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शंकरराव चव्हाण स्वर्ण महोत्सव पत्रकार कल्याण कोष में 15 करोड़ की वृद्धि

मुंबई, मार्च (महासंवाद)

बजट में शंकरराव चव्हाण स्वर्ण महोत्सव पत्रकार कल्याण कोष में 15 करोड़ रुपये की वृद्धि की गई है, जिससे वरिष्ठ पत्रकारों को पेंशन मिलने में आसानी होगी। पिछले साल भी बजट में 10 करोड़ रुपये की घोषणा की गई थी। इस घोषणा के परिणामस्वरूप निधि 50 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है।
बजट में शंकरराव चव्हाण स्वर्ण महोत्सव पत्रकार कल्याण कोष, पत्रकारों को गंभीर बीमारी, दुर्घटना या आकस्मिक मृत्यु के मामले में उनकी या उनके परिवारों की मदद करने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करता है। बजट में शंकरराव चव्हाण स्वर्ण महोत्सव कल्याण निधि की ब्याज से ‘आचार्य बालशास्त्री जांभेकर पत्रकार सम्मान योजना’ वरिष्ठ पत्रकारों के लिए शुरू की गई है। 
विभिन्न पत्रकार संघों और विधानसभा के सदस्यों द्वारा सरकार से पत्रकारों के लिए पेंशन की मांग की जा रही थी। राज्य के वरिष्ठ पत्रकारों के प्रति सम्मान और आभार प्रकट करने के लिए उन्हें वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए एक पत्रकार सम्मान योजना शुरू की गई है। विभिन्न पत्रकार संघों ने इस वर्ष इस कोष में वृद्धि की मांग की थी।
कोरोना के कठिन समय के दौरान राज्य की अर्थव्यवस्था के सामने बड़ी चुनौतियों के बावजूद वरिष्ठ पत्रकारों को धन उपलब्ध कराने के लिए मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और उपमुख्यमंत्री अजीत पवार के प्रति विभिन्न पत्रकार संघों द्वारा आभार प्रकट किया गया है।
वर्ष 2022-2023 का बजट पेश
कृषि, स्वास्थ्य, जनशक्ति विकास, परिवहन और औद्योगिक विकास पर फोकस के साथ विकास को गति देने वाला वर्ष 2022-2023 का बजट विधानसभा में पेश किया गया। इन पांच क्षेत्रों के लिए 1 लाख 15 हजार 215 करोड़ रुपये का परिव्यय प्रस्तावित किया गया है। विकास के पांच सूत्र, सामाजिक जिम्मेदारी, पर्यटन विकास के नए क्षेत्रों का सशक्तिकरण, संस्कृति का संरक्षण और विरासत स्थलों के विकास की योजनाएं इस बजट की मुख्य विशेषताएं हैं। राज्य में नियमित रूप से अपना ऋण चुकाने वाले 20 लाख किसानों को 50,000 रुपये का अनुदान दिया जाएगा। इसके लिए 10 हजार करोड़ रुपयों का खर्च अपेक्षित वाला सर्व समावेशक बजट उपमुख्यमंत्री तथा वित्त व नियोजन मंत्री अजीत पवार ने विधानसभा में और राज्यमंत्री शंभूराज देसाई ने विधानपरिषद में पेश किया।
उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ने बताया कि वर्ष 2022-23 के लिए जिला वार्षिक  योजना हेतु 13,340 करोड़ रुपये का   प्रावधान प्रस्तावित किया गया है। वार्षिक योजना के लिए 1,50,000 करोड़,  अनुसूचित जाति उपयोजना के लिए 12,230 करोड़, अनुसूचित जनजाति उपयोजना के लिए 11,199 करोड़ रुपयों का प्रावधान प्रस्तावित किया गया है। राजस्व जमा 4,03,427 करोड़ प्रस्तावित और राजस्व खर्च 4,27,780 करोड़ रुपये है। राजस्व घाटा 24,353 करोड़ रुपये अपेक्षित है।

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