पुणे, दिसंबर (जिमाका)
10 या 10 से अधिक अधिकारियों और कर्मचारियोंवाले सभी सरकारी और अर्ध-सरकारी कार्यालयों के साथ ही सभी निजी संस्थाएं, कंपनी, आस्थापना आदि सरकारी और निजी स्थान क्षेत्र के कार्यालय के काम की जगहों पर महिलाओं का यौन उत्पीड़न (प्रतिबंध, निषेध और निवारण) अधिनियम 2013 तदनुसार, एक आंतरिक शिकायत निवारण समिति का गठन करना अनिवार्य है।
जनवरी महीने के प्रथम सप्ताह में समिति की वार्षिक प्रतिवेदन (रिपोर्ट) जिला महिला व बाल विकास अधिकारी कार्यालय, 29/2, गुलमर्ग पार्क को. ऑप. हाउसिंग सोसाइटी, तीसरी मंजिल, विजय बेकरी के पास, सोमवार पेठ, पुणे 411011 में पेश करें, जो आंतरिक शिकायत निवारण समिति की स्थापना पर रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं करते हैं, ऐसे आस्थापनाओं पर अधिनियम की धारा 26(ए) के तहत 50,000/- रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।
कार्यालय के दर्शनी भाग में स्थापित समिति के अध्यक्ष एवं सदस्यों के नाम एवं दूरभाष नम्बरों वाला एक बोर्ड लगाना चाहिए। समिति के गठन की जानकारी अधिनियम की धारा 4(2) तथा महिला एवं बाल विकास विभाग के दिनांक 19 जून 2014 के निर्णय में दी गई है। आंतरिक शिकायत निवारण समिति की वार्षिक रिपोर्ट निर्धारित प्रारूप में जिला महिला एवं बाल विकास कार्यालय को समय पर प्रस्तुत की जानी चाहिए।
‘शी बॉक्स’ प्रणाली पर उत्पीड़न की रिपोर्ट करने की सुविधा के लिए यदि कार्यालय में महिला कर्मचारियों को कार्यस्थल में परेशान होती हैं तो अधिनियम के तहत यौन उत्पीड़न इलेक्ट्रॉनिक बॉक्स (शीबॉक्स- एसएचई बॉक्स) ऑनलाइन शिकायत प्रबंधन प्रणाली को अपनी शिकायत की रिपोर्ट करें। यह अपील जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी अश्विनी कांबले ने की है।
10 या 10 से अधिक अधिकारियों और कर्मचारियोंवाले सभी सरकारी और अर्ध-सरकारी कार्यालयों के साथ ही सभी निजी संस्थाएं, कंपनी, आस्थापना आदि सरकारी और निजी स्थान क्षेत्र के कार्यालय के काम की जगहों पर महिलाओं का यौन उत्पीड़न (प्रतिबंध, निषेध और निवारण) अधिनियम 2013 तदनुसार, एक आंतरिक शिकायत निवारण समिति का गठन करना अनिवार्य है।
जनवरी महीने के प्रथम सप्ताह में समिति की वार्षिक प्रतिवेदन (रिपोर्ट) जिला महिला व बाल विकास अधिकारी कार्यालय, 29/2, गुलमर्ग पार्क को. ऑप. हाउसिंग सोसाइटी, तीसरी मंजिल, विजय बेकरी के पास, सोमवार पेठ, पुणे 411011 में पेश करें, जो आंतरिक शिकायत निवारण समिति की स्थापना पर रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं करते हैं, ऐसे आस्थापनाओं पर अधिनियम की धारा 26(ए) के तहत 50,000/- रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।
कार्यालय के दर्शनी भाग में स्थापित समिति के अध्यक्ष एवं सदस्यों के नाम एवं दूरभाष नम्बरों वाला एक बोर्ड लगाना चाहिए। समिति के गठन की जानकारी अधिनियम की धारा 4(2) तथा महिला एवं बाल विकास विभाग के दिनांक 19 जून 2014 के निर्णय में दी गई है। आंतरिक शिकायत निवारण समिति की वार्षिक रिपोर्ट निर्धारित प्रारूप में जिला महिला एवं बाल विकास कार्यालय को समय पर प्रस्तुत की जानी चाहिए।
‘शी बॉक्स’ प्रणाली पर उत्पीड़न की रिपोर्ट करने की सुविधा के लिए यदि कार्यालय में महिला कर्मचारियों को कार्यस्थल में परेशान होती हैं तो अधिनियम के तहत यौन उत्पीड़न इलेक्ट्रॉनिक बॉक्स (शीबॉक्स- एसएचई बॉक्स) ऑनलाइन शिकायत प्रबंधन प्रणाली को अपनी शिकायत की रिपोर्ट करें। यह अपील जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी अश्विनी कांबले ने की है।
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