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पुणे रेल मंडल के विभिन्न स्टेशनों पर स्थापित किए गए सौर-ऊर्जा संयंत्र

पुणे, दिसंबर (ह. ए. प्रतिनिधि)

पुणे रेल मंडल ने एक कदम हरित भारत की ओर बढ़ाते हुए पुणे, शिवाजीनगर, खडकी स्टेशनों तथा चिंचवड में स्टेशन के निकट स्थित रेलवे कालोनी की छत पर सौर-ऊर्जा संयंत्र लगाए हैं।
पुणे रेल मंडल के वार्षिक निरीक्षण के दौरान मध्य रेल के महाप्रबंधक श्री अनिल कुमार लाहोटी की गरिमामय उपस्थिति में स्थापित किए गए सौर ऊर्जा संयंत्रों को शुरू किया गया। इस अवसर पर मंडल रेल प्रबंधक श्रीमती रेणु शर्मा, वरिष्ठ मंडल बिजली इंजीनियर जे.पी. मिश्रा सहित कई अन्य अधिकारी गण उपस्थित थे।
पुणे में 274.56, शिवाजीनगर में 77.22, खडकी में 74.88 तथा चिंचवड रेलवे कॉलोनी में 4 के. डब्लू. पी. क्षमता के सौर ऊर्जा संयंत्र लगाए गए हैं। पिंपरी स्टेशन पर कॉर्पोरेट सोशल रेस्पोंसिबिलिटी के अंतर्गत मेसर्स थाइसनक्रूप के सौजन्य से 55 के. डब्ल्यू. पी. क्षमता का सौर ऊर्जा संयंत्र लगाया गया है।
उपरोक्त सौर संयंत्रों से प्रति वर्ष 6,20,430 के. डब्लू. एच. / यूनिट उत्पादित विद्युत ऊर्जा से स्टेशनों तथा रेलवे कालोनी की आवश्यक दैनिक विद्युत ऊर्जा की जरूरतें पूर्ण होंगी।
इन सौर-ऊर्जा संयंत्रों के फलस्वरूप पुणे रेल मंडल द्वारा प्रति वर्ष बिजली बिलों पर होने वाले खर्चे में वार्षिक रु. 34,98,858/- की बचत होगी, साथ ही कार्बन-डाई-ऑक्साईड के होनेवाले उत्सर्जन में प्रति वर्ष 432.5 मीट्रिक टन की कमी आएगी।
उपरोक्त सौर-ऊर्जा संयंत्रों की स्थापना के परिणामस्वरूप  शिवाजीनगर, खड़की, पिंपरी स्टेशन शूद्ध-शून्य-उत्सर्जक (नेट ज़ीरो) के श्रेणी में आ गए हैं, जिसका आशय है कि इन  स्टेशनों पर दैनिक कार्य-संचालन हेतु जितनी दैनिक विद्युत ऊर्जा खपत होती है, उतनी अथवा उससे अधिक विद्युत-ऊर्जा सौर-ऊर्जा संयंत्रों से उत्पादित हो जाती है।
वर्तमान में पुणे स्टेशन पर कुल 434 के. डब्ल्यू. पी क्षमता का सौर-ऊर्जा संयंत्र कार्यरत  हैं। पुणे स्टेशन को पूर्ण रूप से शुद्ध-शून्य-उत्सर्जक (नेट ज़ीरो) बनाने हेतु उचित क्षमता के आवश्यक सौर ऊर्जा संयंत्र के स्थापित करने के कार्य को निकट भविष्य में शीघ्र पूर्ण कर लिया जाएगा।
पुणे रेल मण्डल पर अब तक लगभग कुल 765  के. डब्ल्यू. पी क्षमता के सौर-ऊर्जा संयंत्र स्थापित कर लिए गए हैं जो पर्यावरण की दृष्टि से लगभग 1530 वृक्ष लगाने के समतुल्य है। इस प्रकार नि:संदेह मंडल की ओर से हरित भारत बनाने एवं पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण योगदान है। 
ज्ञातव्य हो कि भारतीय रेल वर्ष 2030 तक शून्य कार्बन उत्सर्जन के लिए वचनबद्ध है। मध्य रेल पुणे रेल मंडल भी भारतीय रेल के इस लक्ष्य को साकार करने हेतु अपना सार्थक सहयोग देने के लिए प्रयासरत है। सौर ऊर्जा संयंत्रों का स्थापित होना इसी दिशा में एक सराहनीय कदम है।
यह जानकारी पुणे रेल मंडल के जनसंपर्क अधिकारी श्री मनोज झंवर द्वारा दी गई है।

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