प्रदेश के 4 लाख किसानों के बिजली बिल पूरी तरह से कोरे : कृषि पंपों के 1 लाख 20 हजार नए कनेक्शन
महावितरण द्वारा बकायादार किसानों से इस योजना में भाग लेने और बकाया मुक्त योजना का अधिकतम लाभ उठाने की अपील
मुंबई, फरवरी (हड़पसर एक्सप्रेस न्यूज नेटवर्क)ऊर्जा राज्य मंत्री डॉ. नितिन राउत की कृषि पंप बिजली कनेक्शन नीति 2020 की अवधारणा के अनुसार, कृषि पंप के बिजली बिलों के बकाया से छुटकारा पाने के लिए केवल 32 दिन शेष हैं। यदि 31 मार्च तक 50 प्रतिशत बकाया एवं पूर्ण वर्तमान बिजली बिल का भुगतान कर दिया जाता है तो शेष बकाया भी माफ कर दिया जायेगा।
कृषि पंपों के बिजली बिलों के बकाया से मुक्त होने के लिए राज्य के 44 लाख 50 हजार किसानों के मूल बकाया में ब्याज विलंब शुल्क पर छूट एवं महावितरण द्वारा गैर-लेखन का कुल 15,097 करोड़ रुपये माफ किए गए हैं। बिजली बिलों की मरम्मत के लिए अब तक 300 करोड़ 24 लाख रुपये का समायोजन किया जा चुका है। नतीजतन, किसानों के पास वर्तमान में बिजली बिलों पर 30,705 करोड़ रुपये का सुधारित बकाया है, जिसमें से 50 प्रतिशत बकाया 31 मार्च 2022 तक भर दिया गया तो बाकी का 50 प्रतिशत मतलब 15 हजार 352 करोड़ 50 लाख रुपये की माफी किसानों को मिलेगी।
इस बीच, जिन किसानों को बिजली बिलों की शिकायत या संदेह है, वे तुरंत निराकरण करें व इस योजना का लाभ सभी बकायादार किसानों तक पहुंचाने के लिए त्वरित कार्रवाई की जाए। यह निर्देश अध्यक्ष व व्यवस्थापकीय संचालक श्री विजय सिंघल ने सभी क्षेत्रीय कार्यालयों को दिए हैं।
कृषि पंपों के बिजली बिलों की बकाया राहत योजना का वर्तमान में अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है और मंगलवार (23 तारीख) तक 21 लाख 79 हजार 816 किसानों ने चालू बिजली बिल और बकाया की कुछ राशि का भुगतान कर भाग लिया है। उन्हें अब तक ब्याज, जुर्माने और गैर-लेखन के साथ भुगतान की गई राशि के बराबर कुल 6,769.50 करोड़ रुपयों की छूट मिली है। यदि ये किसान 31 मार्च तक सुधारित बकाया की 50 प्रतिशत राशि का भुगतान कर देते हैं तो उनका शेष 50 प्रतिशत बकाया पूरी तरह माफ कर दिया जाएगा। इसके साथ ही अब तक सुधारित बकाया की कुल 50 प्रतिशत व वर्तमान बिजली बिल भरकर राज्य के 3 लाख 97 हजार 199 किसानों ने संपूर्ण बिजली बिल कोरे कर लिए हैं। उन्हें बाकी 50 प्रतिशत बकाया की 571 करोड़ 88 लाख रुपयों की छूट मिल गई है।
कृषि बिजली बिलों के बकाया की योजना में पुणे क्षेत्रीय विभाग के 7 लाख 27 हजार 637 किसानों ने भाग लिया, इनमें से 2 लाख 9 हजार 638 किसानों को बकाया राशि से मुक्त कर दिया गया है। कोकण प्रादेशिक विभाग में शामिल 6 लाख 19 हजार 285 में से 1 लाख 9 हजार 594 किसानों को बकाया राशि से मुक्त किया गया। नागपुर प्रादेशिक विभाग में 3 लाख 43 हजार 207 किसान शामिल हुए, उनमें स 60 हजार 938 बकाया मुक्त और औरंगाबाद प्रादेशिक विभाग में शामिल 4 लाख 89 हजार 687 में से 17 हजार 29 किसानों को बकाया राशि से मुक्त कर दिया गया है।
कृषि पम्प विद्युत कनेक्शन की नीति के अनुसार ग्राम पंचायत (33 प्रतिशत) एवं जिलास्तर पर (33 प्रतिशत) के विस्तार एवं अधिकारिता हेतु कृषि आकस्मिकता निधि द्वारा कृषि विद्युत बिलों के वर्तमान एवं बकाया का 66 प्रतिशत प्रदान किया जा रहा है। इस हिसाब से अब तक 1741 करोड़ 22 लाख रुपये का कोष जुटाया जा चुका है। इसमें से 870.61 करोड़ रुपये की राशि का उपयोग ग्राम पंचायतों और जिलों में बिजली व्यवस्था के विकास के लिए किया जा रहा है। इसने कृषि पंपों के नए कनेक्शन, उचित दबाव और सुचारू बिजली आपूर्ति के साथ स्थानीय बिजली संयंत्रों के विस्तार और सशक्तिकरण को गति दी है। प्रदेश में अब तक 1 लाख 20 हजार 572 कृषि पंपों को नए कनेक्शन दिए जा चुके हैं। इनमें से पुणे क्षेत्रीय विभाग में 57 हजार 70, कोंकण में 31 हजार 891, नागपुर में 20 हजार 554 और औरंगाबाद क्षेत्रीय विभाग में 11 हजार 57 कृषि पंपों को नए बिजली कनेक्शन दिए गए हैं। प्रदेश में अब तक कृषि आकस्मिक निधि से 585 करोड़ 79 लाख रुपये की लागत से 23 हजार 778 विद्युत प्रणालियों के विभिन्न कार्यों के लिए बजट स्वीकृत किया गया है, जिसमें से 18 हजार 501 कार्यादेश दिए गए। 15 हजार 725 कार्य प्रगति पर हैं तथा 2776 कार्य पूर्ण हो चुके हैं। चूंकि 31 मार्च, 2022 तक सुधारित बकाया में एक और 50 प्रतिशत छूट प्राप्त करने का अवसर है। महावितरण ने बकायादार किसानों से इस योजना में भाग लेने और बकाया मुक्त योजना का अधिकतम लाभ उठाने की अपील की है।
यह जानकारी पुणे महावितरण कंपनी के मुख्य अभियंता कार्यालय, पुणे परिमंडल के जनसंपर्क अधिकारी श्री निशी राऊत द्वारा दी गई है।
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