मुख्य समाचार

6/recent/ticker-posts

डॉ. बाबासाहब आंबेडकर द्वारा दिए गए संविधान के कारण है देश में राजनीतिक स्थिरता : सांसद शरद पवार

मुंबई, अप्रैल (महासंवाद)
आज जब हम अपने देश के पड़ोसियों को देखते हैं, तो हमें राजनीतिक स्थिरता और लोकतंत्र का मूल्य दिखाई देता है। भारत की राजनीतिक स्थिरता भारतरत्न डॉ. बाबासाहब आंबेडकर द्वारा दिये गए संविधान के कारण ही है। यह गौरवोद्गार सांसद शरद पवार ने व्यक्त किए। राज्य के सामाजिक न्याय और विशेष सहायता विभाग द्वारा डॉ. बाबासाहब आंबेडकर की 131 वीं जयंती के अवसर पर यशवंतराव चव्हाण प्रतिष्ठान में राज्यस्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया था, तब वे बोल रहे थे। यहां उपमुख्यमंत्री अजीत पवार, जलसंपदा मंत्री जयंत पाटिल, गृहमंत्री दिलीप वलसे-पाटिल, सामाजिक न्याय व विशेष सहायता विभाग के राज्यमंत्री डॉ. विश्वजीत कदम व सांसद सुप्रिया सुले आदि प्रमुख रूप से उपस्थित थे।
सांसद शरद पवार ने कहा कि भारत जैसे खंडप्राय देश में जहां अनेक धर्म, जाति और विविधता है, वहां राजनीति स्थिरता निर्माण करने का श्रेय डॉ. बाबासाहब आंबेडकर को ही जाता है। भारतीय संविधान का निर्माण का महान कार्य तो बाबासाहब ने किया ही, साथ ही वे अर्थशास्त्री भी थे। उन्होंने देश की अर्थव्यवस्था को जो दिशा दिखाई, उससे स्वतंत्र भारत की प्रगति को गति मिली। आज जब हम देखते हैं बिजली की कमी की समस्या, उस समय बाबासाहब ने स्वतंत्र भारत में बिजली उत्पादन को अधिक महत्व देना चाहिए, इसके लिए जो आग्रही भूमिका निभाई, उसका महत्व अधिक समझ में आता है। जल विद्युत निर्मिती और सेंटल पॉवर ग्रिड के लिए किए गए कार्य निश्चित रूप से महत्वपूर्ण हैं। देश में उद्योग व्यवसाय बढ़ना चाहिए और उसके साथ ही श्रमिकों के अधिकारों पर हमला नहीं होना चाहिए। आज जब हम देश भर में भ्रमण करते हैं तो हमें पता चलता है कि बाबासाहब के विचार कितने गहराई तक पहुँच चुके हैं। डॉ. बाबासाहब आंबेडकर, राजर्षि शाहू महाराज और महात्मा फुले के विचारों से समाज में समता, बंधुता और न्याय ने इन सिद्धांतों को विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ने कहा कि सामाजिक न्याय एवं विशेष सहायता विभाग द्वारा पिछले दो वर्षों में किया गया कार्य निश्चित रूप से काबिले तारीफ है। विभाग को किसी भी प्रकार की आर्थिक परेशानी नहीं आएगी, इसका ध्यान रखा गया है। मुंबई में इंदु मिल की जगह पर हो रहे डॉ. बाबासाहब आंबेडकर का स्मारक अगले दो साल में बनकर तैयार हो जाएगा, ऐसा मुझे विश्वास है। इसके साथ ही लंदन स्थित बाबासाहब के घर का संग्रहालय में रूपांतरण करने के लिए 15 करोड़ रुपयों की निधि मंजूर की गई है। इस विभाग के मंत्री धनंजय मुडे ने विभाग की ओर से छात्रों, उद्यमियों और जमीनीस्तर के कार्यकर्ताओं को सरकार की योजनाओं से अवगत कराने के लिए एक महत्वपूर्ण कार्य किया है। आज बार्टी जैसी संस्थाओं के सहयोग से अखिल भारतीय सिविल सेवा में छात्र-छात्राएं पास हो रहे हैं। साथ ही विभिन्न छात्रवृत्तियों के माध्यम से बच्चे विदेशों में अच्छे शिक्षण संस्थानों से उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं।
जलसंपदा मंत्री जयंत पाटिल ने कहा कि राज्य के सामाजिक न्याय व विशेष सहायता विभाग की छात्रवृत्ति के कारण राज्य के वंचित और गरीब वर्ग के बच्चे को विदेश में उच्च शिक्षा प्राप्त करना संभव हुआ है। 2003 में जब मैं वित्त मंत्री था, तब वंचित वर्ग के योग्य बच्चों को विदेशी शिक्षा मिलनी चाहिए, तब हमने पहली बार योजना बनाई। आज उस योजना के सकारात्मक परिणाम दिख रहे हैं। सामाजिक न्याय व विशेष सहायता विभाग के मंत्री धनंजय मुंडे द्वारा इन वर्गों के छात्रों और उद्यमियों को प्रोत्साहित करने के लिए जो कार्य किया जा रहा है वह निश्चित रूप से महत्वपूर्ण है। उनके प्रयासों से इंदु मिल में बाबासाहब के स्मारक की ऊंचाई एक सौ फीट तक बढ़ा दी गई है।
इस दौरान समान अवसर केंद्र (र्र्एिींरश्र र्जििेीीींपळीूं उशपींशी), बार्टी द्वारा किए जा रहे बेंचमार्क सर्वे और स्वयं सहायता युवा गुट का ऑनलाइन उद्घाटन किया गया। इसके साथ ही विभाग द्वारा शुरू अनेक योजनाओं की जानकारी देने वाली विभिन्न पुस्तिकाओं का भी विमोचन किया गया।
तत्पूर्वी बार्टी द्वारा सामाजिक न्याय और विशेष सहायता विभाग के तहत प्रशिक्षण प्राप्त और केन्द्रीय लोकसेवा आयोग परीक्षा में सफलता प्राप्त करने वाले सचिन पवार, सौरभ व्हटकर, अर्चना वानखेडे का प्रातिनिधिक स्वरूप में अतिथियों के शुभ हाथों सत्कार किया गया। इस अवसर पर अर्चना वानखेडे ने अपनी भावना व्यक्त की। इसके बाद मार्जिन योजना का लाभ लेने वाले अश्विनी पार्सेकर, वैशाली खांडेकर, सुचिता गवली, विद्या हांडोरे का भी सत्कार किया गया। इसके साथ ही विदेशी छात्रवृत्तिधारक विद्यार्थियों में से पवनकुमार सूर्यवंशी, अतुल कांबले, सुमित कांबले को भी सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के पहले आनंद शिंदे ने ‘स्वरांजलि’ नामक कार्यक्रम पेश किया। प्रास्ताविक सामाजिक न्याय व विशेष सहायता विभाग के सचिव सुमंत भांगे ने किया। समाज कल्याण पुणे विभाग के आयुक्त डॉ. प्रशांत नारनवरे ने आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर बार्टी के महासंचालक धम्मज्योति गजभिये उपस्थित थे।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ