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रक्षा लेखा प्रधान नियंत्रक (अफसर) कार्यालय में डॉ. बाबासाहब आंबेडकर जयंती धूमधाम से मनाई गई

पुणे, अप्रैल (हड़पसर एक्सप्रेस न्यूज नेटवर्क)

दिनांक 14 अप्रैल 2022 के पूर्वाह्न में, रक्षा लेखा प्रधान नियंत्रक (अफसर) पुणे कार्यालय में भारतरत्न परामपूज्य डॉ. भीमराव आंबेडकर जयंती धार्मिक उत्साह एवं सद्भावनापूर्ण वातावरण में बहुत रीति से उल्लासपूर्वक मनाई गई। आयोजन के दौरान कार्यालय के सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने संविधान की प्रस्तावना को क्रमशः हिन्दी एवं अंग्रेजी में पढ़ा।   
इस पावन अवसर पर कार्यालय के प्रधान नियंत्रक डॉ. राजीव चव्हाण, भारलेसे, एनडीसी  द्वारा कार्यालय के पार्श्व कक्ष (फोयर) में देशरत्न डॉ. भीमराव आंबेडकर की  प्रतिमा  पर माल्यार्पण कर श्रद्धा सुमन अर्पित किये गये। तत्पश्चात कार्यालय के संयुक्त नियंत्रक श्री चन्द्र प्रकाश, भारलेसे सहित उपस्थित स्कन्ध अधिकारियों द्वारा पुष्पांजलि अर्पित कर महान शिक्षाविद एवं संविधान निर्माण में प्रमुख भूमिका निभाने वाले डॉ. आंबेडकर को ‘मानवंदना’ अर्पित की।
उक्त कार्यक्रम का शुभारंभ  श्री लहना सिंह, भारलेसे, उप नियंत्रक द्वारा प्रधान नियंत्रक डॉ. चव्हाण को पुष्पगुच्छ भेंटकर किया गया। अपने स्वागत उद्बोधन में श्री लहना सिंह, उप नियंत्रक ने कहा कि बाबासाहब नाम से लोकप्रिय डॉ. भीमराव आंबेडकर, स्वतंत्र भारत के प्रथम विधि एवं न्याय मंत्री, भारतीय संविधान के जनक एवं भारत गणराज्य के निर्माता थे। तत्पश्चात उप नियंत्रक महोदय ने आदरणीय प्रधान नियंत्रक से राष्ट्र निर्माता डॉ. आंबेडकर के बारे में अपने विचारों से उपस्थित कार्मिकों के मार्गदर्शन का अनुरोध किया। 
अपने प्रमुख उद्बोधन में डॉ. चव्हाण ने सभी को भारतरत्न डॉ. भीमराव आंबेडकर जयंती की बधाई दी तथा महान देश विभूति को आदरांजली अर्पित की। उन्होंने बताया कि भारतीय संविधान के मसौदा समिति के रचयिता, समाज सुधारक और युगपुरुष डॉ. भीमराव आंबेडकर जी का जन्म 14 अप्रैल 1891 को मध्य प्रदेश के एक छोटे से गांव महू में हुआ था। वे समाज में दलित वर्ग को समानता दिलाने के लिए जीवन भर संघर्ष करते रहे। उनके विचारों ने लाखों युवाओं को प्रेरित किया और उनके विचारों पर चलकर कई युवाओं की जिंदगी बदल गई। सम्पूर्ण विश्व में इस दिवस को शिक्षा दिवस के रूप में मनाया  जाता है। उनके अनमोल विचार शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष  करो  आज भी प्रासंगिक है। उनका कहना था, वे इतिहास नहीं बना सकते जो इतिहास को भूल जाते हैं। जीवन की हर विधाओं के बारे में उनके स्पष्ट विचार बरबस आकर्षित करते हैं। महिला सशक्तिकरण के पुरोधा डॉ. आंबेडकर का कथन मैं एक समुदाय की प्रगति को उस डिग्री से मापता हूं जो महिलाओं ने हासिल की है, आज के युग में बिलकुल सटीक एवं सार्थक है। ऐसे महान विभूति को शत-शत नमन।
अंत में श्री आकाशदीप राय, भारलेसे, सहायक नियंत्रक ने धन्यवाद ज्ञापन अर्पित किया। कार्यक्रम का आयोजन और सुचारु रूप से संचालन कोविड-19 महामारी से बचाव के भारत सरकार द्वारा जारी प्रोटोकॉल मापदण्डों का पालन करते हुए किया गया। इस अवसर पर श्री राजेश कालिया, वरिष्ठ लेखा अधिकारी, श्री कैलाश कुमार सिंह, सहायक लेखा अधिकारी, श्री गौरव बधे,लिपिक  सहित अन्य अधिकारियों ने उपस्थित होकर कार्यक्रम की गरिमा और शोभा बढ़ाने में अमूल्य योगदान दिया। 
यह जानकारी पुणे रक्षा विभाग के जनसंपर्क अधिकारी श्री महेश अय्यंगार द्वारा दी गई है।

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