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विचार-मंथन बैठकें और शिविरों के आयोजन की जिम्मेदारी समाज को लेनी चाहिए : डॉ. कुमार सप्तर्षि

पी.एम. शहा फाउंडेशन को किया गया सम्मानित
कुलपति डॉ. नितिन करमलकर से पुरस्कार स्वीकार करते हुए पी.एम. शहा फाउंडेशन के निदेशक एड. चेतन गांधी, साथ में डॉ. कुमार सप्तर्षि, कृष्णकुमार गोयल व अन्य उक्त चित्र में दिखाई दे रहे हैं।

पुणे, दिसंबर (ह.ए. प्रतिनिधि)

राज्य दिशा निर्देशों को लागू करने के लिए राजनीतिक दल जिम्मेदार हैं, लेकिन हाल के दिनों में सभी राजनीतिक दल केवल चुनावी तंत्र बन गए हैं। आज पहले की तरह शिविर और विचार-मंथन बैठकें नहीं होती हैं, इसलिए यह जिम्मेदारी समाज को लेनी चाहिए। यह मत महात्मा गांधी स्मृति कोष गांधी भवन के अध्यक्ष डॉ. कुमार सप्तर्षि ने व्यक्त किया।
वह स्वतंत्रता दिवस का अमृत महोत्सव और संविधान दिवस के अवसर पर, संवाद पुणे, कोहिनूर ग्रुप और युवा क्रांति दल द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित एक समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस कार्यक्रम में पुणे में सामाजिक, शैक्षणिक और स्वास्थ्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले संगठनों को सावित्रीबाई फुले, पुणे विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. नितिन करमलकर के शुभ हाथों सम्मानित किया गया। पी.एम. शहा फाउंडेशन को महात्मा गांधी की एक स्मारक तस्वीर, एक किताब, गांधीजी की तस्वीर वाले मग के साथ एक शबनम से सम्मानित किया गया। इस सम्मान को पी. एम. शहा फाउंडेशन के निदेशक एडवोकेट चेतन गांधी ने स्वीकार किया।
किसी भी देश के निर्माण में उस देश का संस्थागत नेटवर्क महत्वपूर्ण होता है। डॉ. करमलकर ने कहा कि पुणे शहर में संस्थागत नेटवर्क है और ये संस्थान समाज सेवा के क्षेत्र में छात्रों के लिए वास्तविक कार्यशालाएं हैं।
इस कार्यक्रम में कोहिनूर समूह के अध्यक्ष कृष्णकुमार गोयल, संवाद पुणे के अध्यक्ष सुनील महाजन, अखिल भारतीय मराठी चित्रपट महामंडल की निदेशक निकिता मोघे, महाराष्ट्र कला   प्रसारनी के कार्यकारी अध्यक्ष सचिन इटकर और संदीप बर्वे ने भाग लिया।

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