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भारत की शिक्षा एवं सामाजिक नवक्रांति के प्रतीक हैं महात्मा ज्योतिबा फुले : इमरान शेख

महात्मा फुले की प्रतिमा को पुष्पहार अर्पित करके अभिवादन करते हुए इमरान शेख व रमजान शेख उक्त चित्र में दिखाई दे रहे हैं। 

हड़पसर, दिसंबर (ह.ए. प्रतिनिधि)

स्त्री शिक्षा के जनक क्रांतिसूर्य महात्मा ज्योतिबा फुले के महान कार्य आनेवाली पीढ़ी के लिए प्रेरणादायक हैं। महात्मा फुले के सत्य खोजी विचारों को विकसित करना समय की जरूरत है। हमारी आनेवाली पीढ़ियों को देश के महान व्यक्तित्व के विचारों से अवगत कराना हमारी जिम्मेदारी है। क्रांतिकारी समाज सुधारक ज्योतिबा फुले भारत की शिक्षा एवं सामाजिक नवक्रांति के प्रतीक हैं। यह विचार दीया फ़ाउंडेशन के प्रमुख व अखिल भारतीय कांग्रेस पार्टी पुणे शहर जिला संघटक इमरान शेख ने व्यक्त किए।
क्रांतिसूर्य महात्मा ज्योतिबा फुले के 131 वें स्मृति दिन के अवसर पर दीया फ़ाउंडेशन व अखिल भारतीय कांग्रेस पार्टी पुणे शहर की ओर से इमरान शेख के जनसंपर्क कार्यालय में महात्मा ज्योतिबा फुले का स्मृति दिन मनाया गया। इस अवसर पर महात्मा फुले की प्रतिमा को इमरान शेख व रमजान शेख के हाथों पुष्पहार अर्पित करके अभिवादन किया गया, तब इमरान शेख बोल रहे थे। इस अवसर पर भारत आयुष्मान योजना के लाभार्थियों को कार्ड बांटे गए। यहां मतिन शेख, साहील शेख, किरण क्षीरसागर, वसीम शेख, रामभाऊ देवकर, असलम सैयद, वसीम शेख आदि के साथ अन्य उपस्थित थे।
इमरान शेख ने आगे कहा कि महात्मा ज्योतिबा फुले द्वारा की गई पहल से ही शिक्षा स्त्री और पुरुष दोनों के लिए समान रूप से आवश्यक हुई है, जिसके कारण आज शिक्षा का आनंद स्त्री और पुरुष दोनों ले रहे हैं। 
उन्होंने सभ्य और एक ऐसे समाज की कल्पना की थी, जिनमें सभी स्त्री-पुरुषों को समान अधिकार प्राप्त हो, प्रत्येक व्यक्ति के बीच किसी प्रकार का   भेदभाव न हो, मनुष्य के लिए समाज   सेवा से बढ़कर कोई धर्म नहीं है, इससे अच्छी ईश्वर सेवा कोई    नहीं है, उनके अनमोल ज्ञान व संदेश को आत्मसात करते हुए उनके द्वारा दिखाई गई राह पर चलना चाहिए।
प्रमुख अतिथि रमजान शेख ने कहा कि सामाजिक परिवर्तन लाने के लिए महात्मा ज्योतिबा फुले की पुस्तकों को पढ़ना चाहिए। इमरान भाई उनके काम से प्रेरित होकर हड़पसर में काम कर रहे हैं। कार्यक्रम का आयोजन दीया फ़ाउंडेशन द्वारा किया गया। 

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