प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि गरीबों और मध्यम वर्ग के लाभ के लिए पिछले सात वर्षों में वित्तीय प्रणाली का विस्तार किया गया है और कई सुधार लागू किये गये हैं। नई दिल्ली में आज जमाकर्ता पहले- पांच लाख रूपये तक गारंटीशुदा समयबद्ध जमा बीमा भुगतान कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि सरकार ने हमेशा जमाकर्ताओं के हितों को प्राथमिकता दी है। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दिनों में एक लाख से अधिक जमाकर्ताओं को उनकी राशि लौटाई गई है। इस दौरान उन्हें एक हजार तीन सौ करोड रूपये वापस किए गए हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सरकार ने जमाकर्ताओं में विश्वास पैदा करने के लिए, जमा बीमा राशि एक लाख रूपये से बढाकार पांच लाख रूपये कर दी है। उन्होंने कहा कि किसी बैंक के सामने वित्तीय संकट पैदा होने की स्थिति में जमाकर्ताओं में सुरक्षा की भावना पैदा करने के लिए ऐसा किया गया है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इसके अंतर्गत जमाकर्ताओं के लगभग 98 प्रतिशत खाते आएंगे। उन्होंने कहा कि सरकार ने जमाकर्ताओं की 76 लाख करोड रूपये से अधिक राशि का बीमा किया है। प्रधानमंत्री ने कहा यह वित्तीय प्रणाली में एक बहुत बडा सुधार है। उन्होंने कहा कि इससे पहले जमाकर्ताओं का धन लौटाने के लिए कोई समय सीमा नहीं थी, लेकिन अब 90 दिन के अंदर जमाकर्ताओं को उनका पैसा लौटाना अनिवार्य कर दिया गया है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार समाज के विशेष वर्गों की बजाय सभी के लिए बैंकिंग प्रणाली में समानता लाने की इच्छुक है। उन्होंने कहा कि सरकार का अंतिम उददेश्य वित्तीय सशक्तिकरण करना और सामान्य व्यक्ति के फायदे के लिए, गतिशील सुधार कर इसे नई उंचाई तक पहुंचाना सुनिश्चित करना है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि बैंक, देश की समृद्धि में बडी भूमिका निभाते हैं और बैंकों की समृद्धि के लिए महत्वपूर्ण है कि जमाकर्ताओं का धन सुरक्षित रहे। उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों में सार्वजनिक क्षेत्र के छोटे बैंकों का, बडे बैंकों में विलय कर इनकी क्षमता, दक्षता और पारदर्शिता बढाई गई है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि बैंक की शाखाओं का विस्तार किया गया है और देश के हर गांव के लगभग पांच किलोमीटर के दायरे में यह सुविधा उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि देश का आम नागरिक अब किसी भी समय, कहीं से भी छोटा सा लेन-देन भी डिजिटली कर सकता है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में बीमा, बैंक ऋण जैसी सुविधाएं सभी को उपलब्ध कराई गई हैं और गरीबों, महिलाओं, रेहडी पटडी वालों तथा छोटे किसानों को भी बैंकिंग सुविधा उपलब्ध कराकर उनका सशक्तिकरण किया गया है।
इस अवसर पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन ने कहा है कि आज का दिन देश के बैंकिंग इतिहास और जमाकर्ताओं के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सरकार ने जमाकर्ताओं के लिए प्रतिबद्धता दिखाई है। वित्त मंत्री ने कहा कि जमाकर्ताओं के हितों को सर्वोपरि रखा गया है।
रिजर्व बैंक के गर्वनर शक्तिकांत दास ने कहा कि बैंक की सभी नीतियों और कार्यों का दिशा-निर्देशक सिद्धान्त है- जमाकर्ता पहले। उन्होंने कहा कि जमा बीमा राशि का भुगतान अंतिम उपाय होना चाहिए। शक्तिकांत दास ने कहा कि जमाकर्ताओं को भी इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि अधिक ब्याज दर से आमतौर पर जोखिम भी ज्यादा होता है। उन्होंने कहा कि रिजर्व बैंक जमाकर्ताओं के हितों की रक्षा के लिए सभी दिशा निर्देशों को प्रभावी बनाने का हमेशा प्रयास करता है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार समाज के विशेष वर्गों की बजाय सभी के लिए बैंकिंग प्रणाली में समानता लाने की इच्छुक है। उन्होंने कहा कि सरकार का अंतिम उददेश्य वित्तीय सशक्तिकरण करना और सामान्य व्यक्ति के फायदे के लिए, गतिशील सुधार कर इसे नई उंचाई तक पहुंचाना सुनिश्चित करना है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि बैंक, देश की समृद्धि में बडी भूमिका निभाते हैं और बैंकों की समृद्धि के लिए महत्वपूर्ण है कि जमाकर्ताओं का धन सुरक्षित रहे। उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों में सार्वजनिक क्षेत्र के छोटे बैंकों का, बडे बैंकों में विलय कर इनकी क्षमता, दक्षता और पारदर्शिता बढाई गई है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि बैंक की शाखाओं का विस्तार किया गया है और देश के हर गांव के लगभग पांच किलोमीटर के दायरे में यह सुविधा उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि देश का आम नागरिक अब किसी भी समय, कहीं से भी छोटा सा लेन-देन भी डिजिटली कर सकता है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में बीमा, बैंक ऋण जैसी सुविधाएं सभी को उपलब्ध कराई गई हैं और गरीबों, महिलाओं, रेहडी पटडी वालों तथा छोटे किसानों को भी बैंकिंग सुविधा उपलब्ध कराकर उनका सशक्तिकरण किया गया है।
इस अवसर पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन ने कहा है कि आज का दिन देश के बैंकिंग इतिहास और जमाकर्ताओं के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सरकार ने जमाकर्ताओं के लिए प्रतिबद्धता दिखाई है। वित्त मंत्री ने कहा कि जमाकर्ताओं के हितों को सर्वोपरि रखा गया है।
रिजर्व बैंक के गर्वनर शक्तिकांत दास ने कहा कि बैंक की सभी नीतियों और कार्यों का दिशा-निर्देशक सिद्धान्त है- जमाकर्ता पहले। उन्होंने कहा कि जमा बीमा राशि का भुगतान अंतिम उपाय होना चाहिए। शक्तिकांत दास ने कहा कि जमाकर्ताओं को भी इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि अधिक ब्याज दर से आमतौर पर जोखिम भी ज्यादा होता है। उन्होंने कहा कि रिजर्व बैंक जमाकर्ताओं के हितों की रक्षा के लिए सभी दिशा निर्देशों को प्रभावी बनाने का हमेशा प्रयास करता है।
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