पुणे, अप्रैल (हड़पसर एक्सप्रेस न्यूज नेटवर्क)
हर साल 11 अप्रैल को महाराष्ट्र के सामाजिक कार्यकर्ता, शिक्षाविद विचारक, लेखक, जाति-विरोधी योद्धा और समाज सुधारक महात्मा ज्योतिबा फुले की जयंती मनाई जाती है। महात्मा ज्योतिबा फुले ने भारत में अस्पृश्यता और जाति व्यवस्था के उन्मूलन की दिशा में महत्वपूर्ण काम किया। अपनी पत्नी सावित्रीबाई फुले के साथ, उन्होंने महिलाओं के लिए स्कूली शिक्षा की सुविधा, महिला मुक्ति और सशक्तिकरण की दिशा में आजीवन संघर्ष किया। उन्होंने 1848 में लड़कियों के लिए पहला स्कूल शुरू किया। राष्ट्र इस महान क्रांतिकारी का सदा ऋणी रहेगा।
इस पावन अवसर पर कार्यालय के डॉ. राजीव एस. चव्हाण, भा र ले से, एनडीसी, र ले प्र नि (अ), पुणे ने महात्मा ज्योतिबा फुले को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की और उनकी तस्वीर पर माल्यार्पण और पुष्पांजलि अर्पित की। इस अवसर पर उद्घाटन भाषण श्री लहना सिंह, भा र ले से., र ले उप नियंत्रक द्वारा दिया गया। डॉ. राजीव एस. चव्हाण, भा र ले से, एनडीसी, र ले प्र नि (अ), पुणे ने अपने बीज उद्बोधन में महात्मा ज्योतिबा फुले के जीवन के विभिन्न रंगों पर प्रकाश डाला, जिनको भारत का शक्ति विचारक, दार्शनिक और लेखक माना जाता है। उन्होंने वाक्पटुता से अस्पृश्यता के उन्मूलन को बढ़ावा दिया और अपने समय की सभी बाधाओं के खिलाफ जैसे बालिका शिक्षा और महिलाओं के कल्याण को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने सभी से अपने दैनिक जीवन में उनका अनुकरण करने, उनकी पूजा करने और उनका अनुसरण करने और दिखाए गए मार्ग पर चलने की अपील की।
दिनांक 11 अप्रैल 2022 को शाम 4 बजे र ले प्र नि (अ), पुणे के कार्यालय के अग्र भाग में सभी कोविड प्रोटोकॉल और कोविड-19 रोकथाम दिशानिर्देशों का पालन करते हुए मनाया गया। सभी उपस्थित लोगों ने सावधानीपूर्वक कोविड-19 उपयुक्त व्यवहार का पालन किया। तत्पश्चात, श्री चंद्र प्रकाश, भा र ले से, संयुक्त नियंत्रक, श्री लहाना सिंह, भा र ले से, , उप नियंत्रक और सभी उपस्थित लोगों ने पुष्पांजलि अर्पित की। श्री राजेश कालिया, वरिष्ठ लेखा अधिकारी, श्री उमा शंकर, लेखा अधिकारी और श्री कैलाश कुमार सिंह, स.ले.अ. भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
यह जानकारी पुणे रक्षा विभाग के जनसंपर्क अधिकारी श्री महेश अय्यंगार द्वारा दी गई है।
हर साल 11 अप्रैल को महाराष्ट्र के सामाजिक कार्यकर्ता, शिक्षाविद विचारक, लेखक, जाति-विरोधी योद्धा और समाज सुधारक महात्मा ज्योतिबा फुले की जयंती मनाई जाती है। महात्मा ज्योतिबा फुले ने भारत में अस्पृश्यता और जाति व्यवस्था के उन्मूलन की दिशा में महत्वपूर्ण काम किया। अपनी पत्नी सावित्रीबाई फुले के साथ, उन्होंने महिलाओं के लिए स्कूली शिक्षा की सुविधा, महिला मुक्ति और सशक्तिकरण की दिशा में आजीवन संघर्ष किया। उन्होंने 1848 में लड़कियों के लिए पहला स्कूल शुरू किया। राष्ट्र इस महान क्रांतिकारी का सदा ऋणी रहेगा।
इस पावन अवसर पर कार्यालय के डॉ. राजीव एस. चव्हाण, भा र ले से, एनडीसी, र ले प्र नि (अ), पुणे ने महात्मा ज्योतिबा फुले को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की और उनकी तस्वीर पर माल्यार्पण और पुष्पांजलि अर्पित की। इस अवसर पर उद्घाटन भाषण श्री लहना सिंह, भा र ले से., र ले उप नियंत्रक द्वारा दिया गया। डॉ. राजीव एस. चव्हाण, भा र ले से, एनडीसी, र ले प्र नि (अ), पुणे ने अपने बीज उद्बोधन में महात्मा ज्योतिबा फुले के जीवन के विभिन्न रंगों पर प्रकाश डाला, जिनको भारत का शक्ति विचारक, दार्शनिक और लेखक माना जाता है। उन्होंने वाक्पटुता से अस्पृश्यता के उन्मूलन को बढ़ावा दिया और अपने समय की सभी बाधाओं के खिलाफ जैसे बालिका शिक्षा और महिलाओं के कल्याण को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने सभी से अपने दैनिक जीवन में उनका अनुकरण करने, उनकी पूजा करने और उनका अनुसरण करने और दिखाए गए मार्ग पर चलने की अपील की।
दिनांक 11 अप्रैल 2022 को शाम 4 बजे र ले प्र नि (अ), पुणे के कार्यालय के अग्र भाग में सभी कोविड प्रोटोकॉल और कोविड-19 रोकथाम दिशानिर्देशों का पालन करते हुए मनाया गया। सभी उपस्थित लोगों ने सावधानीपूर्वक कोविड-19 उपयुक्त व्यवहार का पालन किया। तत्पश्चात, श्री चंद्र प्रकाश, भा र ले से, संयुक्त नियंत्रक, श्री लहाना सिंह, भा र ले से, , उप नियंत्रक और सभी उपस्थित लोगों ने पुष्पांजलि अर्पित की। श्री राजेश कालिया, वरिष्ठ लेखा अधिकारी, श्री उमा शंकर, लेखा अधिकारी और श्री कैलाश कुमार सिंह, स.ले.अ. भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
यह जानकारी पुणे रक्षा विभाग के जनसंपर्क अधिकारी श्री महेश अय्यंगार द्वारा दी गई है।

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