्रों में मधुमक्खी पालन इकाई की व्यवस्था, शहरी दलित बस्तियों में सुधार, पहाड़ी क्षेत्रों में सकाव निर्माण के लिए निधि, उजनी बैक वाटर एरिया का सर्वेक्षण, ‘हाइब्रिड न्युइटी’ के तहत सड़क निर्माण जैसे विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई।
उपमुख्यमंत्री एवं जिला पालकमंत्री अजीत पवार की अध्यक्षता में विधान भवन में आयोजित जिला योजना समिति की बैठक में सामान्य जिला वार्षिक योजना 2022-23 के तहत पुणे जिले के लिए 619.10 करोड़ रुपये, अनुसूचित जाति योजना के तहत 128 करोड़ 93 लाख और आदिवासी उपाय योजना के अंतर्गत 45 करोड़ 83 लाख रुपये, कुल 793 करोड़ 86 लाख रुपये की प्रारूप योजना को मंजूरी दी गई।
बैठक में गृह मंत्री दिलीप वलसे पाटिल, राज्य मंत्री दत्तात्रेय भरणे, विधान परिषद की उपाध्यक्ष डॉ. नीलम गोर्हे, जिला परिषद अध्यक्ष निर्मला पानसरे, पिंपरी चिंचवड़ की मेयर उषा ढोरे, सांसद श्रीरंग बारणे, विभागीय आयुक्त सौरभ राव, जिला कलेक्टर डॉ. राजेश देशमुख, मुख्य कार्यकारी अधिकारी आयुष प्रसाद, जिला योजना अधिकारी संजय मरकले आदि उपस्थित थे।
सामान्य योजना के तहत कृषि और संबद्ध सेवाओं के लिए 54.18 करोड़, ग्रामीण विकास के लिए 80 करोड़, सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण के लिए 33.06 करोड़, ऊर्जा विकास के लिए 51.19 करोड़, उद्योग और खनन के लिए 1.17 करोड़, परिवहन के लिए 113 करोड़, सामान्य वित्तीय सेवाओं के लिए 16.28 करोड़, सामाजिक सामूहिक सेवाओं के लिए 210.56 करोड़ रुपये, सामान्य सेवाओं के लिए 28.69 करोड़ रुपये और नवीन योजनाओं के लिए 30.95 करोड़ रुपये का परिव्यय प्रस्तावित किया गया है।
अनुसूचित जाति योजना के तहत कृषि एवं संबद्ध सेवाओं के लिए 4 करोड़ 40 लाख रुपये, ऊर्जा विकास के लिए 7 करोड़ रुपये, उद्योग और खनन के लिए 34 लाख रुपये, परिवहन के लिए 30 करोड़ रुपये, सामाजिक सामूहिक सेवा के लिए 83 करोड़ 31 लाख रुपये और नवीन योजनाओं के लिए 3 करोड़ 86 लाख रुपये का परिव्यय प्रस्तावित किया गया है।
आदिवासी उपयोजना के तहत कृषि एवं संबद्ध सेवाओं के लिए 6 करोड़ 27 लाख, ग्रामीण विकास के लिए 4 करोड़ 85 लाख, सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण के लिए 3 करोड़ 40 लाख, ऊर्जा विकास के लिए 2 करोड़ 96 लाख, उद्योग और खनन के लिए 3 लाख, परिवहन के लिए 6 करोड़ 42 लाख, सामाजिक सेवाओं के लिए 20 करोड़ 75 लाख और नवीन योजना के लिए 1 करोड़ 15 लाख रुपये का परिव्यय प्रस्तावित किया गया है।
सामान्य योजना के तहत 2021-22 वर्ष में 286 करोड़ 8 लाख (41.16 फीसदी), अनुसूचित जाति योजना के तहत 25 करोड़ 89 लाख (20.08 फीसदी) और आदिवासी उपाय योजना के तहत 6 करोड़ 93 लाख (15.61 फीसदी) खर्च किए गए हैं। जिला कलेक्टर डॉ. देशमुख ने बताया कि मार्च के अंत तक शत-प्रतिशत राशि खर्च करने की योजना है।
बैठक में पहाड़ी विकास कार्यक्रम के तहत जिले के 9 तालुकाओं के प्रस्तावित कार्यों को मंजूरी दी गई है। बैठक में विधायक महादेव जानकर, दिलीप मोहिते पाटिल, अशोक पवार, संग्राम थोपटे, भीमराव तपकीर, राहुल कूल, माधुरी मिसाल, संजय जगताप, सुनील शेल्के, चेतन तुपे, सिद्धार्थ शिरोले, अतुल बेनके, जिला नियोजना समिति के सदस्य और विभिन्न एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
जलजीवन मिशन के काम में तेजी लाएं : अजीत पवार
उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ने जिले में जल जीवन कार्यों के सर्वेक्षण में तेजी लाने के निर्देश दिए। श्री पवार ने कहा कि पर्यटन विकास के तहत राज्य स्तर पर अष्टविनायक पर्यटन के विकास के लिए प्रयास किए जा रहे हैं और उम्मीद है कि पर्यटकों को सुविधा और आकर्षित करने के लिए काम किया जाएगा। उन्होंने शहरी क्षेत्रों में नालों पर अनधिकृत निर्माण के खिलाफ कार्रवाई करने और पाणंद रोड के लिए राशि बढ़ाने के निर्देश दिए।
गृह मंत्री वलसे पाटिल ने सुझाव दिया कि आदिवासी उपयोजना के तहत स्वीकृत प्रावधानों के अनुसार जिला कलेक्टर स्तर पर खर्च की समीक्षा की जाए और इसी कोष से अच्छे कार्यों की योजना बनाई जाए। उन्होंने कहा कि आदिवासी क्षेत्रों में हो रहे विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए उन क्षेत्रों के जनप्रतिनिधियों को भी सूचित किया जाए।
डॉ. नीलम गोर्हे ने कहा कि राज्य सरकार के निर्देशानुसार एक फीसदी राशि सतत विकास पर खर्च की जाए, इसके लिए जरूरी प्लानिंग की जाए।
इस समय आदिवासी क्षेत्रों में मधुमक्खी पालन इकाई की व्यवस्था, शहरी दलित बस्तियों में सुधार, पहाड़ी क्षेत्रों में सकाव निर्माण के लिए निधि, उजनी बैक वाटर एरिया का सर्वेक्षण, ‘हाइब्रिड न्युइटी’ के तहत सड़क निर्माण जैसे विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई।
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