मुंबई, फरवरी (हड़पसर एक्सप्रेस न्यूज नेटवर्क)
महावितरण ने मांग के अनुसार बिजली की आपूर्ति के पिछले सभी रिकॉर्ड को तोड़ते हुए मंगलवार (8 फरवरी) को रिकॉर्ड 23,075 मेगावाट बिजली की आपूर्ति की। मुंबई को छोड़कर, राज्य के बाकी हिस्सों और महावितरण के अधिकार क्षेत्र में बिजली आपूर्ति के एक नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। इससे पहले 9 मार्च, 2021 को रिकॉर्ड 22,339 मेगावाट बिजली की आपूर्ति की गई।
राज्य में गर्मी की लहर धीरे-धीरे बढ़ने लगी है। इसके चलते बिजली की खपत बढ़ गई है। वहीं, कृषि पंपों द्वारा बिजली का उपयोग भी बढ़ा है। नतीजतन, पिछले कुछ दिनों से बिजली की मांग लगातार बढ़ रही है। इसमें मंगलवार (8 दिसंबर) को मुंबई समेत प्रदेश में 25 हजार 955 मेगावाट बिजली की मांग दर्ज की गई। मुंबई को छोड़कर, महावितरण ने राज्य के बाकी हिस्सों में लगभग 2 करोड़ 81 लाख ग्राहकों को 23,075 मेगावाट बिजली की आपूर्ति की है। उल्लेखनीय है कि बिजली की इस रिकॉर्ड मांग को पूरा करते हुए राज्य के किसी भी हिस्से में लोड शेडिंग नहीं की गई।
महावितरण के रिकॉर्ड प्रदर्शन के संबंध में राज्य के ऊर्जा मंत्री डॉ. नितिन राउत और ऊर्जा राज्य मंत्री श्री प्राजक्त तानपुरे ने सराहना और बधाई दी है। प्रमुख सचिव, ऊर्जा विभाग, श्री दिनेश वाघमारे के मार्गदर्शन और महावितरण के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक श्री विजय सिंघल के नेतृत्व में विभिन्न स्रोतों से उपलब्धता की योजना बनाकर बिजली की इस रिकॉर्ड मांग को पूरा किया गया। महावितरण द्वारा आज तक किए गए बिजली वितरण प्रणाली के सशक्तिकरण और विस्तार के साथ-साथ दैनिक रखरखाव और मरम्मत कार्य की यह उपलब्धि है। नतीजतन, मौजूदा बिजली संयंत्रों के माध्यम से 23,000 मेगावाट से अधिक बिजली का संचार किया गया है।
महावितरण ने मांग के अनुसार बिजली की आपूर्ति के पिछले सभी रिकॉर्ड को तोड़ते हुए मंगलवार (8 फरवरी) को रिकॉर्ड 23,075 मेगावाट बिजली की आपूर्ति की। मुंबई को छोड़कर, राज्य के बाकी हिस्सों और महावितरण के अधिकार क्षेत्र में बिजली आपूर्ति के एक नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। इससे पहले 9 मार्च, 2021 को रिकॉर्ड 22,339 मेगावाट बिजली की आपूर्ति की गई।
राज्य में गर्मी की लहर धीरे-धीरे बढ़ने लगी है। इसके चलते बिजली की खपत बढ़ गई है। वहीं, कृषि पंपों द्वारा बिजली का उपयोग भी बढ़ा है। नतीजतन, पिछले कुछ दिनों से बिजली की मांग लगातार बढ़ रही है। इसमें मंगलवार (8 दिसंबर) को मुंबई समेत प्रदेश में 25 हजार 955 मेगावाट बिजली की मांग दर्ज की गई। मुंबई को छोड़कर, महावितरण ने राज्य के बाकी हिस्सों में लगभग 2 करोड़ 81 लाख ग्राहकों को 23,075 मेगावाट बिजली की आपूर्ति की है। उल्लेखनीय है कि बिजली की इस रिकॉर्ड मांग को पूरा करते हुए राज्य के किसी भी हिस्से में लोड शेडिंग नहीं की गई।
महावितरण के रिकॉर्ड प्रदर्शन के संबंध में राज्य के ऊर्जा मंत्री डॉ. नितिन राउत और ऊर्जा राज्य मंत्री श्री प्राजक्त तानपुरे ने सराहना और बधाई दी है। प्रमुख सचिव, ऊर्जा विभाग, श्री दिनेश वाघमारे के मार्गदर्शन और महावितरण के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक श्री विजय सिंघल के नेतृत्व में विभिन्न स्रोतों से उपलब्धता की योजना बनाकर बिजली की इस रिकॉर्ड मांग को पूरा किया गया। महावितरण द्वारा आज तक किए गए बिजली वितरण प्रणाली के सशक्तिकरण और विस्तार के साथ-साथ दैनिक रखरखाव और मरम्मत कार्य की यह उपलब्धि है। नतीजतन, मौजूदा बिजली संयंत्रों के माध्यम से 23,000 मेगावाट से अधिक बिजली का संचार किया गया है।
महावितरण लंबी अवधि के बिजली खरीद समझौतों के साथ बिजली पैदा करने वाली कंपनियों से 6,874 मेगावाट, एनटीपीसी और एनपीसीआईएल से 4,154 मेगावाट और अदानी पावर, रतन इंडिया, सीजीपीएल, जेएसडब्ल्यू, साई वर्धा, एम्पो जैसी निजी परियोजनाओं से 4,853 मेगावाट उत्पन्न करता है। वहीं नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों से सौर ऊर्जा-2335 मेगावाट, पवन ऊर्जा-166 मेगावाट तथा सह-उत्पादन परियोजनाओं से 1200 मेगावाट कुल 3 हजार 991 मेगावाट बिजली उपलब्ध कराई गई।
शेष मांग कोयना, घाटघर और अन्य जल विद्युत परियोजनाओं से 1,320 मेगावाट उत्पादन के साथ-साथ खुले उपभोक्ता और रेलवे बिजली उत्पादन स्रोतों से 1,353 मेगावाट और बिजली एक्सचेंजों से 630 मेगावाट खरीदकर पूरी की गई है।
यह जानकारी पुणे महावितरण कंपनी के मुख्य अभियंता कार्यालय, पुणे परिमंडल के जनसंपर्क अधिकारी श्री निशी राऊत द्वारा दी गई है।
शेष मांग कोयना, घाटघर और अन्य जल विद्युत परियोजनाओं से 1,320 मेगावाट उत्पादन के साथ-साथ खुले उपभोक्ता और रेलवे बिजली उत्पादन स्रोतों से 1,353 मेगावाट और बिजली एक्सचेंजों से 630 मेगावाट खरीदकर पूरी की गई है।
यह जानकारी पुणे महावितरण कंपनी के मुख्य अभियंता कार्यालय, पुणे परिमंडल के जनसंपर्क अधिकारी श्री निशी राऊत द्वारा दी गई है।
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