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पुणे के वॉर मेमोरियल में 74वें सेना दिवस पर युद्ध नायकों को दी गई श्रद्धांजलि

पुणे, जनवरी (ह.ए. प्रतिनिधि)

74वें सेना दिवस के अवसर पर लेफ्टिनेंट जनरल जे.एस. नैन, जीओसी-इन-सी दक्षिणी कमान ने राष्ट्र की संप्रभुता की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान देने वालों को पुष्पांजलि अर्पित की और श्रद्धांजलि दी। यह कार्यक्रम पुणे के वॉर मेमोरियल में कोविड दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए आयोजित किया गया था।
सेना दिवस 15 जनवरी को मनाया जाता है। आज ही के दिन 1949 में लेफ्टिनेंट जनरल (बाद में फील्ड मार्शल) के.एम. करियप्पा भारतीय सेना के पहले कमांडर-इन-चीफ बने थे। हर साल इस दिन सेना के उन जवानों को सम्मानित किया जाता है, जिन्होंने निस्वार्थ भाव से देश की सेवा की और साहस और बलिदान की सबसे बड़ी मिसाल कायम की।
दक्षिणी कमान जो देश की पश्चिमी सीमाओं की रक्षा के लिए जिम्मेदार है, ने आजादी के बाद से सभी प्रमुख सैन्य अभियानों में भाग लिया है और प्राकृतिक आपदाओं और अन्य आपदाओं के समय नागरिकों को सहायता भी प्रदान की है। 74वें सेना दिवस के अवसर पर दक्षिणी कमान के अधिकारियों और सैनिकों ने भारतीय सेना की गौरवशाली परंपराओं को बनाए रखने और राष्ट्र की अखंडता और सुरक्षा को बनाए रखने का संकल्प लिया।
सेना कमांडर ने इस अवसर पर सभी रैंकों, दिग्गजों, वीर नारियों और उनके परिवार के सदस्यों को शुभकामनाएं दीं और दक्षिणी कमान के सभी रैंकों को आंतरिक और बाहरी दोनों विरोधियों से मातृभूमि की रक्षा और सुरक्षा के कार्य के लिए खुद को फिर से समर्पित करने का आह्वान किया। उन्होंने किसी भी आपदा या प्राकृतिक आपदा के समय नागरिकों को निरंतर सहायता के लिए दक्षिणी कमान की प्रतिबद्धता को भी आश्वस्त किया।
यह जानकारी पुणे रक्षा विभाग के जनसंपर्क अधिकारी श्री महेश अय्यंगार द्वारा दी गई है।

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