जातिभेद ना देश में दिखता
सुख दुःख कोई काम आता
त्यौहारों का लगता मेला
ऐसा देश सबसे निराला,
छत्रपति, बाबासाहब की
प्रेरणा लेकर उनके कदमों
पर कदम रखकर सब चलते
इस भारत देश के वासी,
देश के लिए जान गंवाई
बापू, भगत बोस याद आई
श्रद्धांजलि आज करते अर्पण
दिया जीवन देश को समर्पण,
अतिथियों की होती सेवा
कष्ट न कोई किसी को देता
मदद हर किसी की करता
इंसान इंसा के काम आता,
जाओ कहीं भी राज्य में
अपनेपन का अहसास होता
भूखे-प्यासे न कोई जाने देता
इतना सम्मान कहीं भी मिलता,
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