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कई राज्य लोड शेडिंग से जूझ रहे हैं परंतु महाराष्ट्र को महावितरण की सफल योजना के कारण लोड शेडिंग से राहत

प्रदेश में चार दिनों से निर्बाध विद्युत आपूर्ति
मुंबई, अप्रैल (हड़पसर एक्सप्रेस न्यूज नेटवर्क)

देश भर के कई राज्य कोयले की कमी के कारण बिजली की कमी का सामना कर रहे हैं। नेशनल लोड डिस्पैच सेंटर के आज के आंकड़ों के मुताबिक उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा, राजस्थान जैसे राज्यों में जहां 9 से 15 फीसदी बिजली की कमी है वहीं महावितरण द्वारा की गई प्रभावी योजना के कारण जब एक प्रतिशत तक बिजली की कमी थी, राज्य में घाटा शून्य प्रतिशत यानी मांग के अनुसार आपूर्ति में कमी आई थी। नतीजतन, राज्य में लोड शेडिंग में कटौती की गई है और महावितरण की प्रभावी योजना सफल होती दिख रही है। नतीजतन, पिछले चार दिनों में राज्य के किसी भी हिस्से में कोई लोड शेडिंग नहीं हुई है। महावितरण ने सभी प्रकार के फीडरों को निर्बाध बिजली आपूर्ति प्रदान की है और बढ़ते तापमान में ग्राहकों को बड़ी राहत दी है।
देश के 10 प्रमुख राज्यों में कोयले की भारी कमी से बिजली उत्पादन प्रभावित हुआ है। चूंकि अन्य राज्यों में भारी भार है। प्रदेश के लोगों को भार नियमन से राहत दिलाने के लिए मुख्यमंत्री श्री उद्धव ठाकरे ने पिछले कुछ दिनों में कई बैठकें की हैं और उन्हें जल्द से जल्द आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं. तदनुसार , ऊर्जा मंत्री डॉ. नितिन राउत, ऊर्जा राज्य मंत्री प्राजक्ता तनपुरे, प्रमुख सचिव (ऊर्जा) श्री दिनेश वाघमारे और महावितरण के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक श्री विजय सिंघल के नेतृत्व में महावितरण ने बिजली की मांग और उपलब्धता की प्रभावी योजना बनाई है, जिसके परिणामस्वरूप राज्य में बिजली की उपलब्धता में भारी वृद्धि हुई है।
पिछले एक हफ्ते में अडानी पावर ने अपनी उपलब्धता 1700 मेगावाट से बढ़ाकर 3011 मेगावाट, महानिर्मिती ने 6800 मेगावाट से बढ़ाकर 7500 मेगावाट, एनटीपीसी ने 4800 मेगावाट से 5200 मेगावाट तक अपनी उपलब्धता बढ़ायी है। इसके अलावा महावितरण के निरंतर अनुवर्तन के कारण साई वर्धा परियोजना से बिजली उत्पादन 140 मेगावाट से बढ़ाकर 240 मेगावाट किया गया है। वहीं, सीजीपीएल के तहत 760 मेगावाट के ठेके में से शेष 130 मेगावाट बिजली की आपूर्ति 24 अप्रैल से शुरू कर दी गई है। एनटीपीसी की बिजली उत्पादन परियोजना का बंद सेट 25 अप्रैल से चालू है, जिसमें से 250 मेगावाट बिजली आपूर्ति शुरू हो गई है। इन सभी योजनाओं के साथ-साथ महावितरण द्वारा मांग पर कोयना जलविद्युत परियोजना से बिजली का उत्पादन और बिजली एक्सचेंज से उपलब्ध दरों पर क्रय शक्ति की आपूर्ति की जा रही है और इसलिए आज राज्य में कहीं भी लोड शेडिंग नहीं हुई है।
सोमवार सुबह महावितरण की बिजली की मांग 23,850 मेगावाट थी। इसके लिए महानिर्मिति की तापीय परियोजनाओं से 7379 मेगावाट, केंद्र से 5730 मेगावाट, उरण गैस परियोजना से 218 मेगावाट, अडानी से 3011 मेगावाट, आरपीएल से 1200 मेगावाट, कोयना जलविद्युत परियोजना से 40 मेगावाट, साई वर्धा से 24 मेगावाट और 11 सौर परियोजनाओं से राज्य के बाहर, पवन ऊर्जा परियोजनाओं से 239 मेगावाट, सह-उत्पादन परियोजनाओं से 977 मेगावाट, सूक्ष्म जलविद्युत और अन्य स्रोतों से 224 मेगावाट, इसलिए पिछले चार दिनों से महावितरण सभी बिजली लाइनों को निर्बाध बिजली आपूर्ति और कृषि पंपों को भी निर्धारित समय के अनुसार बिजली आपूर्ति प्रदान कर रहा है। सोमवार (25) को भी निर्बाध बिजली आपूर्ति का यही हाल रहा। इससे राज्य के नागरिकों और किसानों को बड़ी राहत मिली है। यद्यपि वर्तमान में बिजली की स्थिति अनुकूल है, महावितरण प्रभावी योजना को लागू करने के लिए मुख्यालय और जिलास्तर पर वार रूम के माध्यम से घंटे के आधार पर काम कर रहा है।
महावितरण द्वारा बिजली की पर्याप्त उपलब्धता और लोड प्रबंधन सुनिश्चित करने के प्रयास किए जा रहे हैं ताकि किसी भी परिस्थिति में लोड शेडिंग न करनी पड़े। महावितरण यह सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है कि आने वाले वर्षों में यह स्थिति बनी रहे। लोड प्रबंधन के क्रियान्वयन के लिए मुख्यालय व जिलास्तर पर स्थापित वार रूम से भी इसकी समीक्षा की जा रही है।
यह जानकारी पुणे महावितरण कंपनी के मुख्य अभियंता कार्यालय, पुणे परिमंडल के जनसंपर्क अधिकारी श्री निशिकांत राऊत द्वारा दी गई है।

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