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मीडिया क्षेत्र में तकनीक में हो रहे निरंतर परिवर्तनों को स्वीकार करना आवश्यक : समीर देसाई

सूचना विभाग के अधिकारी व कर्मचारी पत्रकारिता में नई तकनीक आत्मसात करें : सूचना उप निदेशक डॉ. राजू पाटोदकर
पुणे, मार्च (जिमाका)

सूचना प्रौद्योगिकी के युग में मीडिया के क्षेत्र में लगातार नवीन प्रौद्योगिकी आ रही है, इसमें सुधार हो रहा है। मोबाइल पत्रकारिता के क्षेत्र में विशेषज्ञ समीर देसाई का मानना है कि इन सुधारों को अपनाने से अगर हम अपनी क्षमता बढ़ाते हैं तो इससे हमें न सिर्फ सरकारी कामों में बल्कि निजी जीवन में भी फायदा होगा।
वे विभागीय एवं जिला सूचना कार्यालयों द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित ‘मोबाइल पत्रकारिता’ पर आयोजित कार्यशाला में बोल रहे थे। इस अवसर पर उप निदेशक सूचना, पुणे विभाग डॉ. डॉ. राजू पाटोदकर, जिला सूचना अधिकारी डॉ. किरण मोघे, सोलापुर जिला सूचना अधिकारी सुनील सोनटक्के, सातारा जिला सूचना अधिकारी दत्तात्रेय कोकरे, सूचना अधिकारी सचिन गाढवे, प्रशिक्षक हेमंत जाधव आदि उपस्थित थे।
श्री देसाई ने कहा कि मोबाइल फोन तीसरी आंख है और यदि आप अपने आस-पास होने वाली घटनाओं से अवगत हैं, तो इसे फोटोग्राफ और वीडियो कैप्चर करके पत्रकारिता के लिए प्रभावी ढंग से इस्तेमाल कर सकते हैं। विभिन्न निजी टेलीविजन समाचार चैनलों ने ‘मोबाइल पत्रकारिता’ के लिए पत्रकारों को आधुनिक उपकरण प्रदान किए हैं और फिल्मांकन, मिश्रण, संपादन, अपलोडिंग आदि का काम मोबाइल फोन के माध्यम से किया जाता है।
मोबाइल पत्रकारिता को पत्रकारिता का भविष्य बताते हुए प्रशिक्षक श्री देसाई और श्री जाधव ने मोबाइल पत्रकारिता के लिए आवश्यक सामग्री की जानकारी प्रदान की। उन्होंने इस सामग्री के उपयोग, विभिन्न मोबाइल ऐप, वेबसाइट, कैमरा उपयोग, साउंडट्रैक, साउंडट्रैक की रिकॉर्डिंग, तस्वीरें लेते समय सावधानी बरतने के बारे में भी विस्तृत जानकारी दी।
इस समय पुणे विभाग में चल रही गतिविधियों के बारे में जानकारी के साथ-साथ आगामी योजना के भविष्य के प्रचार के बारे में जानकारी डॉ. पाटोदकर ने दी।
सूचना उप निदेशक डॉ. पाटोदकर ने कहा कि कार्यालय के काम में संचार के लिए मोबाइल फोन का व्यापक रूप से उपयोग किया जाता है। हालांकि, इस मोबाइल फोन का उपयोग सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा समाचार के लिए फोटो और वीडियो बनाने के लिए प्रभावी ढंग से किया जाना चाहिए। हमें हर दिन नई तकनीकों को प्राप्त करके अपनी तकनीकी क्षमताओं को बढ़ाने की जरूरत है। ऑफिस के काम का ध्यान रखें और विभिन्न कौशलों को विकसित करने और उसके माध्यम से प्रगति करने का प्रयास करें। उन्होंने यह भी कहा कि इसके लिए स्थायी प्रोत्साहन दिया जाएगा।
कार्यशाला में सूचना सहायक गणेश फुंदे, धोंडिराम अर्जुन, संदीप राठोड, गीतांजलि अवचट सहित पुणे, सातारा, सोलापुर के जिला सूचना कार्यालयों के कर्मचारी उपस्थित थे।

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