भारतीय वायुसेना का एक हेलीकॉप्टर तमिलनाडु के कुन्नूर के निकट दुर्घटनाग्रस्त हो गया। वायुसेना ने बताया कि इस हेलीकॉप्टर में प्रमुख रक्षा अध्यक्ष (सीडीएस) जनरल बिपिन रावत भी सवार थे। वायुसेना ने बताया कि दुर्घटना में 13 लोगों की मौत हुई है। दुर्घटना कोहरे की स्थिति के चलते कथित तौर पर कम दृश्यता की वजह से हुई।
वायुसेना ने कहा कि हादसे की जांच के आदेश दे दिए गए हैं। वायुसेना का एमआई-17वीएच हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हुआ है। हेलीकॉप्टर ने कोयंबटूर के पास सुलुर वायुसेना अड्डे से उड़ान भरी थी। सीडीएस जनरल रावत वेलिंगटन में ‘डिफेंस सर्विसेज कॉलेज’ (डीएससी) जा रहे थे तभी हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया।
उन्होंने बताया कि हेलीकॉप्टर नीलगिरि जिले के पर्वतीय क्षेत्र में कुन्नूर के निकट नंजप्पनचथिराम इलाके में दुर्घटनाग्रस्त हुआ। दुर्घटनाग्रस्त हेलीकॉप्टर में 14 लोग सवार थे। कुछ वरिष्ठ अधिकारियों को लेकर हेलीकॉप्टर कोयंबटूर के सुलुर से वेलिंगटन में डीएससी की ओर जा रहा था, जहां जनरल रावत, थल सेनाध्यक्ष एम. एम. नरवणे के साथ बाद में एक कार्यक्रम में भाग लेने वाले थे। टीवी फुटेज में दुर्घटना के बाद हेलीकॉप्टर में आग की लपटें उठती दिखीं। बचावकर्मी, सेना के जवानों के साथ दुर्घटनास्थल से मलबा हटाते देखे गए।
वायुसेना ने कहा कि हादसे की जांच के आदेश दे दिए गए हैं। वायुसेना का एमआई-17वीएच हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हुआ है। हेलीकॉप्टर ने कोयंबटूर के पास सुलुर वायुसेना अड्डे से उड़ान भरी थी। सीडीएस जनरल रावत वेलिंगटन में ‘डिफेंस सर्विसेज कॉलेज’ (डीएससी) जा रहे थे तभी हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया।
उन्होंने बताया कि हेलीकॉप्टर नीलगिरि जिले के पर्वतीय क्षेत्र में कुन्नूर के निकट नंजप्पनचथिराम इलाके में दुर्घटनाग्रस्त हुआ। दुर्घटनाग्रस्त हेलीकॉप्टर में 14 लोग सवार थे। कुछ वरिष्ठ अधिकारियों को लेकर हेलीकॉप्टर कोयंबटूर के सुलुर से वेलिंगटन में डीएससी की ओर जा रहा था, जहां जनरल रावत, थल सेनाध्यक्ष एम. एम. नरवणे के साथ बाद में एक कार्यक्रम में भाग लेने वाले थे। टीवी फुटेज में दुर्घटना के बाद हेलीकॉप्टर में आग की लपटें उठती दिखीं। बचावकर्मी, सेना के जवानों के साथ दुर्घटनास्थल से मलबा हटाते देखे गए।
जनरल एम एम नरवने और भारतीय सेना के सभी सैनिकों ने आज 08 दिसंबर को एक दुर्भाग्यपूर्ण हवाई दुर्घटना में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत, डीडब्ल्यूडब्ल्यूए की अध्यक्ष श्रीमती मधुलिका रावत तथा 11 अन्य सैन्य कर्मियों के असामयिक निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया।
भारत के पहले सीडीएस जनरल बिपिन रावत, जिन्होंने भारतीय सेना के उच्च रक्षा संगठन में दूरगामी सुधारों की शुरुआत की, एक व्यक्ति दूरदर्शी थे। उन्होंने भारत के संयुक्त थिएटर कमांड की नींव रखने और सैन्य उपकरणों के बढ़ते स्वदेशीकरण को प्रोत्साहन देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई- जो एक विरासत है जिसे आगे की पीढ़ियों द्वारा आगे बढ़ाया और सुदृढ़ किया जाएगा।
आर्मी वाइव्स वेलफेयर एसोसिएशन की पूर्व अध्यक्ष श्रीमती मधुलिका रावत भी अनुग्रह की प्रतिमूर्ति थीं, जिनकी अनुपस्थिति सभी को खलेगी। वेलिंगटन जाते हुए सीडीएस तथा डीडब्ल्यूडब्ल्यूए अध्यक्ष समेत मृतक 11 सैन्यकर्मी भी सभी को समान रूप से याद आएंगे। उन्होंने सशस्त्र बलों की सर्वोत्तम परंपराओं के अनुसार अपने कर्तव्यों का पालन किया।
भारत के पहले सीडीएस जनरल बिपिन रावत, जिन्होंने भारतीय सेना के उच्च रक्षा संगठन में दूरगामी सुधारों की शुरुआत की, एक व्यक्ति दूरदर्शी थे। उन्होंने भारत के संयुक्त थिएटर कमांड की नींव रखने और सैन्य उपकरणों के बढ़ते स्वदेशीकरण को प्रोत्साहन देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई- जो एक विरासत है जिसे आगे की पीढ़ियों द्वारा आगे बढ़ाया और सुदृढ़ किया जाएगा।
आर्मी वाइव्स वेलफेयर एसोसिएशन की पूर्व अध्यक्ष श्रीमती मधुलिका रावत भी अनुग्रह की प्रतिमूर्ति थीं, जिनकी अनुपस्थिति सभी को खलेगी। वेलिंगटन जाते हुए सीडीएस तथा डीडब्ल्यूडब्ल्यूए अध्यक्ष समेत मृतक 11 सैन्यकर्मी भी सभी को समान रूप से याद आएंगे। उन्होंने सशस्त्र बलों की सर्वोत्तम परंपराओं के अनुसार अपने कर्तव्यों का पालन किया।
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