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विवादों को सौहार्दपूर्ण ढंग से सुलझाने के लिए लोकअदालत अत्यंत महत्वपूर्ण : प्रमुख जिला व सत्र न्यायधीश संजय देशमुख

पुणे, मार्च (जिमाका)

लोकअदालतों के माध्यम से मामलों को सुलझाने में पुणे जिला अग्रणी है। विवादों को सौहार्दपूर्ण ढंग से सुलझाने के लिए लोकअदालत अत्यंत महत्वपूर्ण है। जिले में अधिक से अधिक मामलों का लोक अदालत के माध्यम से निपटारा होगा। यह विश्वास संजय देशमुख, मुख्य जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं अध्यक्ष, विधि सेवा प्राधिकरण, पुणे ने व्यक्त किया।
जिला व सत्र न्यायालय मेें राष्ट्रीय विधि सेवा प्राधिकरण व महाराष्ट्र राज्य विधि सेवा प्राधिकरण की सूचना के अनुसार आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत के उद्घाटन के अवसर पर वे बोल रहे थे। इस अवसर पर जिला न्यायधीश एस.एस.गोसावी, जिला न्यायधीश के.पी.नांदेडकर, न्यायधीश श्री वेदपाठक, विधि सेवा प्राधिकरण के सचिव तथा दीवानी न्यायाधीश वरिष्ठ स्तर प्रताप सावंत, जिला सरकारी वकील एन.डी.पाटिल, पुणे वकील बार आसोसियशन के अध्यक्ष एडवोकेट पांडुरंग थोरवे आदि उपस्थित थे।
श्री देशमुख ने कहा कि लोगों की अदालत में समझौता करने के लिए संवाद अत्यंत महत्वपूर्ण है। मतभेद हो सकते हैं लेकिन मनभेद नहीं हों। भविष्य को ध्यान में रखते हुए कोर्ट में समय और पैसा बर्बाद किए बिना विवादों को सौहार्दपूर्ण तरीके से सुलझाएं, यह सलाह भी दी। लोकअदालतों के माध्यम से मामलों को सुलझाने में पुणे जिला अपनी अग्रणी स्थिति बनाए रखेगा।
श्री नांदेडकर ने कहा कि लोकअदालतों के माध्यम से मामलों के त्वरित निपटान के कारण, लोकअदालत को अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है। पिछले साल पुणे जिले ने देश में  लोकअदालत में कामयाबी हासिल की थी। आज की लोकअदालत की सफलता भी दर्ज होगी।
आज की लोकअदालत के माध्यम से अधिक से अधिक मामलों को न्यायालयों के माध्यम से निपटाने का तरीका खोजने का प्रयास करना चाहिए।
श्री सावंत ने कहा कि लोक अदालत में पुणे में 50 हजार से अधिक लंबित मामले, 2 लाख से ज्यादा प्री-फाइलिंग, 11 लाख से ज्यादा ई-चालान केस समझौता के लिए रखे गए हैं। पुणे में लोक अदालतों के माध्यम से मामलों को सुलझाने के लिए 60 पैनल उपलब्ध हैं। 7 से 11 मार्च के बीच 17,000 से अधिक छोटे-मोटे मामलों का निपटारा किया जा चुका है। राज्य में पहले क्रमांक पर पुणे लोकअदालत की दखल विश्व बैंक व राष्ट्रीय विधि सेवा प्राधिकरण ने ली है, इस बारे में एकत्रित अभ्यास कर डाटा संकलन का काम शुरू है। इसका काम विधि महाविद्यालय के विद्यार्थियों द्वारा किया जा रहा है।


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