पुणे, अप्रैल (जिमाका)
राष्ट्रीय कानून सेवा प्राधिकरण और महाराष्ट्र राज्य कानून सेवा प्राधिकरण, उच्च न्यायालय, मुंबई के निर्देश पर कानून सेवा प्राधिकरण अधिनियम 1987 में प्रावधान के अंतर्गत जिले के सभी न्यायालयों में 7 मई 2022 को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया है।
न्यायालयीन लंबित समझौता फौजदारी प्रकरण एवं दिवानी दावे आपसी सामंजस्य से हल करने के लिए राष्ट्रीय कानून सेवा प्राधिकरण व महाराष्ट्र राज्य कानून सेवा प्राधिकरण समय-समय पर लोक अदालतों का आयोजन करते आ रहे हैं। लोक अदालत के लिए दूरचित्र संवाद प्रणाली के माध्यम से प्रकरण समझौता कर हल करने की अनुमति दी गई है।
लोक अदालत में रखे जाने वाले मामले
चेक के अनादर के मामले, बैंक ऋण वसूली के मामले, श्रम विवाद, बिजली और पानी के भुगतान के मामले, समझौता किए गए आपराधिक मामले, आयकर अधिनियम में आपराधिक शिकायतें, मोटर दुर्घटना मुआवजा देने के मामले, वैवाहिक विवाद, संपादन प्रकरण व दिवाणी दावे व उपरोक्त प्रारूप में पूर्व-दाखिल प्रारंभिक मामले सुनवाई के लिए रखे जाते हैं।
राष्ट्रीय लोक अदालत के फायदे
-प्रकरण में जमा की गई संपूर्ण कोर्ट फी वापस मिलती है।
-लोक अदालत के फैसले को किसी भी अदालत में चुनौती नहीं दी जा सकती है।
-सामंजस्य से विवाद समाप्त होने पर समय और पैसा दोनों की बचत होती है।
-लोक अदालत में पक्षकार अपना पक्ष स्वयं रख सकते हैं।
यदि पक्ष लोक अदालत में विवाद को सौहार्दपूर्ण ढंग से निपटाना चाहते हैं, तो उन्हें तुरंत पुणे जिला कानूनी सेवा प्राधिकरण कार्यालय या संबंधित तालुका कानूनी सेवा समिति से संपर्क करें अथवा मोबाइल नंबर 8591903612 या वश्रीर्रिीपश2ऽसारळश्र.लेा ईमेल पर संपर्क करें। यह अपील जिला कानून सेवा प्राधिकरण के सचिव प्रताप सावंत द्वारा की गई है।
राष्ट्रीय कानून सेवा प्राधिकरण और महाराष्ट्र राज्य कानून सेवा प्राधिकरण, उच्च न्यायालय, मुंबई के निर्देश पर कानून सेवा प्राधिकरण अधिनियम 1987 में प्रावधान के अंतर्गत जिले के सभी न्यायालयों में 7 मई 2022 को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया है।
न्यायालयीन लंबित समझौता फौजदारी प्रकरण एवं दिवानी दावे आपसी सामंजस्य से हल करने के लिए राष्ट्रीय कानून सेवा प्राधिकरण व महाराष्ट्र राज्य कानून सेवा प्राधिकरण समय-समय पर लोक अदालतों का आयोजन करते आ रहे हैं। लोक अदालत के लिए दूरचित्र संवाद प्रणाली के माध्यम से प्रकरण समझौता कर हल करने की अनुमति दी गई है।
लोक अदालत में रखे जाने वाले मामले
चेक के अनादर के मामले, बैंक ऋण वसूली के मामले, श्रम विवाद, बिजली और पानी के भुगतान के मामले, समझौता किए गए आपराधिक मामले, आयकर अधिनियम में आपराधिक शिकायतें, मोटर दुर्घटना मुआवजा देने के मामले, वैवाहिक विवाद, संपादन प्रकरण व दिवाणी दावे व उपरोक्त प्रारूप में पूर्व-दाखिल प्रारंभिक मामले सुनवाई के लिए रखे जाते हैं।
राष्ट्रीय लोक अदालत के फायदे
-प्रकरण में जमा की गई संपूर्ण कोर्ट फी वापस मिलती है।
-लोक अदालत के फैसले को किसी भी अदालत में चुनौती नहीं दी जा सकती है।
-सामंजस्य से विवाद समाप्त होने पर समय और पैसा दोनों की बचत होती है।
-लोक अदालत में पक्षकार अपना पक्ष स्वयं रख सकते हैं।
यदि पक्ष लोक अदालत में विवाद को सौहार्दपूर्ण ढंग से निपटाना चाहते हैं, तो उन्हें तुरंत पुणे जिला कानूनी सेवा प्राधिकरण कार्यालय या संबंधित तालुका कानूनी सेवा समिति से संपर्क करें अथवा मोबाइल नंबर 8591903612 या वश्रीर्रिीपश2ऽसारळश्र.लेा ईमेल पर संपर्क करें। यह अपील जिला कानून सेवा प्राधिकरण के सचिव प्रताप सावंत द्वारा की गई है।

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