पुणे, अप्रैल (हड़पसर एक्सप्रेस न्यूज नेटवर्क)
स्टेशन मास्टर, टिकट जांच कर्मचारी और वाणिज्य क्लर्क जैसे फ्रंटलाइन कर्मचारियों के लिए कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग, क्षमता विकास आयोग और रेल मंत्रालय द्वारा सिविल सेवा में क्षमता निर्माण के लिए राष्ट्रीय कार्यक्रम मिशन कर्मयोगी के अंतर्गत पुणे रेल मंडल के वाणिज्य और परिचालन विभाग द्वारा पुणे, तलेगांव और मिरज में 30 मार्च से 26 अप्रैल तक 971 फ्रंटलाइन स्टाफ को प्रशिक्षित किया गया।
मंडल रेल प्रबंधक श्रीमती रेणु शर्मा, वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री सुनील मिश्रा तथा वरिष्ठ मंडल परिचालन प्रबंधक डॉ. स्वप्निल निला ने प्रशिक्षण सत्रों के दौरान प्रतिभागियों को संबोधित किया तथा सौंपी गई जिम्मेदारियों को निभाने के लिए प्रतिभागियों की दक्षता बढ़ाने पर बल दिया। भाग लेने वाले कर्मचारियों ने मिशन रेल कर्मयोगी प्रशिक्षण मॉड्यूल की सराहना की तथा आपसी संवाद सत्रों के दौरान स्वयं आकलन प्रस्तुत करने में सक्रिय रूप से भाग लिया। प्रशिक्षण के दौरान प्रशिक्षणार्थियों से सकारात्मक प्रतिक्रिया और सुझाव प्राप्त हुए।
मिशन कर्मयोगी प्रशिक्षण कार्यक्रम, फ्रंटलाइन स्टाफ के पेशेवर दृष्टिकोण को बदलकर उनके माध्यम से नागरिक-केंद्रितता हासिल कर मिशन के अंतिम उद्देश्य आम आदमी के जीवनयापन को आसान बनाने में सफल होगा।
यह जानकारी पुणे रेल मंडल के जनसंपर्क अधिकारी श्री मनोज झंवर द्वारा दी गई है।
स्टेशन मास्टर, टिकट जांच कर्मचारी और वाणिज्य क्लर्क जैसे फ्रंटलाइन कर्मचारियों के लिए कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग, क्षमता विकास आयोग और रेल मंत्रालय द्वारा सिविल सेवा में क्षमता निर्माण के लिए राष्ट्रीय कार्यक्रम मिशन कर्मयोगी के अंतर्गत पुणे रेल मंडल के वाणिज्य और परिचालन विभाग द्वारा पुणे, तलेगांव और मिरज में 30 मार्च से 26 अप्रैल तक 971 फ्रंटलाइन स्टाफ को प्रशिक्षित किया गया।
मंडल रेल प्रबंधक श्रीमती रेणु शर्मा, वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री सुनील मिश्रा तथा वरिष्ठ मंडल परिचालन प्रबंधक डॉ. स्वप्निल निला ने प्रशिक्षण सत्रों के दौरान प्रतिभागियों को संबोधित किया तथा सौंपी गई जिम्मेदारियों को निभाने के लिए प्रतिभागियों की दक्षता बढ़ाने पर बल दिया। भाग लेने वाले कर्मचारियों ने मिशन रेल कर्मयोगी प्रशिक्षण मॉड्यूल की सराहना की तथा आपसी संवाद सत्रों के दौरान स्वयं आकलन प्रस्तुत करने में सक्रिय रूप से भाग लिया। प्रशिक्षण के दौरान प्रशिक्षणार्थियों से सकारात्मक प्रतिक्रिया और सुझाव प्राप्त हुए।
मिशन कर्मयोगी प्रशिक्षण कार्यक्रम, फ्रंटलाइन स्टाफ के पेशेवर दृष्टिकोण को बदलकर उनके माध्यम से नागरिक-केंद्रितता हासिल कर मिशन के अंतिम उद्देश्य आम आदमी के जीवनयापन को आसान बनाने में सफल होगा।
यह जानकारी पुणे रेल मंडल के जनसंपर्क अधिकारी श्री मनोज झंवर द्वारा दी गई है।

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