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पुणे जिले में पानी की समस्या का होगा प्राथमिकता से समाधान : जल संपदा मंत्री जयंत पाटिल

मुंबई, मार्च (हड़पसर एक्सप्रेस न्यूज नेटवर्क)
पुणे जिले में पानी की समस्या को लेकर सरकार संवेदनशील है। जल संपदा एवं लाभ क्षेत्र विकास मंत्री जयंत पाटिल ने विधानसभा में बताया कि पानी की समस्या को लेकर प्राप्त बयानों पर कार्रवाई की जा रही है।
पुणे जिले के मावल और मुलशी तालुकाओं में छह जलाशय हैं। इन जलाशयों से दौंड, पुरंदर और बारामती तालुकाओं में पानी उपलब्ध होने से सूखा प्रवण क्षेत्रों में पानी की समस्या स्थायी रूप से हल होगी। अत: जलाशयों का फिर से सर्वेक्षण किया जाए, यह सुझाव सदन में दिया गया। इसमें विधानसभा सदस्यों जयकुमार गोरे, धीरज देशमुख, राधाकृष्ण विखे-पाटिल ने भाग लिया।
जल संपदा मंत्री जयंत पाटिल ने कहा कि कृष्णा जल विवाद न्यायाधिकरण ने हर साल कृष्णा घाटी के बाहर पानी डायवर्ट करने की औसत और अधिकतम सीमा तय की है। कृष्णा घाटी में पानी की बढ़ती मांग को देखते हुए 2 अगस्त 2028 अन्वये भावे समिति का गठन किया गया है। समिति की रिपोर्ट का अध्ययन करने और आगे की नीति तय करने के लिए एक विशेषज्ञ समिति का भी गठन किया गया है। विशेषज्ञ समिति की अंतिम रिपोर्ट मिलने के बाद ही कार्रवाई की जाएगी। साथ ही खडकवासला परियोजना के तहत जनाई-शिरसाई उप सिंचाई योजना की मूल स्वीकृत परियोजना रिपोर्ट में कुल 65 जलाशय शामिल हैं, जिनमें से 45 जलाशय से वर्तमान में पानी छोड़ा जा रहा है। अनुमोदित परियोजना प्रतिवेदन में शामिल नहीं होने वाले जलाशयों के उपायों का अध्ययन करने के लिए क्षेत्रीय एवं महामंडल स्तर पर सर्वेक्षण किया जा रहा है। इस सर्वेक्षण के पूरा होने के बाद, प्राप्त मानदंडों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

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